{"_id":"5d13ab9f8ebc3e3cbc699034","slug":"laptop-send-to-lakhpal-faizabad-news-lko4674230134","type":"story","status":"publish","title_hn":"320 लेखपालों को बांटा लैपटाप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
320 लेखपालों को बांटा लैपटाप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत बुधवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने लेखपालों को लैपटॉप का वितरण किया। कहा कि किसानों को खसरा व खतौनी के लिए साइबर कैफे और तहसील नहीं दौड़ना पड़ा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में तहसील सदर के 64, सोहावल के 47, रूदौली के 53, मिल्कीपुर के 79 और बीकापुर के 77 लेखपालों को लैपटॉप वितरण किया।
डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग के डिजिटल होने व तकनीक के बेहतर उपयोग से जनता की समस्याओं के निराकरण में आसानी होगी।
लैपटॉप के माध्यम से लेखपालों के कार्यों में पारदर्शिता आएगी और इसकी मदद से लेखपाल किसानों का ब्यौरा आसानी से दे पाएंगे।
आय, जाति व निवास प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी होते हैं। इससे की रिपोर्ट व आख्या समय से लग सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को अब खसरा-खतौनी की जानकारी के लिए तहसील या साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
लैपटॉप की मदद से लेखपाल किसानों को घर बैठे ही उनकी जमीन का ब्यौरा दे पाएंगे। फील्ड में भी रहकर अपनी रिपोर्ट भेज सकेंगे, जिससे सरकारी कार्यों के निपटारे में तेजी आयेगी।
बताया कि नक्शे को भी आनलाइन करने को लेकर कार्रवाई चल रही है। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजीव व लेखपाल मौजूद थे।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में तहसील सदर के 64, सोहावल के 47, रूदौली के 53, मिल्कीपुर के 79 और बीकापुर के 77 लेखपालों को लैपटॉप वितरण किया।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग के डिजिटल होने व तकनीक के बेहतर उपयोग से जनता की समस्याओं के निराकरण में आसानी होगी।
लैपटॉप के माध्यम से लेखपालों के कार्यों में पारदर्शिता आएगी और इसकी मदद से लेखपाल किसानों का ब्यौरा आसानी से दे पाएंगे।
आय, जाति व निवास प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी होते हैं। इससे की रिपोर्ट व आख्या समय से लग सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को अब खसरा-खतौनी की जानकारी के लिए तहसील या साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
लैपटॉप की मदद से लेखपाल किसानों को घर बैठे ही उनकी जमीन का ब्यौरा दे पाएंगे। फील्ड में भी रहकर अपनी रिपोर्ट भेज सकेंगे, जिससे सरकारी कार्यों के निपटारे में तेजी आयेगी।
बताया कि नक्शे को भी आनलाइन करने को लेकर कार्रवाई चल रही है। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजीव व लेखपाल मौजूद थे।