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कूड़े के ढेर में मिला नवजात शिशु, आशा ने अपनाया
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव दोषपुर में किसी मां ने लोकलाज से बचने के लिए कलेजे के टुकड़े को कूड़े के ढेर पर फेंक दिया। मासूम को कुत्तों ने नोचकर जख्मी कर दिया। यह सुनकर पड़ोस की महिलाएं पहुंच गईं। गांव की एक आशा कार्यकर्ता ने उसे अपना आंचल दिया और इलाज कराया।
कटरी क्षेत्र के गांव दोषपुर में बुधवार सुबह सुबह बच्चा जख्मी हालत में रो रहा था। बच्चे के रोने आवाज सुनकर कुछ महिलाएं पहुंच गईं। गांव की आशा कार्यकर्ता सुनीता पत्नी सर्वेश कश्यप भी पहुंची और उसे गोद में ले लिया। सुनीता के एक पुत्री है कोई पुत्र न होने की वजह से उन्होंने मासूम को अपना लिया।
कुत्तों के नोचने की वजह से वह जख्मी हो गया है। इसलिए सुनीता अपनी जेठानी के साथ उसे लेकर सीएचसी पहुंची। वहां डॉ. शिवप्रकाश ने प्राथमिक उपचार के बाद लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टर का कहना है कुत्ते के काटने से इंफेक्शन फैल सकता है। इसलिए उसे इलाज की जरूरत है।
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बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार ने बताया कि पहले बच्चा कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। वहां से उसके देखभाल की जिम्मेदारी तय होगी। चार माह तक यदि कोई परिजन नहीं आता है तो उसे गोद लेने की प्रक्रिया होगी। मैं खुद जाकर स्थिति देखूंगा।
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कटरी क्षेत्र के गांव दोषपुर में बुधवार सुबह सुबह बच्चा जख्मी हालत में रो रहा था। बच्चे के रोने आवाज सुनकर कुछ महिलाएं पहुंच गईं। गांव की आशा कार्यकर्ता सुनीता पत्नी सर्वेश कश्यप भी पहुंची और उसे गोद में ले लिया। सुनीता के एक पुत्री है कोई पुत्र न होने की वजह से उन्होंने मासूम को अपना लिया।
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कुत्तों के नोचने की वजह से वह जख्मी हो गया है। इसलिए सुनीता अपनी जेठानी के साथ उसे लेकर सीएचसी पहुंची। वहां डॉ. शिवप्रकाश ने प्राथमिक उपचार के बाद लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टर का कहना है कुत्ते के काटने से इंफेक्शन फैल सकता है। इसलिए उसे इलाज की जरूरत है।
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बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार ने बताया कि पहले बच्चा कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। वहां से उसके देखभाल की जिम्मेदारी तय होगी। चार माह तक यदि कोई परिजन नहीं आता है तो उसे गोद लेने की प्रक्रिया होगी। मैं खुद जाकर स्थिति देखूंगा।