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रण पांच दिन पहले, परिणाम सात दिन
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फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव के लिए बिछी सियासी बिसात पर इस बार चेहरे और मोहरे भले ही बदल जाएं, लेकिन तारीख और मौसमी मिजाज लगभग 2014 में हुए चुनाव के समान ही होगा। इस बार जनता पांच दिन पहले प्रत्याशियों के भाग्य लिख देगी। जबकि ईवीएम सात दिन बाद परिणाम बताएगी।
लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है, तो राजनैतिक दलों में भी हलचलें तेज हैं। नामांकन से लेकर मतगणना तक की योजनाएं बनाई जाने लगीं हैं। प्रशासन के लिए राहत भरी बात ये है कि पूरी प्रक्रिया पिछले चुनाव के समान ही है। पिछले चुनाव में आयोग ने पांच मार्च को रणभेरी बजाई थी। इस बार छह दिन बाद 11 मार्च को चुनावी शंखनाद हुआ है। आगामी कार्यक्रमों में भी तिथियों के आंशिक फेरबदल को छोड़ काफी कुछ सामान रहेगा। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव नौ चरणों में हुए थे। इसमें फर्रुखाबाद में चौथे चरण में मतदान हुआ था। इस बार भी चौथे ही चरण में चुनाव होना है। इतना ही नहीं मतदान की तिथि भी लगभग समान है।
पिछली बार 24 अप्रैल को ईवीएम का बटन दबाया गया था। इस बार पांच दिन बाद 29 अप्रैल को जनता प्रत्याशियों के भाग्य को ईवीएम में बंद करेगी। इस वर्ष 19 मई को अंतिम चरण का मतदान होगा। पिछली बार 12 मई को ही अंतिम चरण का मतदान हो गया था। वहीं, पिछले चुनाव में फैसले की घड़ी की बात करें तो 16 मई को भाजपाइयों ने जश्न मनाया था। लेकिन इस बार जीतने वाले दल को जश्न के लिए सात और दिन इंतजार करना होगा, क्योंकि इस बार परिणाम सात दिन बाद 23 मई को घोषित होंगे।
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- कांग्रेस का प्रत्याशी भी समान
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी भी समान है। चाहे वह 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की बात की जाए अथवा 2009 की। या उससे भी पहले के चुनावों की। फर्रुखाबाद सीट से लंबे समय से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ही हाथ आजमा रहे हैं। वह यहां से दो बार सांसद भी रहे हैं। अन्य दलों में प्रसपा के अलावा किसी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं।
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लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है, तो राजनैतिक दलों में भी हलचलें तेज हैं। नामांकन से लेकर मतगणना तक की योजनाएं बनाई जाने लगीं हैं। प्रशासन के लिए राहत भरी बात ये है कि पूरी प्रक्रिया पिछले चुनाव के समान ही है। पिछले चुनाव में आयोग ने पांच मार्च को रणभेरी बजाई थी। इस बार छह दिन बाद 11 मार्च को चुनावी शंखनाद हुआ है। आगामी कार्यक्रमों में भी तिथियों के आंशिक फेरबदल को छोड़ काफी कुछ सामान रहेगा। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव नौ चरणों में हुए थे। इसमें फर्रुखाबाद में चौथे चरण में मतदान हुआ था। इस बार भी चौथे ही चरण में चुनाव होना है। इतना ही नहीं मतदान की तिथि भी लगभग समान है।
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पिछली बार 24 अप्रैल को ईवीएम का बटन दबाया गया था। इस बार पांच दिन बाद 29 अप्रैल को जनता प्रत्याशियों के भाग्य को ईवीएम में बंद करेगी। इस वर्ष 19 मई को अंतिम चरण का मतदान होगा। पिछली बार 12 मई को ही अंतिम चरण का मतदान हो गया था। वहीं, पिछले चुनाव में फैसले की घड़ी की बात करें तो 16 मई को भाजपाइयों ने जश्न मनाया था। लेकिन इस बार जीतने वाले दल को जश्न के लिए सात और दिन इंतजार करना होगा, क्योंकि इस बार परिणाम सात दिन बाद 23 मई को घोषित होंगे।
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- कांग्रेस का प्रत्याशी भी समान
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी भी समान है। चाहे वह 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की बात की जाए अथवा 2009 की। या उससे भी पहले के चुनावों की। फर्रुखाबाद सीट से लंबे समय से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ही हाथ आजमा रहे हैं। वह यहां से दो बार सांसद भी रहे हैं। अन्य दलों में प्रसपा के अलावा किसी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं।