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पुरानी पेंशन बहाली को शिक्षक व कर्मचारियों ने दिया धरना
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। पुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर कर्मचारियों व शिक्षकों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। भीड़ अधिक होने से पुलिस बल तैनात किया गया। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2005 के बाद राजकीय सेवा में आने वाले शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारियों की पेंशन समाप्त कर दी गई है। शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन का एक मात्र सहारा पेंशन होती है। नई अंशदायी पेंशन योजना के तहत आने वाले कर्मचारियों को इस बात की चिंता है कि उनकी जमा धनराशि को शेयर बाजार में इनवेस्ट किया जाएगा। जहां से निश्चित मासिक आय की कोई गारंटी नहीं है। मुख्यमंत्री वर्ष 2013 में जब सांसद थे, तब प्रधानमंत्री को पुरानी पेंशन बहाली के लिए पत्र लिखा था। उस समय केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार न होने से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब तो केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार है। कर्मचारियों के दर्द को महसूस कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। अखिलेश अग्निहोत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता विजय बहादुर यादव, पंकज शुक्ला, राकेश रारस्वत, ओमवीर सिंह, सुरजीत सक्सेना, चक्रसिंह यादव, कौशलेंद्र सिंह राठौर, राजीव सक्सेना समेत शिक्षक व कई विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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फर्रुखाबाद। पुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर कर्मचारियों व शिक्षकों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। भीड़ अधिक होने से पुलिस बल तैनात किया गया। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2005 के बाद राजकीय सेवा में आने वाले शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारियों की पेंशन समाप्त कर दी गई है। शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन का एक मात्र सहारा पेंशन होती है। नई अंशदायी पेंशन योजना के तहत आने वाले कर्मचारियों को इस बात की चिंता है कि उनकी जमा धनराशि को शेयर बाजार में इनवेस्ट किया जाएगा। जहां से निश्चित मासिक आय की कोई गारंटी नहीं है। मुख्यमंत्री वर्ष 2013 में जब सांसद थे, तब प्रधानमंत्री को पुरानी पेंशन बहाली के लिए पत्र लिखा था। उस समय केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार न होने से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब तो केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार है। कर्मचारियों के दर्द को महसूस कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। अखिलेश अग्निहोत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता विजय बहादुर यादव, पंकज शुक्ला, राकेश रारस्वत, ओमवीर सिंह, सुरजीत सक्सेना, चक्रसिंह यादव, कौशलेंद्र सिंह राठौर, राजीव सक्सेना समेत शिक्षक व कई विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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