{"_id":"5d28c23a8ebc3e6cf4708cba","slug":"railway-union-protest-faizabad-news-lko470281097","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे रेलवे का निजीकरण : शिव गोपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे रेलवे का निजीकरण : शिव गोपाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। रेल कर्मचारी किसी भी कीमत पर रेल का निजीकरण नहीं होने देंगे। एनपीएस के मामले में कर्मचार के अंतिम वेतन के आधे के बराबर से कम के पेंशन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ये बात नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री कामरेड शिव गोपाल मिश्र ने कही। वे शुक्रवार को फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय की सौ दिन की कार्ययोजना को लेकर भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी है।
इससे चार दशक से जो औद्योगिक सौहार्द बना हुआ है, उसको खतरा है। कहा कि योजना तैयार करने के दौरान इस बारे में यूनियनों से कोई विचार नहीं किया गया।
ऐसी स्थिति में कर्मचारी इस कदम का पूरे दमखम के साथ विरोध करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों के पक्ष में एआईआरएफ व एनआरएमयू द्वारा किए गए कार्यों को सांझा किया व चुनाव में एक मात्र यूनियन लाने की अपील की।
विज्ञापन
सभा की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष का. अंजुम मुख्तार खान व संचालन मंत्री हीरालाल ने किया। इस अवसर पर मौजूद का. संजय श्रीवास्तव, महेंद्र श्रीवास्तव, राकेश कनौजिया, राजाराम, आरके पांडेय, सुधीर तिवारी, एमएन मिश्र आदि ने भी संबोधित करते हुए रेल मंत्रालय के कर्मचारी विरोधी नीतियों व रेलवे के प्रोडक्शन यूनिट के निगमीकरण व रेलवे को निजीकरण की राह पर ले जाने का जमकर विरोध किया।
विज्ञापन
ये बात नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री कामरेड शिव गोपाल मिश्र ने कही। वे शुक्रवार को फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय की सौ दिन की कार्ययोजना को लेकर भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी है।
इससे चार दशक से जो औद्योगिक सौहार्द बना हुआ है, उसको खतरा है। कहा कि योजना तैयार करने के दौरान इस बारे में यूनियनों से कोई विचार नहीं किया गया।
ऐसी स्थिति में कर्मचारी इस कदम का पूरे दमखम के साथ विरोध करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों के पक्ष में एआईआरएफ व एनआरएमयू द्वारा किए गए कार्यों को सांझा किया व चुनाव में एक मात्र यूनियन लाने की अपील की।
विज्ञापन
सभा की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष का. अंजुम मुख्तार खान व संचालन मंत्री हीरालाल ने किया। इस अवसर पर मौजूद का. संजय श्रीवास्तव, महेंद्र श्रीवास्तव, राकेश कनौजिया, राजाराम, आरके पांडेय, सुधीर तिवारी, एमएन मिश्र आदि ने भी संबोधित करते हुए रेल मंत्रालय के कर्मचारी विरोधी नीतियों व रेलवे के प्रोडक्शन यूनिट के निगमीकरण व रेलवे को निजीकरण की राह पर ले जाने का जमकर विरोध किया।