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जिले में बाढ़ न थमी तो हालात होंगे गंभीर
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम न हुआ तो आने वाले दिनों में जिले में बाढ़ से हालात बेकाबू हो सकते हैं। जिले भर में करीब एक सौ से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी होने से ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा है। अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर आए कमिश्नर सुभाष शर्मा प्रशासनिक अमले को कड़े आदेश दे गए हैं कि बाढ़ से कोई जनहानि न होने पाए। बाढ़ से बचाव के इंतजाम किए जाएं।
अमृतपुर तहसील में गंगा की बाढ़ से पट्टी भरखा, जसूपुर गढ़िया, सैदापुर, सुंदरपुर, कछुआगाढ़ा, नगला दुर्गू, चपरा, भुड़रा, ऊगरपुर, हरसिंगपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, मंझा, कुड़री सारंगपुर और रामगंगा से अलादपुर भटौली, गुलरिया, गहलार, खाकिन, अमैयापुर, सीढ़े चकरपुर, ईमादपुर सोमवंशी और विरसिंगपुर समेत करीब एक सौ से ज्यादा गांवों में पानी घुसा है। 19 अगस्त को करनपुर घाट में बाढ़ के पानी में डूबकर सुभाषचंद्र की पुत्री महादेवी (3) की मौत हो गई थी। हालांकि उनके परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा मिल चुका है। बाढ़ से कच्चे घर कट गए और सैकड़ों झोपड़ियां बह गईं। कई गांवों में तो ग्रामीणों ने पक्के घर भी तोड़े हैं। सैकड़ों बीघा धान, मक्का और उर्द आदि की फसलें डूब गईं। कई गांवों से संपर्क मार्ग भी कट गए हैं। कंपिल और शमसाबाद में भी आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो अमृतपुर, करनपुरदत्त, राजेपुर राठौरी, हुसैनपुर, राजपुर, कुम्हरौर, नगला हूसा और भरखा समेत करीब 35 गांव और बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। गंगा का जलस्तर मंगलवार को 137.00 मीटर पर स्थिर रहा। मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 137.40 मीटर पर है। गंगा व रामगंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 और खतरे का निशान 137.10 और हाईफ्लड 137.60 मीटर पर है।
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फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम न हुआ तो आने वाले दिनों में जिले में बाढ़ से हालात बेकाबू हो सकते हैं। जिले भर में करीब एक सौ से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी होने से ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा है। अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर आए कमिश्नर सुभाष शर्मा प्रशासनिक अमले को कड़े आदेश दे गए हैं कि बाढ़ से कोई जनहानि न होने पाए। बाढ़ से बचाव के इंतजाम किए जाएं।
अमृतपुर तहसील में गंगा की बाढ़ से पट्टी भरखा, जसूपुर गढ़िया, सैदापुर, सुंदरपुर, कछुआगाढ़ा, नगला दुर्गू, चपरा, भुड़रा, ऊगरपुर, हरसिंगपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, मंझा, कुड़री सारंगपुर और रामगंगा से अलादपुर भटौली, गुलरिया, गहलार, खाकिन, अमैयापुर, सीढ़े चकरपुर, ईमादपुर सोमवंशी और विरसिंगपुर समेत करीब एक सौ से ज्यादा गांवों में पानी घुसा है। 19 अगस्त को करनपुर घाट में बाढ़ के पानी में डूबकर सुभाषचंद्र की पुत्री महादेवी (3) की मौत हो गई थी। हालांकि उनके परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा मिल चुका है। बाढ़ से कच्चे घर कट गए और सैकड़ों झोपड़ियां बह गईं। कई गांवों में तो ग्रामीणों ने पक्के घर भी तोड़े हैं। सैकड़ों बीघा धान, मक्का और उर्द आदि की फसलें डूब गईं। कई गांवों से संपर्क मार्ग भी कट गए हैं। कंपिल और शमसाबाद में भी आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो अमृतपुर, करनपुरदत्त, राजेपुर राठौरी, हुसैनपुर, राजपुर, कुम्हरौर, नगला हूसा और भरखा समेत करीब 35 गांव और बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। गंगा का जलस्तर मंगलवार को 137.00 मीटर पर स्थिर रहा। मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 137.40 मीटर पर है। गंगा व रामगंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 और खतरे का निशान 137.10 और हाईफ्लड 137.60 मीटर पर है।
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