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तीसरी लहर से निपटने को 16 कंसन्ट्रेटर आए, 30 स्वीकृत
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फर्रुखाबाद। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनपद के लिए 30 कंसंट्रेटर स्वीकृत हुए हैं जबकि कार्पोरेशन से 16 कंसंट्रेटर चार सीएचसी के लिए भेज दिए गए हैं।
महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिए हाय-तौबा मची रही। प्राणवायु न मिलने से न जाने कितने लोगों ने अपनों को खो दिया। अब सितंबर-अक्तूबर में तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान न जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सबसे पहले अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था पूरी करने में जुटा है। कार्पोरेशन लखनऊ से 10 लीटर क्षमता के 16 कंसंट्रेटर भेज दिए गए हैं। चार-चार कंसंट्रेटर सीएचसी मोहम्मदाबाद, कायमगंज, कमालगंज व राजेपुर में भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा परिवर्तन संस्था कानपुर मंडल से 30 कंसंट्रेटर और स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा सीएचएसी बरौन, राजेपुर, फतेहगढ़ व कमालगंज में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। मोहम्मदाबाद सीएचसी में प्लांट लगकर तैयार हो गया है। इससे अब जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि चार सीएचसी के लिए 16 कंसंट्रेटर प्राप्त हो गए हैं जबकि 30 कानपुर से जिले के लिए आवंटित किए गए हैं। वह शीघ्र जल्दी ही आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि करीब 80 कंसंट्रेटर पहले से मौजूद हैं।
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फर्रुखाबाद। जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
कोरोना महामारी की पहली लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी के नाम पर मास्क और सैनिटाइजर की खरीद तक ही सीमित रहा। हालांकि तब जनहानि कम हुई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाया और कोरोना की दूसरी लहर ने जिले को चपेट में ले लिया। इससे संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम होना ही उनकी जान पर भारी पड़ गया। इससे कई मासूमों के सिर से माता-पिता का साया उठा तो किसी के बेटे की जान चली गई।
एल-2 अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था हुई तो पाइप लाइन न होने से किल्लत के बीच बर्बादी भी खूब हुई। अब तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सीएचसी फतेहगढ़ में 100 बेड, सीएचसी बरौन, राजेपुर व कमालगंज में 20-20 बेड के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन डाली जाएगी।
इससे मरीजों को भरपूर ऑक्सीजन मिलने के साथ इसकी बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। पाइप लाइन डालने के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि चार सीएचसी में पाइप लाइन डालने के लिए एस्टीमेट के अनुसार दो करोड़ 88 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते की काम शुरू करा दिया जाएगा।
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महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिए हाय-तौबा मची रही। प्राणवायु न मिलने से न जाने कितने लोगों ने अपनों को खो दिया। अब सितंबर-अक्तूबर में तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान न जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सबसे पहले अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था पूरी करने में जुटा है। कार्पोरेशन लखनऊ से 10 लीटर क्षमता के 16 कंसंट्रेटर भेज दिए गए हैं। चार-चार कंसंट्रेटर सीएचसी मोहम्मदाबाद, कायमगंज, कमालगंज व राजेपुर में भेजे जा रहे हैं।
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इसके अलावा परिवर्तन संस्था कानपुर मंडल से 30 कंसंट्रेटर और स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा सीएचएसी बरौन, राजेपुर, फतेहगढ़ व कमालगंज में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। मोहम्मदाबाद सीएचसी में प्लांट लगकर तैयार हो गया है। इससे अब जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि चार सीएचसी के लिए 16 कंसंट्रेटर प्राप्त हो गए हैं जबकि 30 कानपुर से जिले के लिए आवंटित किए गए हैं। वह शीघ्र जल्दी ही आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि करीब 80 कंसंट्रेटर पहले से मौजूद हैं।
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फर्रुखाबाद। जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
कोरोना महामारी की पहली लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी के नाम पर मास्क और सैनिटाइजर की खरीद तक ही सीमित रहा। हालांकि तब जनहानि कम हुई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाया और कोरोना की दूसरी लहर ने जिले को चपेट में ले लिया। इससे संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम होना ही उनकी जान पर भारी पड़ गया। इससे कई मासूमों के सिर से माता-पिता का साया उठा तो किसी के बेटे की जान चली गई।
एल-2 अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था हुई तो पाइप लाइन न होने से किल्लत के बीच बर्बादी भी खूब हुई। अब तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सीएचसी फतेहगढ़ में 100 बेड, सीएचसी बरौन, राजेपुर व कमालगंज में 20-20 बेड के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन डाली जाएगी।
इससे मरीजों को भरपूर ऑक्सीजन मिलने के साथ इसकी बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। पाइप लाइन डालने के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि चार सीएचसी में पाइप लाइन डालने के लिए एस्टीमेट के अनुसार दो करोड़ 88 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते की काम शुरू करा दिया जाएगा।