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समर्पण हॉस्पिटल सील, संचालिका पर केस दर्ज
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अयोध्या। कोतवाली नगर अंतर्गत रीडगंज-देवकाली रोड पर संचालित समर्पण हॉस्पिटल का स्वास्थ्य विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है। पंजीकरण के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदन में फर्जी कागजात लगाए गए हैं। यही नहीं अस्पताल बिना चिकित्सक के चल रहा था। इसके चलते सीएमओ कार्यालय के नोडल अफसर ने अस्पताल की संचालिका समेत अन्य स्टाफ पर केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होते ही अस्पताल की संचालिका फरार हो गई है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं, बुधवार को स्वास्थ्य व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया। इस दौरान यहां भर्ती कोविड के छह मरीजों को महिला अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया है।
‘अमर उजाला’ ने दो दिन पूर्व इस अस्पताल की खबर प्रकाशित की थी। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर अयोध्या कोतवाली पुलिस ने रविवार रात समर्पण हॉस्पिटल पर छापा मारा था। घटनास्थल नगर कोतवाली में होने की वजह से उच्च अधिकारियों को सूचना देने और कार्रवाई नगर कोतवाली में होनी थी, लेकिन यहां मामले को रफा-दफा करने की कोशिश शुरू हो गई। इस बीच मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो समर्पण अस्पताल के खिलाफ गंभीर अनियमितता, जालसाजी और लूट-खसोट के मामले सामने आए।
देवकाली रोड पर स्थित समर्पण हॉस्पिटल में कोविड मरीजों की जांच, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने व दवाओं के नाम पर मनमाना दाम वसूला जा रहा था। अयोध्या कोतवाली पुलिस ने सूचना केे आधार पर 8 मई को छापा मारकर एक रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को सूचना दी। उच्च अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल की जांच करके कार्यवाही का निर्देश दिया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके देव ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो अस्पताल की संचालिका साक्षी त्रिपाठी अस्पताल से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सकी। कौन चिकित्सक इलाज कर रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं दे सकी।
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वहीं, वहां मौजूद मरीजों ने पांच हजार रुपये प्रति घंटा की दर से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने, 15 सौ रुपये में कोविड टेस्ट करने व दवाओं के दोगुने से ज्यादा दाम वसूलने की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि उक्त अस्पताल का कोई पंजीकरण ही नहीं है। उसने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। जिसके कागजातों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि उसमें फर्जी कागजातों का प्रयोग किया गया है। जांच के उपरांत एसीएमओ व नोडल अधिकारी सीएमओ कार्यालय डॉ. आरके देव की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट व महामारी एक्ट के तहत अस्पताल की संचालिका साक्षी त्रिपाठी निवासी प्रमोद वन कोतवाली अयोध्या व अस्पताल के अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वहीं, बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व पुलिस की मौजूदगी में उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया। इस दौरान वहां भर्ती कोविड के छह मरीजों को महिला अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि जांच के उपरांत उक्त अस्पताल गैर कानूनी ढंग से संचालित होना पाया गया। उक्त अस्पताल को सील करा दिया गया है। कोतवाल नगर नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की तहरीर पर अस्पताल संचालिका व स्टाफ पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अस्पताल संचालिका फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
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‘अमर उजाला’ ने दो दिन पूर्व इस अस्पताल की खबर प्रकाशित की थी। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर अयोध्या कोतवाली पुलिस ने रविवार रात समर्पण हॉस्पिटल पर छापा मारा था। घटनास्थल नगर कोतवाली में होने की वजह से उच्च अधिकारियों को सूचना देने और कार्रवाई नगर कोतवाली में होनी थी, लेकिन यहां मामले को रफा-दफा करने की कोशिश शुरू हो गई। इस बीच मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो समर्पण अस्पताल के खिलाफ गंभीर अनियमितता, जालसाजी और लूट-खसोट के मामले सामने आए।
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देवकाली रोड पर स्थित समर्पण हॉस्पिटल में कोविड मरीजों की जांच, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने व दवाओं के नाम पर मनमाना दाम वसूला जा रहा था। अयोध्या कोतवाली पुलिस ने सूचना केे आधार पर 8 मई को छापा मारकर एक रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को सूचना दी। उच्च अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल की जांच करके कार्यवाही का निर्देश दिया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके देव ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो अस्पताल की संचालिका साक्षी त्रिपाठी अस्पताल से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सकी। कौन चिकित्सक इलाज कर रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं दे सकी।
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वहीं, वहां मौजूद मरीजों ने पांच हजार रुपये प्रति घंटा की दर से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने, 15 सौ रुपये में कोविड टेस्ट करने व दवाओं के दोगुने से ज्यादा दाम वसूलने की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि उक्त अस्पताल का कोई पंजीकरण ही नहीं है। उसने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। जिसके कागजातों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि उसमें फर्जी कागजातों का प्रयोग किया गया है। जांच के उपरांत एसीएमओ व नोडल अधिकारी सीएमओ कार्यालय डॉ. आरके देव की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट व महामारी एक्ट के तहत अस्पताल की संचालिका साक्षी त्रिपाठी निवासी प्रमोद वन कोतवाली अयोध्या व अस्पताल के अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वहीं, बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व पुलिस की मौजूदगी में उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया। इस दौरान वहां भर्ती कोविड के छह मरीजों को महिला अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि जांच के उपरांत उक्त अस्पताल गैर कानूनी ढंग से संचालित होना पाया गया। उक्त अस्पताल को सील करा दिया गया है। कोतवाल नगर नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की तहरीर पर अस्पताल संचालिका व स्टाफ पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अस्पताल संचालिका फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।