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गंगा व रामगंगा में बाढ़ से अमृतपुर क्षेत्र के 20ा गांव चपेट में
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गांव कमथरी में पानी भरने से सड़क किनारे चारपाइयां खड़ी बनाई झोपड़ी के पास बच्चों के साथ बैठी महिल
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर/फर्रुखाबाद। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में गंगा व रामगंगा की बाढ़ ने तबाही मचा दी है। रामगंगा हाईफ्लड पार कर चुकी है। क्षेत्र के करीब 200 गांवों में पानी घुस चुका है। झोपड़ियां में पानी भरने से ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। अधिकांश गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया। प्रशासन द्वारा नाव के साथ नाविक उपलब्ध न कराने से ग्रामीणों में रोष है। वहीं क्षेत्र के करीब 150 स्कूल बाढ़ का पानी भरने से बंद हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (137.10 मीटर) और रामगंगा का खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर (137.75 मीटर) बह रहा है। आलम यह है कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र में दोनों नदियों का पानी आपस में मिल गया है। 200 गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। कई जगह रास्ते भी कट गए हैं। 150 से अधिक प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक व इंटर कालेज पानी भरने से बंद कर दिए गए हैं। गांव नगला पंखियान, पट्टी भरखा, अंबरपुर, चित्रकूट,
करनपुर घाट, कुड़री, भुड़रा, नऊअनपुरवा, बसायकपुर, कड़हर आदि के लोगों ने सड़क किनारे डेरा डाले हैं। कुछ गांवों में छतों पर रह रहे हैं। बाढ़ के कारण लोगों का काम भी नहीं मिल रहा है। इससे वह गैस सिलिंडर भी नहीं भरवा पा रहे हैं। लकड़ी गीली होने से चूल्हा जलाने की भी दिक्कत आ रही है।
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बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कटरीगंगपुर, मजरा छोटी गुलरिया, बड़ी गुलरिया व हुल्ल मड़ैया में भी बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। छोटी गुलरिया निवासी अरविंद, राजेश, बाबूराम के घरों में पानी भरा होने से भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया। ज्ञानेंद्र कुमार, संजय सिंह व वेदराम आदि के घरों में पानी भरा होने छत पर भोजन बनाया गया।(संवाद)
प्रशासन से 36 नाव उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन यह नावें पर्याप्त नहीं हैं। गांव भुड़रा के ग्रामीणों ने प्लास्टिक की चार कट्टियां (डिब्बे) आपस में बांधकर उसे चारपाई के नीचे रस्सी से बांधा। उसी से नाव का काम लेकर आवागमन कर रहे हैं। नावें कम होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
शमसाबाद। करीब 15 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 20 गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हैं। गांव रूपपुर मंगली, दाल के नगला, झौआ, कटरी तौफीक स्कूल व घरों में पानी भर भर गया है। सड़क जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया। स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से संबद्ध कर दिया गया। गांव कमथरी, बाजीदपुर, अचानकपुर, चितार, समैचीपुर, नगला बसोला, इस्लामनगर, अजीजाबाद, नगरिया सहित कई गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। इन गांवों के संपर्क मार्ग भी टूट गए हैं। (संवाद)
गांव रूपपुर मंगलीपुर निवासी शमसाबाद की ब्लाक प्रमुख सुषमा वर्मा के गांव में भी पानी भर गया है। वह परिवार के साथ फर्रुखाबाद शहर में रहती हैं। गांव के अलावा संतोषपुर का रास्ता कटने से मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा ने गांव अचानकपुर, कटरी तौफीक, झौआ, रूपपुर मंगलीपुर, चंपतपुर आदि गांवों में बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री बांटी। कमथरी गांव में ग्रामीण सड़क किनारे रहने के लिए मजबूर हैं। (संवाद)
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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (137.10 मीटर) और रामगंगा का खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर (137.75 मीटर) बह रहा है। आलम यह है कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र में दोनों नदियों का पानी आपस में मिल गया है। 200 गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। कई जगह रास्ते भी कट गए हैं। 150 से अधिक प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक व इंटर कालेज पानी भरने से बंद कर दिए गए हैं। गांव नगला पंखियान, पट्टी भरखा, अंबरपुर, चित्रकूट,
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करनपुर घाट, कुड़री, भुड़रा, नऊअनपुरवा, बसायकपुर, कड़हर आदि के लोगों ने सड़क किनारे डेरा डाले हैं। कुछ गांवों में छतों पर रह रहे हैं। बाढ़ के कारण लोगों का काम भी नहीं मिल रहा है। इससे वह गैस सिलिंडर भी नहीं भरवा पा रहे हैं। लकड़ी गीली होने से चूल्हा जलाने की भी दिक्कत आ रही है।
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बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कटरीगंगपुर, मजरा छोटी गुलरिया, बड़ी गुलरिया व हुल्ल मड़ैया में भी बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। छोटी गुलरिया निवासी अरविंद, राजेश, बाबूराम के घरों में पानी भरा होने से भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया। ज्ञानेंद्र कुमार, संजय सिंह व वेदराम आदि के घरों में पानी भरा होने छत पर भोजन बनाया गया।(संवाद)
प्रशासन से 36 नाव उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन यह नावें पर्याप्त नहीं हैं। गांव भुड़रा के ग्रामीणों ने प्लास्टिक की चार कट्टियां (डिब्बे) आपस में बांधकर उसे चारपाई के नीचे रस्सी से बांधा। उसी से नाव का काम लेकर आवागमन कर रहे हैं। नावें कम होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
शमसाबाद। करीब 15 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 20 गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हैं। गांव रूपपुर मंगली, दाल के नगला, झौआ, कटरी तौफीक स्कूल व घरों में पानी भर भर गया है। सड़क जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया। स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से संबद्ध कर दिया गया। गांव कमथरी, बाजीदपुर, अचानकपुर, चितार, समैचीपुर, नगला बसोला, इस्लामनगर, अजीजाबाद, नगरिया सहित कई गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। इन गांवों के संपर्क मार्ग भी टूट गए हैं। (संवाद)
गांव रूपपुर मंगलीपुर निवासी शमसाबाद की ब्लाक प्रमुख सुषमा वर्मा के गांव में भी पानी भर गया है। वह परिवार के साथ फर्रुखाबाद शहर में रहती हैं। गांव के अलावा संतोषपुर का रास्ता कटने से मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा ने गांव अचानकपुर, कटरी तौफीक, झौआ, रूपपुर मंगलीपुर, चंपतपुर आदि गांवों में बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री बांटी। कमथरी गांव में ग्रामीण सड़क किनारे रहने के लिए मजबूर हैं। (संवाद)

गांव भुड़रा में गंगा के बाढ़ का पानी भरने से चारपाई की नाव बनाकर घर से सुरक्षित स्थान जाने के लिए स- फोटो : FARRUKHABAD

गांव भुड़रा के घरों में गंगा के बाढ़ का पानी भरने से चारपाई पर बैठ कर समय गुजारता परिवार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

गांव पट्टी भरखा में गंगा की बाढ़ का पानी घरों में भरने से छत पर रखे चूल्हे पर दूध गर्म करती युवती। ?- फोटो : FARRUKHABAD