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सहकारी समितियों में खाद नहीं
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:26 PM IST
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जबकि बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। मांग बढ़ने के साथ-साथ दुकानदार महंगी दरों पर यूरिया की बिक्री कर रहे हैं।
अभी तक किसान खेतों में यूरिया की बोआई इस डर से नहीं कर रहा था कि कही मौसम दगा न दे जाए। वजह जिस समय यूरिया की टॉप ट्रेसिंग की जाती है। उस दौरान खेतों में अच्छी नमी रहनी चाहिए।
शुक्रवार से हो रही बरसात ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। अब किसान यूरिया की टॉप ड्रेसिंग के लिए बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
यूरिया की सबसे अधिक काला बाजारी मवई और रुदौली क्षेत्रों में हो रही है। खंडास और मिल्कीपुर भी इससे अछूता नहीं है। तारुन में नेतवारी चतुरपुर निवासी हरीशचंद्र वर्मा ने बताया कि तारुन बाजार में यूरिया साथ जिंक और माइक्रोन्यूट्रियन्स की टैगिंग भी की जा रही है।
मसौधा क्षेत्र के किसान राम अकबाल वर्मा, नैपुरा के पूर्व प्रधान वंश बहादुर वर्मा ने सहकारी समितियों पर खाद न होने की शिकायत अफसरों से की है। सोहावल किसान परेशान हैं। यहीं हाल तारुन, बीकापुर, गोसाईंगज, रुदौैली आदि सभी इलाकों का है।
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सहायक निबंधक सहकारिता एनके गुप्ता का कहना है कि समितियों पर खाद नहीं है। इस शिकायत से वे अवगत हैं। लेकिन इसकी वजह रैक न आना है। अगले कुछ दिनों में रैक आने वाली है, इसके बाद राहत मिलेगी।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने कहा कि अभी तक क्षेत्र से एक भी किसान से शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलेगी तो दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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अभी तक किसान खेतों में यूरिया की बोआई इस डर से नहीं कर रहा था कि कही मौसम दगा न दे जाए। वजह जिस समय यूरिया की टॉप ट्रेसिंग की जाती है। उस दौरान खेतों में अच्छी नमी रहनी चाहिए।
शुक्रवार से हो रही बरसात ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। अब किसान यूरिया की टॉप ड्रेसिंग के लिए बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
यूरिया की सबसे अधिक काला बाजारी मवई और रुदौली क्षेत्रों में हो रही है। खंडास और मिल्कीपुर भी इससे अछूता नहीं है। तारुन में नेतवारी चतुरपुर निवासी हरीशचंद्र वर्मा ने बताया कि तारुन बाजार में यूरिया साथ जिंक और माइक्रोन्यूट्रियन्स की टैगिंग भी की जा रही है।
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मसौधा क्षेत्र के किसान राम अकबाल वर्मा, नैपुरा के पूर्व प्रधान वंश बहादुर वर्मा ने सहकारी समितियों पर खाद न होने की शिकायत अफसरों से की है। सोहावल किसान परेशान हैं। यहीं हाल तारुन, बीकापुर, गोसाईंगज, रुदौैली आदि सभी इलाकों का है।
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सहायक निबंधक सहकारिता एनके गुप्ता का कहना है कि समितियों पर खाद नहीं है। इस शिकायत से वे अवगत हैं। लेकिन इसकी वजह रैक न आना है। अगले कुछ दिनों में रैक आने वाली है, इसके बाद राहत मिलेगी।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने कहा कि अभी तक क्षेत्र से एक भी किसान से शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलेगी तो दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।