फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   20 lakh fine on municipality for tainting the banks of Ganga

Farrukhabad News: गंगा के दामन को दागदार करने में पालिका पर 20 लाख जुर्माना

Wed, 13 Nov 2024 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
20 lakh fine on municipality for tainting the banks of Ganga
फर्रुखाबाद। गंगा को प्रदूषित करने में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर ने नगर पालिका परिषद पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग की जांच में चार नालों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिरता पाया गया। इस पर अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
विज्ञापन

शहर से सटे भैरोघाट पर गंगा में गिर रहे नाले के मुहाने पर अक्तूबर माह में लाखों मछलियों की जान चली गई थी। मामला संज्ञान में आते ही अमर उजाला ने 19 अक्तूबर के अंक में प्रथम पृष्ठ पर, भैरोंघाट पर गंगा में मर गईं लाखों मछलियां शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया।
विज्ञापन

इसके बाद बाद प्रशासन की नींद टूटी। डीएम ने नगर पालिका ईओ, मत्स्य विभाग, गंगा स्वच्छता इकाई और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कमेटी बनाकर 20 अक्तूबर को जांच कराई। प्रदूषण विभाग के अफसरों ने पहले दिन मामले में खानापूरी करनी चाही, तो संवाद न्यूज एजेंसी ने सही तथ्यों को उजागर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसका राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी संज्ञान ले लिया। डीएम ने दोबारा सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार, वैज्ञानिक सहायक योगेंद्र कुमार द्विवेदी, अनु सहायक एसके मिश्र और संदीप कुमार सोनियाल ने विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी इं. अमित मिश्रा को सौंप दी।
जांच रिपोर्ट में इसमें कहा कि फतेहगढ़ के हाथीखाना नाला, कैंट नाला, टोकाघाट-भैरोंघाट नाला, धीमरपुर नाले का साप्ताहिक निरीक्षण किया जाता है। इसमें नालों का जैविक शोधन (बायोरेमिडिएशन) का काम होता नहीं पाया गया। बारिश के बाद भी यह काम नहीं किया गया। अक्तूबर माह मेें चारों नालों के लिए गए नमूनो की विश्लेषण आख्या में प्रचालकों के मान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इससे गंगा जल की गुणवत्ता पर कुप्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। यह एनजीटी के पर्यावरण अधिनियमों का उल्लंघन है। ऐसे में जैविक शोधन कार्य न करने पर नगर पालिका फर्रुखाबाद पर 20 लाख रुपये (प्रत्येक नाले पर पांच-पांच लाख) की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया जाता है। यही नहीं नोटिस देने की संस्तुति भी की जाती है।

-----------
-फर्रुखाबाद में अक्तूबर माह में चार नालों की जांच में विभागीय टीम को जैविक शोधन होता नहीं पाया गया। लिहाजा एनजीटी के तय निर्देशों के अनुपालन में जिम्मेदार संस्था नगर पालिका फर्रुखाबाद 20 लाख रुपये का जुर्माना और कारण बताओ नोटिस जारी करने की संस्तुति कर मुख्य पर्यावरण अधिकारी लखनऊ को पत्र भेज दिया है। अब आगे की कार्रवाई वहीं से होगी।
-इं. अमित मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed