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शिवपाल के अलग संगठन बनाने से सपा में हलचल
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। सपा सरकार में मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने से सपा में फिर से हलचल मच गई है। इससे जिले की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है।
विधानसभा चुनाव के दौरान ही शिवपाल सिंह यादव अपनी उपेक्षा से काफी आहत थे। इसको लेकर उन्होंने अलग संगठन बनाने की घोषणा भी की थी। चुनाव के दौरान पारिवारिक कलह खुलकर सामने आने से सपा को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा था। जिले के विधानसभा चुनाव में भी इसका असर पड़ा था। चुनाव समाप्त होने के बाद शिवपाल सिंह, मुलायम सिंह और अखिलेश यादव एक मंच पर दिखे तो लगा कि अब परिवार फिर एकसूत्र में बंध रहा है।
बुधवार को शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा गठित कर फिर हलचल मचा दी है। वैसे भी जिले में सपा में दो गुट चल रहे हैं। यह दोनों गुट पार्टी के कई कार्यक्रम अलग-अलग कर अपनी ताकत दिखाते चले आ रहे हैं। यही नहीं जिले में शिवपाल सिंह यादव के भी काफी समर्थक हैं। ऐसे में उनके द्वारा अलग संगठन बनाने से सपा की राजनीति गरमा सकती है।
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इस संबंध जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला। सपा महासचिव मंदीप यादव ने बताया कि शिवपाल सिंह यादव के अलग संगठन बनाने से पार्टी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके व्यक्तिगत सपोर्टर ही चले जाएंगे। जमीन से जुड़े सपाई मुलायम सिंह के साथ हैं। वहीं, शिवपाल सिंह के बेहद करीबी माने जाने वाले विश्वास गुप्ता का कहना है कि शिवपाल सिंह ने सिर्फ संगठन बनाया है। पार्टी से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने नेताजी में अपनी आस्था व्यक्त की। उधर, शिवपाल सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश महासचिव मनमोहन सिंह मोहन ने बताया कि वह शिवपाल सिंह के साथ हैं। उनके दिशा-निर्देश पर ही काम करेंगे।
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फर्रुखाबाद। सपा सरकार में मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने से सपा में फिर से हलचल मच गई है। इससे जिले की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है।
विधानसभा चुनाव के दौरान ही शिवपाल सिंह यादव अपनी उपेक्षा से काफी आहत थे। इसको लेकर उन्होंने अलग संगठन बनाने की घोषणा भी की थी। चुनाव के दौरान पारिवारिक कलह खुलकर सामने आने से सपा को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा था। जिले के विधानसभा चुनाव में भी इसका असर पड़ा था। चुनाव समाप्त होने के बाद शिवपाल सिंह, मुलायम सिंह और अखिलेश यादव एक मंच पर दिखे तो लगा कि अब परिवार फिर एकसूत्र में बंध रहा है।
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बुधवार को शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा गठित कर फिर हलचल मचा दी है। वैसे भी जिले में सपा में दो गुट चल रहे हैं। यह दोनों गुट पार्टी के कई कार्यक्रम अलग-अलग कर अपनी ताकत दिखाते चले आ रहे हैं। यही नहीं जिले में शिवपाल सिंह यादव के भी काफी समर्थक हैं। ऐसे में उनके द्वारा अलग संगठन बनाने से सपा की राजनीति गरमा सकती है।
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इस संबंध जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला। सपा महासचिव मंदीप यादव ने बताया कि शिवपाल सिंह यादव के अलग संगठन बनाने से पार्टी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके व्यक्तिगत सपोर्टर ही चले जाएंगे। जमीन से जुड़े सपाई मुलायम सिंह के साथ हैं। वहीं, शिवपाल सिंह के बेहद करीबी माने जाने वाले विश्वास गुप्ता का कहना है कि शिवपाल सिंह ने सिर्फ संगठन बनाया है। पार्टी से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने नेताजी में अपनी आस्था व्यक्त की। उधर, शिवपाल सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश महासचिव मनमोहन सिंह मोहन ने बताया कि वह शिवपाल सिंह के साथ हैं। उनके दिशा-निर्देश पर ही काम करेंगे।