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65 होली संवेदनशील, 21 अतिसंवेदनशील
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 16 Feb 2015 11:41 PM IST
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होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनवाने के लिए पुलिस कमर कसने लगी है। पुलिस
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महकमे के आलाधिकारियों ने होली के त्योहार के मद्देनजर मातहताें को अलर्ट
कर दिया है। जिले में 21 होलियां अति संवेदनशील व 65 होलियां संवेदनशील
हैं। होली मिलन समारोह के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी
रहती है।
त्योहार की आड़ में रंजिश या बदले की भावना से मारपीट और हत्या जैसी घटनाएं हो जाती हैं। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंकाएं बन जाती हैं। होली पर रंग खेलने के दौरान दूसरे संप्रदायों और उनके धार्मिक स्थलों पर रंग, कीचड़ पड़ जाने से और उनके क्षेत्रों से गुजरते समय ध्वनि विस्तारक यंत्रो की आवाज के कारण दोनों गुटों के बीच टकराव की आशंका रहती है। इनसे बचने के लिए जिले में धारा 144 लगाई जा चुकी है। पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है।
इन कारणों से होता विवाद
नए स्थलों पर होलिका दहन से विवाद उत्पन्न हो सकता है। शरारती तत्वों के होलिका में छप्पर, तखत, गुमटी, लकड़ी डालने और समय से पूर्व होलिका में आग लगा दिए जाने पर भी विवाद की स्थिति बन जाती है। होलिका के जुलूस में और नशा, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने, पुरानी रंजिश को लेकर अप्रिय घटनाएं, राहगीरों और दुकानदारों तथा वाहन चालको से जबरन चंदा वसूले जाने पर झगड़ा होता है।
जिले में 1678 स्थानों पर होगा होलिका दहन
जिले में होलिका दहन किए जाने वाले स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र में 134 स्थानों पर होलिका दहन के किया जाएगा। कोतवाली फतेहगढ़ में 117, मऊदरवाजा में 71, मोहम्मदाबाद में 181, नबावगंज में 209, जहानगंज में 103, राजेपुर में 116, अमृतपुर में 115, कमालगंज में 121, कायमगंज में 112, कंपिल में 170, मेरापुर में 120 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा।
होलिका दहन के 21 स्थान अतिसंवेदनशील
जिले भर में विवादित होलिका दहन के स्थलों को चिन्हित कर उन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। थाना नबावगंज में 8 स्थान अतिसंवेदनशील होलिका दहन के चिन्हित किए गए हैं। थाना मेरापुर में 1, कमालगंज में 7, जहानगंज में 1, अमृतपुर में 2, शमसाबाद में 2 स्थानों को चिन्हित किया गया है।
65 स्थान संवेदनशील
शहर कोतवाली में 25 स्थान होलिका दहन के संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। थाना नबावगंज में 15, कमालगंज में 14, मेरापुर में 11 होलिका दहन के स्थान संवेदनशील श्रेणी में हैं।
त्योहार की आड़ में रंजिश या बदले की भावना से मारपीट और हत्या जैसी घटनाएं हो जाती हैं। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंकाएं बन जाती हैं। होली पर रंग खेलने के दौरान दूसरे संप्रदायों और उनके धार्मिक स्थलों पर रंग, कीचड़ पड़ जाने से और उनके क्षेत्रों से गुजरते समय ध्वनि विस्तारक यंत्रो की आवाज के कारण दोनों गुटों के बीच टकराव की आशंका रहती है। इनसे बचने के लिए जिले में धारा 144 लगाई जा चुकी है। पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है।
इन कारणों से होता विवाद
नए स्थलों पर होलिका दहन से विवाद उत्पन्न हो सकता है। शरारती तत्वों के होलिका में छप्पर, तखत, गुमटी, लकड़ी डालने और समय से पूर्व होलिका में आग लगा दिए जाने पर भी विवाद की स्थिति बन जाती है। होलिका के जुलूस में और नशा, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने, पुरानी रंजिश को लेकर अप्रिय घटनाएं, राहगीरों और दुकानदारों तथा वाहन चालको से जबरन चंदा वसूले जाने पर झगड़ा होता है।
जिले में 1678 स्थानों पर होगा होलिका दहन
जिले में होलिका दहन किए जाने वाले स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र में 134 स्थानों पर होलिका दहन के किया जाएगा। कोतवाली फतेहगढ़ में 117, मऊदरवाजा में 71, मोहम्मदाबाद में 181, नबावगंज में 209, जहानगंज में 103, राजेपुर में 116, अमृतपुर में 115, कमालगंज में 121, कायमगंज में 112, कंपिल में 170, मेरापुर में 120 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा।
होलिका दहन के 21 स्थान अतिसंवेदनशील
जिले भर में विवादित होलिका दहन के स्थलों को चिन्हित कर उन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। थाना नबावगंज में 8 स्थान अतिसंवेदनशील होलिका दहन के चिन्हित किए गए हैं। थाना मेरापुर में 1, कमालगंज में 7, जहानगंज में 1, अमृतपुर में 2, शमसाबाद में 2 स्थानों को चिन्हित किया गया है।
65 स्थान संवेदनशील
शहर कोतवाली में 25 स्थान होलिका दहन के संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। थाना नबावगंज में 15, कमालगंज में 14, मेरापुर में 11 होलिका दहन के स्थान संवेदनशील श्रेणी में हैं।