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कोआपरेटिव बैंक में ढूंढे जा रहे अभिलेख
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:56 PM IST
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फर्रुखाबाद। पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव को लाभ पहुंचाने के मामले की जांच अपर निबंधक कर रहे हैं। उन्होंने बैंक से मामले से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। फिलहाल अधिकारी व कर्मचारी अभिलेख जुटाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक हफ्ते में कागजात भेज दिए जाएंगे।
पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की फर्म जय हिंद ट्रेडर्स के नाम से कोआपरेटिव बैंक में खाता है। बैंक पर आरोप है कि 1994 से 2011 के बीच उनकी फर्म के जो भी ड्राफ्ट आदि बने हैं उन पर बैंक ने कमीशन नहीं लिया है। इससे पूर्व सांसद को करीब 60 लाख रुपये का फायदा हुआ है। इस मामले की जांच अपर निबंधक कर रहे हैं। उन्होंने बैंक से इस मामले से संबंधित अभिलेख मांगे हैं।
अब अधिकारी यह अभिलेख जुटाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि बैंक में 1994 से पहले के कागजात मौजूद ही नहीं है। इससे समस्या आ रही है। हालांकि इस मुद्दे पर बैंक का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि मामला हमारे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है वह जांच कर रहे हैं।
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बैंक की अध्यक्ष हैं पूर्व सांसद की पुत्रवधू
पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की पुत्रवधू बैंक की चेयरमैन हैं। पहले उनके बेटे चेयरमैन थे उनकी मौत के बाद से उसकी पत्नी इस पद पर काबिज हैं। लंबे समय से पूर्व सांसद का प्रभुत्व कोआपरेटिव बैंक पर है।
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पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की फर्म जय हिंद ट्रेडर्स के नाम से कोआपरेटिव बैंक में खाता है। बैंक पर आरोप है कि 1994 से 2011 के बीच उनकी फर्म के जो भी ड्राफ्ट आदि बने हैं उन पर बैंक ने कमीशन नहीं लिया है। इससे पूर्व सांसद को करीब 60 लाख रुपये का फायदा हुआ है। इस मामले की जांच अपर निबंधक कर रहे हैं। उन्होंने बैंक से इस मामले से संबंधित अभिलेख मांगे हैं।
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अब अधिकारी यह अभिलेख जुटाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि बैंक में 1994 से पहले के कागजात मौजूद ही नहीं है। इससे समस्या आ रही है। हालांकि इस मुद्दे पर बैंक का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि मामला हमारे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है वह जांच कर रहे हैं।
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बैंक की अध्यक्ष हैं पूर्व सांसद की पुत्रवधू
पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की पुत्रवधू बैंक की चेयरमैन हैं। पहले उनके बेटे चेयरमैन थे उनकी मौत के बाद से उसकी पत्नी इस पद पर काबिज हैं। लंबे समय से पूर्व सांसद का प्रभुत्व कोआपरेटिव बैंक पर है।