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Farrukhabad News: हॉस्टल में खाना खाने के बाद 13 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
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फर्रुखाबाद। शहर से सटे नखासा बाईपास स्थित एक स्कूल के हॉस्टल में दोपहर का खाना खाने के बाद 13 बच्चे बीमार हो गए। हालत बिगड़ने पर इन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है।
नखासा बाईपास स्थित श्री बनवारी लाल इंटरनेशनल स्कूल आवासीय विद्यालय है। इसके हॉस्टल में हरदोई, एटा, शाहजहांपुर समेत आसपास जिलों के करीब 40 बच्चे बताए जाते हैं। शनिवार दोपहर में हॉस्टल के खाने में मसूर दाल, आलू सब्जी, रोटी, सलाद व चावल बना था। जिन बच्चों ने चावल खाने शुरू किए, तो उनके पेट में दर्द होने लगा। चार-पांच बच्चों को उल्टियां होने लगी।
कुछ ही देर में बच्चों की हालत बिगड़ी, तो स्कूल के विपनेश और कर्मवीर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में बच्चों का उपचार शुरू किया।
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अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चे
कक्षा एक का सागर (11), आरब (8), पीयूष (9), भूप सिंह (10), कार्तिक (7), कक्षा दो के राघव (8), अंशू (10), प्रशांत (11), प्रांशी (10), कक्षा चार का आयुष (12), कक्षा पांच का प्रशांत (11), कार्तिक (12), और कक्षा छह का प्रियम (13) शामिल हैं। इनमें पीयूष एटा जिले के अलीगंज थाने के गांव फरदपुरा, कार्तिक हरदोई सदर कोतवाली के मौतमपुर, और प्रांशी व उसका भाई प्रशांत निवासी भरसी बसंतपुर शाहजहांपुर के हैं।
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शाम पांच बजे एसडीएम रजनीकांत पांंडेय, बीएसए गौतम प्रसाद लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचकर जानकारी की। एसडीएम ने इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। देर शाम तक पूरी तरह सही हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों को भर्ती कराने के बाद दोनों स्कूल कर्मी चले गए थे।
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कुछ गंभीर बच्चों को निजी अस्पताल भेजने की चर्चा
भर्ती कुछ बच्चों ने बताया कि करीब 20 बच्चों की हालत बिगड़ी थी। इनमें कुछ बच्चों को स्कूल प्रशासन ने किसी निजी अस्पताल में भेजा है। इनमें कौन-कौन हैं, उसकी जानकारी नहीं है।
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चावल में आ रही थी पेंट जैसी महक
अस्पताल में भर्ती आयुष, सुरजीत ने बताया कि स्कूल में जून में रंगाई-पुताई का काम हुआ था। जब सभी को चावल दिए गए, तो पेंट की बाल्टी में रखे थे। चावल में पेंट की महक आ रही थी। आशंका है कि उसी से हालत बिगड़ी है।
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स्कूल को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कक्षाओं के संचालन की मान्यता दी गई थी। आवासीय विद्यालय कैसे संचालित हो रहा है, संचालक को नोटिस देकर पूछा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - गाैतम प्रसाद, बीएसए
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नखासा बाईपास स्थित श्री बनवारी लाल इंटरनेशनल स्कूल आवासीय विद्यालय है। इसके हॉस्टल में हरदोई, एटा, शाहजहांपुर समेत आसपास जिलों के करीब 40 बच्चे बताए जाते हैं। शनिवार दोपहर में हॉस्टल के खाने में मसूर दाल, आलू सब्जी, रोटी, सलाद व चावल बना था। जिन बच्चों ने चावल खाने शुरू किए, तो उनके पेट में दर्द होने लगा। चार-पांच बच्चों को उल्टियां होने लगी।
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कुछ ही देर में बच्चों की हालत बिगड़ी, तो स्कूल के विपनेश और कर्मवीर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में बच्चों का उपचार शुरू किया।
अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चे
कक्षा एक का सागर (11), आरब (8), पीयूष (9), भूप सिंह (10), कार्तिक (7), कक्षा दो के राघव (8), अंशू (10), प्रशांत (11), प्रांशी (10), कक्षा चार का आयुष (12), कक्षा पांच का प्रशांत (11), कार्तिक (12), और कक्षा छह का प्रियम (13) शामिल हैं। इनमें पीयूष एटा जिले के अलीगंज थाने के गांव फरदपुरा, कार्तिक हरदोई सदर कोतवाली के मौतमपुर, और प्रांशी व उसका भाई प्रशांत निवासी भरसी बसंतपुर शाहजहांपुर के हैं।
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शाम पांच बजे एसडीएम रजनीकांत पांंडेय, बीएसए गौतम प्रसाद लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचकर जानकारी की। एसडीएम ने इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। देर शाम तक पूरी तरह सही हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों को भर्ती कराने के बाद दोनों स्कूल कर्मी चले गए थे।
कुछ गंभीर बच्चों को निजी अस्पताल भेजने की चर्चा
भर्ती कुछ बच्चों ने बताया कि करीब 20 बच्चों की हालत बिगड़ी थी। इनमें कुछ बच्चों को स्कूल प्रशासन ने किसी निजी अस्पताल में भेजा है। इनमें कौन-कौन हैं, उसकी जानकारी नहीं है।
चावल में आ रही थी पेंट जैसी महक
अस्पताल में भर्ती आयुष, सुरजीत ने बताया कि स्कूल में जून में रंगाई-पुताई का काम हुआ था। जब सभी को चावल दिए गए, तो पेंट की बाल्टी में रखे थे। चावल में पेंट की महक आ रही थी। आशंका है कि उसी से हालत बिगड़ी है।
स्कूल को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कक्षाओं के संचालन की मान्यता दी गई थी। आवासीय विद्यालय कैसे संचालित हो रहा है, संचालक को नोटिस देकर पूछा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - गाैतम प्रसाद, बीएसए