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बगैर डीएम को दिखाए समायोजन सूची शासन को भेजी
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिलापूर्ति विभाग ने बगैर जिलाधिकारी को दिखाए कोटेदारों की समायोजन सूची शासन को भेज दी। वहीं, जिलाधिकारी इस इंतजार में बैठी रहीं कि समायोजन सूची मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
शासन के आदेश पर पूर्ति विभाग ने 300 से कम राशनकार्ड वाले कोटेदारों को समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। 31 जुलाई तक सूची बनाकर शासन को भेजे जाने के आदेश थे। 25 जुलाई तक बनी सूची में 22 अमानक कोटेदार चिह्नित किए गए थे। इसके बाद कोटेदारों ने पूर्ति विभाग के अफसरों से मिलकर खेल करना शुरू कर दिया और शासन के आदेश के बावजूद जिलापूर्ति विभाग ने 31 जुलाई को रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी।
अमर उजाला ने जब यह मामला समय-समय पर उठाया तो 11 अगस्त को जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कराकर समायोजन सूची की जांच कराने की बात कही थी। डीएम ने यह भी कहा था कि अमानक कोटेदारों बढ़े हुए राशनकार्डों की गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी कोटेदार समायोजन सूची की पत्रावली का इंतजार करती रहीं और सूची शासन को भेज दी गई। सूत्रों की मानें तो 17 अगस्त को सूची शासन को चली गई है। इसमें शहर क्षेत्र के 22 कोटेदारों में से मात्र पांच ही अमानक रखे गए हैं।
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समायोजन सूची मिली नहीं-डीएम
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि जिलापूर्ति विभाग ने अभी तक कोटेदारों के समायोजन की पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई है। जैसे ही सूची मिलती है तो समिति बनाकर जांच कराई जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि विभाग ने सूची बनाकर शासन को भेज दी है तो डीएम ने कहा कि इस बारे में वह जिलापूर्ति विभाग से जवाब मांगेंगी।
कोटा समायोजन सूची भेज दी गई
पूर्ति निरीक्षक सदर सनत कुमार सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को कोटेदारों की समायोजन सूची शासन को भेज दी गई है। शासन को जो भी रिपोर्ट भेजी जाती है। उसकी एक प्रतिलिपि जिलाधिकारी के पास जाती है।
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फर्रुखाबाद। जिलापूर्ति विभाग ने बगैर जिलाधिकारी को दिखाए कोटेदारों की समायोजन सूची शासन को भेज दी। वहीं, जिलाधिकारी इस इंतजार में बैठी रहीं कि समायोजन सूची मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
शासन के आदेश पर पूर्ति विभाग ने 300 से कम राशनकार्ड वाले कोटेदारों को समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। 31 जुलाई तक सूची बनाकर शासन को भेजे जाने के आदेश थे। 25 जुलाई तक बनी सूची में 22 अमानक कोटेदार चिह्नित किए गए थे। इसके बाद कोटेदारों ने पूर्ति विभाग के अफसरों से मिलकर खेल करना शुरू कर दिया और शासन के आदेश के बावजूद जिलापूर्ति विभाग ने 31 जुलाई को रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी।
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अमर उजाला ने जब यह मामला समय-समय पर उठाया तो 11 अगस्त को जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कराकर समायोजन सूची की जांच कराने की बात कही थी। डीएम ने यह भी कहा था कि अमानक कोटेदारों बढ़े हुए राशनकार्डों की गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी कोटेदार समायोजन सूची की पत्रावली का इंतजार करती रहीं और सूची शासन को भेज दी गई। सूत्रों की मानें तो 17 अगस्त को सूची शासन को चली गई है। इसमें शहर क्षेत्र के 22 कोटेदारों में से मात्र पांच ही अमानक रखे गए हैं।
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समायोजन सूची मिली नहीं-डीएम
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि जिलापूर्ति विभाग ने अभी तक कोटेदारों के समायोजन की पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई है। जैसे ही सूची मिलती है तो समिति बनाकर जांच कराई जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि विभाग ने सूची बनाकर शासन को भेज दी है तो डीएम ने कहा कि इस बारे में वह जिलापूर्ति विभाग से जवाब मांगेंगी।
कोटा समायोजन सूची भेज दी गई
पूर्ति निरीक्षक सदर सनत कुमार सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को कोटेदारों की समायोजन सूची शासन को भेज दी गई है। शासन को जो भी रिपोर्ट भेजी जाती है। उसकी एक प्रतिलिपि जिलाधिकारी के पास जाती है।