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Farrukhabad News: सर्विलांस पोर्टल पर दर्ज होंगे 12 प्रकार के संक्रामक रोगी
Tue, 30 May 2023 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 30 May 2023 12:32 AM IST
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फर्रुखाबाद। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर निजी व सरकारी अस्पतालों के साथ प्रयोगशालाओं से प्राप्त संक्रामक रोगियों की सूचना दर्ज की जाएगी। सीएमओ कार्यालय सभागार में सोमवार को इसका स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में यूपी कोविड-19 ट्रैक पोर्टल बनाया गया था। इस पर रिपोर्टिंग की जाती थी। अब सरकार ने संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल विकसित किया है। इस पर संक्रामक रोगियों की सूचना दर्ज की जाएगी।
डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर ने बताया कि इस पोर्टल पर मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, हैजा, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, काला अजार, हेपेटाइटिस बी एवं सी, टाइफाइड, फाइलेरिया, दिमागी बुखार सहित 12 प्रकार के संक्रामक रोगियों का विवरण दर्ज होगा। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ.रणधीर सिंह ने डॉक्टर व लैब संचालकों को प्रशिक्षण दिया। कहा कि इससे मरीजों के बारे में जानकारी और उनका उपचार आसान होगा।
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यह हैं फायदे डॉ.रणधीर ने बताया कि सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी। इस पोर्टल के सक्रिय होने से चिकित्सा इकाईयों एवं प्रयोगशालाओं से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड जेनरेट हो सकेगा। लोगों को क्यूआर कोड युक्त लैब रिपोर्ट घर बैठे मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में यूपी कोविड-19 ट्रैक पोर्टल बनाया गया था। इस पर रिपोर्टिंग की जाती थी। अब सरकार ने संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल विकसित किया है। इस पर संक्रामक रोगियों की सूचना दर्ज की जाएगी।
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डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर ने बताया कि इस पोर्टल पर मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, हैजा, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, काला अजार, हेपेटाइटिस बी एवं सी, टाइफाइड, फाइलेरिया, दिमागी बुखार सहित 12 प्रकार के संक्रामक रोगियों का विवरण दर्ज होगा। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ.रणधीर सिंह ने डॉक्टर व लैब संचालकों को प्रशिक्षण दिया। कहा कि इससे मरीजों के बारे में जानकारी और उनका उपचार आसान होगा।
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यह हैं फायदे डॉ.रणधीर ने बताया कि सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी। इस पोर्टल के सक्रिय होने से चिकित्सा इकाईयों एवं प्रयोगशालाओं से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड जेनरेट हो सकेगा। लोगों को क्यूआर कोड युक्त लैब रिपोर्ट घर बैठे मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।