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अहम त्यागने वाले सतगुरु को प्यारे होते हैं
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शहर के बढ़पुर स्थित संत निरंकारी भवन में सोमवार को भक्तों ने समर्पण दिवस मनाकर बाबा हरदेव सिंह महाराज को याद किया। उन्हें विश्व शांति और मानवता के लिए पूूरा जीवन समर्पित करने वाला बताया गया।
संत निरंकारी भवन में बाबा हरदेव सिंह महाराज के बड़ी तादाद में अनुयायी सोमवार को जुटे। 13 मई 2016 को ब्रह्मलीन हुए बाबा की याद में समर्पण दिवस का आयोजन हुआ। अध्यक्षता कर रहे महात्मा डा.सुभाष ने बाबा के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बाबा ने संदेश दिया कि जो अहम को त्याग देते हैं वह सतगुरु को प्यारे होते हैं। उन्होंने निरंकार प्रभुु की जानकारी देकर लाखों लोगों को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त किया। सभी अनुयायियों ने बाबा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान महात्माओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन फूलचंद्र ने किया। ललित अरोरा आदि मौजूद रहे।
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सक्सेना वैश्य समाज कल्याण समिति की ओर से दूसरे दिन भी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कादरीगेट स्थित रतन कोल्ड स्टोरेज में किया गया। इसमें 25 जोड़ों की शादी कराई गई। इसमें जोड़ों को उपहार दिए गए। इसमें सेठ मुन्नू लाल सक्सेना, राजेंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना, अनिल सक्सेना व पुरोहित संजीव शास्त्री आदि रहे।
‘अहम त्यागने वाले सतगुरु को प्यारे होते हैं’
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संत निरंकारी भवन में बाबा हरदेव सिंह महाराज के बड़ी तादाद में अनुयायी सोमवार को जुटे। 13 मई 2016 को ब्रह्मलीन हुए बाबा की याद में समर्पण दिवस का आयोजन हुआ। अध्यक्षता कर रहे महात्मा डा.सुभाष ने बाबा के जीवन पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि बाबा ने संदेश दिया कि जो अहम को त्याग देते हैं वह सतगुरु को प्यारे होते हैं। उन्होंने निरंकार प्रभुु की जानकारी देकर लाखों लोगों को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त किया। सभी अनुयायियों ने बाबा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान महात्माओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन फूलचंद्र ने किया। ललित अरोरा आदि मौजूद रहे।
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सक्सेना वैश्य समाज कल्याण समिति की ओर से दूसरे दिन भी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कादरीगेट स्थित रतन कोल्ड स्टोरेज में किया गया। इसमें 25 जोड़ों की शादी कराई गई। इसमें जोड़ों को उपहार दिए गए। इसमें सेठ मुन्नू लाल सक्सेना, राजेंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना, अनिल सक्सेना व पुरोहित संजीव शास्त्री आदि रहे।
‘अहम त्यागने वाले सतगुरु को प्यारे होते हैं’