फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   लोकायुक्त टीम को विनियमितीकरण कर्मचारियों का गायब मिला रिकार्ड

लोकायुक्त टीम को विनियमितीकरण कर्मचारियों का गायब मिला रिकार्ड

Thu, 30 Aug 2018 10:28 PM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
लोकायुक्त टीम को विनियमितीकरण कर्मचारियों का गायब मिला रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कायमगंज (फर्रुखाबाद)। नगर पालिका में कर्मचारियों के विनियमितीकरण, एईडी बल्ब व मशीनरी की खरीद में घोटाले की शिकायत पर पहुंची लोकायुक्त टीम को कर्मचारियों का रिकार्ड ईओ नहीं दिखा सके। जेई नगर में किस पोल पर कितने वाट के एलईडी बल्ब लगाए गए हैं, इसका जवाब नहीं दे पाए।

11 जून 2018 को सभासद के पति दीपक शुक्ला, पूर्व सभासद मुकेश गोस्वामी, सभासद आमिर खां ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि पिछले कार्यकाल में ईओ व अन्य कर्मचारियों ने मिलकर 42 कर्मियों की फर्जी तरीके से विनियमितीकरण कर नियुक्ति करा दी थी। उन्हें नगरपालिका से 29 नियमित कर्मचारियों के समान व 13 सफाई कर्मचारियों के रूप में वेतन दिया जाने लगा। सभासदों का आरोप था कि इस मामले में लाखों रुपये वसूली कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विनियमितीकरण कर दिया गया। उनका यह भी कहना था कि शासनादेश के अनुसार 2001 से पूर्व तैनात कर्मचारियों का विनियमितीकरण होना था। 42 कर्मियों में अधिकतर लोग पालिका में किसी भी पद पर 2001 से पहले तैनात नहीं थे। इनमें से रवेन्द्र सिंह 2001 में सभासद के पद पर थे। नगर पालिका की सूची में उनका नाम भी लिखा है। सभासदों ने स्काई लिफ्ट, एलईडी, रिक्शा, डस्टबिन आदि की खरीद में गड़बड़ी की शिकायतें भी की थीं।
विज्ञापन


इसके बाद 29 जुलाई को तत्कालीन ईओ प्रमोद श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया था। गुरुवार को लोकायुक्त टीम के उप निदेशक निर्माण अतर सिंह, प्राविधिक परीक्षक मनोज कुमार, राजीव यादव दोपहर को नगर पालिका परिसर पहुंचे। वहां चेयरमैन सुनील कुमार चक, ईओ केएन रावत सहित शिकायकर्ता सभासद मौजूद थे। टीम ने 42 कर्मचारियों के अभिलेख मांगे तो नगर पालिका के अधिकारी कोई रिकार्ड नहीं दिखा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर कहा गया कि यहां रिकार्ड नहीं है। टीम ने जेई को बुलाया और पूछा नगर में कितने बिजली के पोल हैं। बताया गया कि 1107 पोल हैं, लेकिन वह यह नहीं बता सके कि किस पोल कितने वाट के एलईडी बल्ब लगे हैं। अन्य शिकायत से संबंधित रिकार्ड मांगे गए लेकिन वह गायब मिले। उसके बाद टीम नगर के पानी टंकी पर पहुंची। वहां टीम ने कबाड़ में पड़े रिक्शे, स्काई लिफ्ट व अन्य सामान को देखा। जांच के बाद टीम लौट गई।


उनके कार्यकाल से पहले हुई थी गड़बड़ी
नगर पालिका अध्यक्ष सुनील चक ने बताया कि कर्मचारियों का विनियमितीकरण उनके कार्यकाल से पहले हुआ था। उनके कार्यकाल में एक बार ही यह कर्मचारी वेतन ले सके थे। तभी शिकायत हो गई थी। मशीनों की खरीद भी उनके कार्यकाल से पहले हुई थी। मशीनों की गारंटी खत्म हो चुकी है। उनकी मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed