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ट्रक मालिक पर जान लेवा हमले में चालक और हेल्पर को दस साल की सजा
Updated Mon, 05 Nov 2018 10:56 PM IST
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फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश हर्ष वर्धन ने ट्रक मालिक पर जानलेवा हमला करने के मुकदमे के चालक और हेल्पर को दस-दस साल की सजा सुनाई है। 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शाहजहांपुर जिले के थाना मऊ क्षेत्र निवासी इस्लाम ने हाथरस जिले के थाना मुरसान के पीहरी निवासी ट्रक चालक रनवीर सिंह और हेल्पर नगला जार निवासी रामू उर्फ भूरा के खिलाफ शाहजहांपुर के थाना अल्लागंज में 5 मई 1991 में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह रामगंगा पुल के टोल टैक्स बैरियर पर गार्ड के पद पर तैनात था। 5 मई 1991 की रात करीब एक बजे शाहजहांपुर से एक ट्रक आया। इसका चालक रनवीर और हेल्पर रामू उर्फ भूरा था। ट्रक के ऊपर मालिक ओमप्रकाश बैठे थे। टोल टैक्स कटवाने के बाद ट्रक फर्रुखाबाद की ओर चल दिया। रामगंगा पुल के बीचोंबीच पहुंचने पर ट्रक रुक गया। यह देखकर वह राजेपुर निवासी रामरतन के साथ मौके पर गया। वहां चालक और हेल्पर ट्रक मालिक के पेट में चाकू मार रहे थे। यह देखकर ललकारा तो दोनों ने ट्रक मालिक को रामगंगा में फेंक दिया और ट्रक लेकर फर्रुखाबाद की ओर भाग गए।
पुल के नीचे जाकर घायल को बचाकर लाए। बाद में अल्लागंज थाने से मुकदमा राजेपुर थाने ट्रांसफर हुआ। राजेपुर थाने के दरोगा ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों को सजा और जुर्माने से दंडित किया है। सजा में जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करने का आदेश दिया है। जुर्माने की राशि वसूल होने पर घायल ट्रक मालिक ओम प्रकाश को दिए जाने का आदेश दिया है।
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शाहजहांपुर जिले के थाना मऊ क्षेत्र निवासी इस्लाम ने हाथरस जिले के थाना मुरसान के पीहरी निवासी ट्रक चालक रनवीर सिंह और हेल्पर नगला जार निवासी रामू उर्फ भूरा के खिलाफ शाहजहांपुर के थाना अल्लागंज में 5 मई 1991 में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह रामगंगा पुल के टोल टैक्स बैरियर पर गार्ड के पद पर तैनात था। 5 मई 1991 की रात करीब एक बजे शाहजहांपुर से एक ट्रक आया। इसका चालक रनवीर और हेल्पर रामू उर्फ भूरा था। ट्रक के ऊपर मालिक ओमप्रकाश बैठे थे। टोल टैक्स कटवाने के बाद ट्रक फर्रुखाबाद की ओर चल दिया। रामगंगा पुल के बीचोंबीच पहुंचने पर ट्रक रुक गया। यह देखकर वह राजेपुर निवासी रामरतन के साथ मौके पर गया। वहां चालक और हेल्पर ट्रक मालिक के पेट में चाकू मार रहे थे। यह देखकर ललकारा तो दोनों ने ट्रक मालिक को रामगंगा में फेंक दिया और ट्रक लेकर फर्रुखाबाद की ओर भाग गए।
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पुल के नीचे जाकर घायल को बचाकर लाए। बाद में अल्लागंज थाने से मुकदमा राजेपुर थाने ट्रांसफर हुआ। राजेपुर थाने के दरोगा ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों को सजा और जुर्माने से दंडित किया है। सजा में जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करने का आदेश दिया है। जुर्माने की राशि वसूल होने पर घायल ट्रक मालिक ओम प्रकाश को दिए जाने का आदेश दिया है।
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