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या हुसैन अलविदा के साथ ताजिये सुपुर्दे खाक

Sun, 01 Oct 2017 11:19 PM IST
Updated Sun, 01 Oct 2017 11:19 PM IST
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या हुसैन अलविदा के साथ ताजिये सुपुर्दे खाक
फर्रुखाबाद। मुहर्रम के यौम-ए-आशूरा पर जज्बा और अकीदत का सैलाब कर्बला के शहीदों की याद में रमा दिखा। जुलूस की शक्ल में शहर के ताजिये व अलम कर्बला ले जाए गए। काला लिवास व बदन से रिसता खून और नंगे पैर या हुसैन या हैदर की सदाओं से माहौल मातमी बना रहा। हुसैन के शैदाई इमाम हुसैन के गम में निठाल नजर आए। कर्बला में भारी हुजूम के साथ ताजियों को दफन किया गया। महिलाओं ने सीनाजनी की और बच्चों को कमा लगाया गया।
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रविवार को मुसलमानों ने कर्बला के 72 शहीदों को याद कर उन्हें अकीदत पेश की। सुबह होते ही अल्लाह हु अकबर या हुसैन आज हमारा इमाम हमसे जुदा हो गया की सदाओं के बीच ताजिये जुलूस कर्बला पहुंचने लगे। ताजियों की जियारत के लिए महिलाओं ने कर्बला के रास्तों, मकानों की छतों और पटियों पर डेरा डाल दिया।
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सुबह तड़के शाह फसीह मुजीबी गागर लेकर कर्बला पहुंचे और इमाम हुसैन को अकीदत पेश की। मोहल्ला भीकमपुरा से लाल मोहम्मद, शहजाद अंसारी, तकिया नसरत शाह से अशफाक के हालों के हरे-भरे ताजियों का जुलूस कर्बला पहुंचे। असलम खां, रोशन खां और लाडले आदि साथ रहे।
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गढ़ी अब्दुल मजीद, नखास व दिलावर जंग से ताजिये बारी-बारी से निकले। ठंडी सड़क स्थित दरे जैनबिया से शिया समुदाय का मातमी जुलूस बूरावाली गली, घुमना बाजार, त्रिपोलिया चौक और टाउन हाल तिराहा से होता हुआ कर्बला पहुंचा। जुलूस में हुसैन के शैदाइयों ने जंजीर का मातम कर खून बहाया।

बदन से रिसते खून के बावजूद अकीदतमंद या हुसैन के नारे लगाते हुए नंगे पैर चलते रहे। राहगीर खूनी मातम देख सिहर उठे। इस अवसर पर मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली, आफताब हुसैन, इसरार हुसैन, गुलशेर ईरानी, फरहत अली जैदी, नावेद अल्वी, ताहिर हुसैन, शादाब हुसैन, असलम शेर खां, मोहम्मद हसीन, काजी मुताहिर अली, खुर्शीद खां, मोहम्मद शाहिद और रफी अंसारी आदि मौजूद रहे।

हालों के ताजिये बने पर्यावरण के संदेशवाहक
कर्बला के शहीदों की याद में बनाए गए हालों के ताजिये पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक बने रहे। भीकमपुरा और तकिया नसरत शाह के हालों के हरे-भरे ताजिये लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।

मुस्लिम संगठनों ने पिलाया शर्बत
मुस्लिम संगठनों ने शर्बत पिलाकर अकीदतमंदों की प्यास बुझाई। इस दौरान लंगर भी बांटा गया। सीरत कमेटी ने टाउनहाल तिराहे पर शर्बत की सबील लगाई। मोहम्मद खां बंगश वेलफेयर कमेटी ने भी शर्बत का बंदोबस्त रखा। इस अवसर पर खुर्शीद खां, जुबैर अंसारी, इशरत मीर खां, मोहम्मद हसीन और नवाब काजिम हुसैन आदि मौजूद रहे।

कुरानख्वानी के हुए आयोजन
यौम-ए-आशूरा पर इमाम हुसैन की याद में जगह-जगह कुरान ख्वानी के आयोजन कर कर्बला के शहीदों को अकीदत पेश की गई। भीकमपुरा, शमसेर खानी, गढ़ी अब्दुल मजीद, बजरिया शेख इनायत अली, कटरा बख्शी और खटकपुरा आदि में कुरानख्वानी के आयोजन हुए।


42 फीट का ताजिया बनाया
कमालगंज (ब्यूरो)। सर्फाबाद में एक लाख रुपये की लागत से क्षेत्र का सबसे ऊंचा ताजिया बनाया गया है। प्रधान प्रतिनिधि तारिक जंग खां ने बताया कि पड़ोसी जिलों से आए कारीगरों ने कागज, अवरी और बांस से 42 फीट का ताजिया बनाकर तैयार किया है।

-जंजीर का मातम देखने के लिए उमड़ी भीड़
-यौम-ए-आशूरा घरों में पके पकवान, कराया गया फातिहा
अमर उजाला ब्यूरो
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