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Farrukhabad News: नरौरा से 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, फिर बढ़ेगा गंगा का जलस्तर

Sat, 08 Aug 2026 12:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:02 AM IST
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1.34 lakh cusecs of water released from Narora; Ganga's water level to rise again.
अमृतपुर। गंगा में नरौरा बांध से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे दो दिन बाद फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इधर, कई मार्गों पर पानी कम होने से लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर अब भी पानी है। गंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
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गंगा का जलस्तर दूसरे दिन शुक्रवार को भी 136.80 मीटर पर स्थिर रहा। वहीं, गांव दौलतपुर चकई, भाऊपुर, चौरासी, करनपुर घाट, माखन नगला, कुसुमापुर, अंबरपुर, बरुआ, बामियारी को जाने वाले मार्ग पर पानी कम हुआ है। बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप पर भी पानी कम हुआ है। इससे छोटे वाहन आसानी से निकल रहे हैं। लेकिन गांव में भरे कीचड़ से लोगों को दिक्कत हो रही है।
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तीसराम की मड़ैया व आशा की मड़ैया के लोग नाव से आ-जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आने से सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं के लिए चारे की हो रही है। खेतों व घरों में पानी भरा होने से पशुओं को बांधने के लिए सूखी जगह तक नहीं बची है। रामगंगा का जलस्तर बिलोगेज पर है। खो हरेली रामनगर बैराज से 23,798 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगेगा।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी दो दिन बाद पांचाल घाट पहुंच जाएगा, इससे गंगा नदी का जलस्तर बढ़ना तय है।
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बाढ़ शरणालय में बच्चों की पढ़ाई शुरू, पांच गांवों के शिक्षक संबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने राहत शरणालय में शिक्षण व्यवस्था शुरू कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी ने पांच गांवों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को शरणालय में संबद्ध कर बच्चों की नियमित कक्षाएं संचालित किए जाने के आदेश दिए हैं।

तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के परिवार इन दिनों रामनिवास महाविद्यालय, चित्रकूट स्थित शरणालय में रह रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अंबरपुर, चित्रकूट, उदयपुर, कंचनपुर और सबलपुर के विद्यालयों के शिक्षकों को स्थायी रूप से शरणालय में संबद्ध कर दिया है। बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण, लेखन, पठन और गणित का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
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