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स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से महिला ने टेंपो में बेटी को दिया जन्म
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। सीएचसी की स्टॉफ नर्स ने रविवार रात गर्भवती को भर्ती करने से इनकार कर दिया और घर लौट दिया। सोमवार को प्रसूता ने टेंपो में बच्ची को जन्म दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने काफी देर 108 पर फोन लगाया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। वहीं, प्रभारी चिकित्सक, महिला चिकित्सक न होने की बात कह रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जच्चा-बच्चा के जीवन से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका उदाहरण सोमवार को सीएचसी पर देखने को मिला। थाना क्षेत्र के गांव दिनारपुर निवासी रामबेटी ने बताया कि उसकी बहू पप्पी को रविवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। वह रात लगभग दो बजे बहू को लेकर सीएचसी गई। यहां स्टॉफ नर्स ने समय पूरा न होने की बात कह कर उसे घर लौटा दिया। सोमवार सुबह फिर बहू की हालत बिगड़ गई। उसने बहू को अस्पताल ले जाने के लिए 108 पर फोन किया। फोन पर उसे बताया गया कि एंबुलेंस व्यस्त है। इससे वह टेंपो से बहू को सीएचसी ले जा रही थी। गांव से कुछ दूर निकलने के बाद बहू ने बच्ची को जन्म दिया।
पप्पी की ननद रानी देवी ने आरोप लगाया कि रात को भाभी को उल्टी व दस्त हो रहे थे। इससे सीएचसी में गंदगी होगी। इसके चलते ही भाभी को स्वास्थ्य कर्मियों ने भर्ती नहीं किया था।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मान सिंह वर्मा ने बताया कि सीएचसी पर महिला चिकित्सक नहीं हैं। इससे प्रसूताओं के इलाज में परेशानी हो रही है। उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। प्रसूता को समय से अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी आशा की होती है। मामले की जांच कराकर लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। सीएचसी की स्टॉफ नर्स ने रविवार रात गर्भवती को भर्ती करने से इनकार कर दिया और घर लौट दिया। सोमवार को प्रसूता ने टेंपो में बच्ची को जन्म दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने काफी देर 108 पर फोन लगाया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। वहीं, प्रभारी चिकित्सक, महिला चिकित्सक न होने की बात कह रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जच्चा-बच्चा के जीवन से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका उदाहरण सोमवार को सीएचसी पर देखने को मिला। थाना क्षेत्र के गांव दिनारपुर निवासी रामबेटी ने बताया कि उसकी बहू पप्पी को रविवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। वह रात लगभग दो बजे बहू को लेकर सीएचसी गई। यहां स्टॉफ नर्स ने समय पूरा न होने की बात कह कर उसे घर लौटा दिया। सोमवार सुबह फिर बहू की हालत बिगड़ गई। उसने बहू को अस्पताल ले जाने के लिए 108 पर फोन किया। फोन पर उसे बताया गया कि एंबुलेंस व्यस्त है। इससे वह टेंपो से बहू को सीएचसी ले जा रही थी। गांव से कुछ दूर निकलने के बाद बहू ने बच्ची को जन्म दिया।
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पप्पी की ननद रानी देवी ने आरोप लगाया कि रात को भाभी को उल्टी व दस्त हो रहे थे। इससे सीएचसी में गंदगी होगी। इसके चलते ही भाभी को स्वास्थ्य कर्मियों ने भर्ती नहीं किया था।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मान सिंह वर्मा ने बताया कि सीएचसी पर महिला चिकित्सक नहीं हैं। इससे प्रसूताओं के इलाज में परेशानी हो रही है। उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। प्रसूता को समय से अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी आशा की होती है। मामले की जांच कराकर लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।