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कृषि कानून के खिलाफ किसानों का धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, सड़क जाम

Tue, 08 Dec 2020 07:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 07:26 PM IST
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ayodhya
अयोध्या। केंद्र सरकार से लाए गए कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की। सड़क जाम कर कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से नोकझोंक और छीनाझपटी हुई। शहर से देहात तक किसान डंडे-झंडे के साथ सड़क पर डटे रहे। प्रशासन और पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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जगह-जगह पुलिस की टुकडिय़ां अफसरों के नेतृत्व में लगाई गई थीं। शहर में भारतीय किसान यूनियन और कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो देहात क्षेत्र में भी किसानों के अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया या फिर आंदोलन का समर्थन करके केंद्र सरकार पर कानूनों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया।
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मंगलवार को कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद के ऐलान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में सुबह 11 बजे से इकट्ठा होने लगे। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य साधनों से गांधी पार्क में पहुंचने लगे। स्थिति की नजाकत भांप पहले से पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। दोपहर 12 बजे तक फैजाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर पहुंचे किसानों ने सड़क जाम करने की कोशिश की।
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इस पर प्रशासन ने किसानों को गांधी पार्क में ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन काफी संख्या में प्रदर्शन में शामिल महिलाएं व किसान सड़क पर उतर गए और चौक-लखनऊ राजमार्ग को जाम करते हुए धरना देने लगे। कुछ देर तक चली पंचायत के बाद जाम खुलवाया गया और यातायात बहाल हुआ। इस दौरान नेताओं ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की। आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने किया।
भाकियू का समर्थन करते हुए वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। जनौस प्रदेश महासचिव कामरेड सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा कि देश के किसान इस किसान विरोधी सरकार को मजबूर कर देंगे, काला कानून वापस लेने के लिए। वामदलों की तरफ से भाकपा जिला सचिव राम तीर्थ पाठक, माकपा जिला सचिव माताबदल, सूर्यकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोकदल कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरने में शामिल होने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच किया तो पुलिस ने गेट बंद करके बैरियर लगा दिया। कार्यकर्ता दोबारा धरने पर बैठ गए। धरने पर पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आयुश चौधरी को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी रामसिंह पटेल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाते हुए तीनों किसान विरोधी अध्यादेशों को समाप्त करने की मांग की।
वहीं, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गंगा सिंह यादव गोसाईगंज क्षेत्र में किसानों के भारत बंद का समर्थन करते हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले के सभी विधानसभा में किसान संगठनों द्वारा भारत बंद के आह्वान का समाजवादी पार्टी समर्थन कर रही है। भाजपा सरकार के तानाशाही रवैया से किसान परेशान है।
जब तक किसान विरोधी बिल वापस नहीं होता है, सपा का विरोध जारी रहेगा। गोसाईगंज विधान सभा के अमसिन बाजार में विधानसभा अध्यक्ष मनोज वर्मा के नेतृत्व में मार्च निकालकर जनसभा की गई। जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य इंद्रपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की खेती को गिरवी रखने के लिए कानून बना डाला, लेकिन हम समाजवादी कार्यकर्ता इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे।
समाजवादी युवजनसभा के जिलाध्यक्ष जयसिंह यादव को सआदतगंज से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले गई। गिरफ्तारी के बाद जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रशासन पूरी तरीके तानाशाही रवैया अपना रहा है। किसानों के आंदोलन को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का समर्थन सरकार को रास नहीं आ रहा है। इससे बौखला कर वर्तमान सरकार के इशारे पर समाजवादियों की गिरफ्तारियां की जा रही है।
समाजवादी लोग किसानों की लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ने का काम करेंगे। गिरफ्तार होने वालों में युवजनसभा महासचिव शारिब हुसैन, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, नीरज शर्मा, अवधेश गोस्वामी, नगर अध्यक्ष रूदौली मो साजिद, विकास यादव आदि शामिल रहे।
महिला किसानों की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट की ओर से तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस बीच काफी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने भाकियू कार्यकर्ताओं को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच भाकियू कार्यकर्ताओं ने महिला किसानों के साथ पुलिस से धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया। इस पर भाकियू कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए। उप जिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह के समझाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और प्रधानमंत्री को संबोधित दो सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुमन पांडेय ने किया।
प्रदर्शन करने निकले कांग्रेसियों को लिया हिरासत में
अयोध्या। किसानों की मांगों के समर्थन में किसान संगठनों से भारत बंद का कांग्रेस पार्टी ने समर्थन किया। जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में कांग्रेसजन पार्टी कार्यालय पर एकत्र होकर प्रदर्शन करते हुए बंद को अपना समर्थन देने के लिए जैसे ही निकले, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल व पीएसी ने उन्हें बलपूर्वक रोक लिया। इस पर भी कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस के घेर को तोड़कर आगे बढ़े तो कांग्रेस और पुलिस से नोकझोंक व हाथापाई हुई। इसके बाद कांग्रेसजन सड़कों पर बैठकर धरना देने लगे। स्थिति अनियंत्रित होता देख मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर विजयपाल सिंह व सीओ सिटी पलाश बंसल के निर्देश पर सभी नेताओं को हिरासत में लेकर गाड़ियों में भरकर पुलिस लाइन लाया गया। देरशाम तक कांग्रेसजनों को पुलिस लाइन में ही रखा गया था। प्रदर्शन से पूर्व उपस्थित कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस ठंड में शांति पूर्वक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान भाइयों के ऊपर पुलिस द्वारा वाटर कैनन से पानी और आंसू गैस के गोले छोड़े जाना एवं किसान भाइयों को आतंकवादी कहना, स्पष्ट रूप से भाजपा के किसान विरोधी चेहरे को बेनकाब करता है।
देहात में अलग-अलग संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन
अयोध्या। तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी किसान संगठन से जुड़े नेता व कार्यकर्ताओं ने भी किसान कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। जगह-जगह मौजूद स्थानीय पुलिस ने समझाकर प्रदर्शन शांत कराया।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन भानु गुट द्वारा केंद्र सरकार के किसान बिल के विरोध में बीकापुर कस्बे में ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गपाल वर्मा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज हाइवे पर एकत्रित होकर नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र में किसान विरोधी कानून को वापस लेने की मांग की।
उधर, किसान संघर्ष समिति के संयोजक एवं नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन मायाराम वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने बीकापुर तहसील में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्री मांगपत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा।
रौजागांव प्रतिनिधि के अनुसार, भाकियू के प्रदेश सचिव दिनेश कुमार दुबे की अगुवाई में रौजागांव चीनी मिल के सामने हाईवे को जाम करने का प्रयास किया गया, लेकिन पहले से मुस्तैद प्रशासन ने किसान नेताओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सुबह से ही उपजिलाधिकारी रुदौली विपिन सिंह, सीओ डॉ धर्मेंद्र यादव, कोतवाल कृष्णकांत यादव हाईवे पर डटे रहे। इसके अलावा सभी चौकी प्रभारी भी गश्त में जुटे रहे।
क्षेत्राधिकारी डॉ धर्मेंद्र यादव ने बताया कि तीनों थानों की पुलिस सहित एक प्लाटून व डेढ़ सेक्शन अतिरिक्त फोर्स लगाया गया है। उपजिलाधिकारी रुदौली विपिन सिंह ने बताया कि पूरी रुदौली तहसील क्षेत्र में कही भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन व पुलिस बल मुस्तैद है। इसके बाद प्रदेश सचिव दिनेश दुबे ने सात सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी रुदौली विपिन सिंह को दिया।
घर पर ही नजरबंद किए गए सपा व कांग्रेस के नेता
अयोध्या। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान कानून के विरोध में किसान आंदोलन का समर्थन का ऐलान करने के बाद मंगलवार को सपा व कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेताओं को पुलिस ने घर पर ही नजरबंद कर दिया। ंसुबह से ही पुलिस की टुकड़ियां नेताओं के घर पर मौजूद रहीं, जिससे नेतागण प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके।
अयोध्या विधानसभा के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन को पुलिस ने अंगूरीबाग स्थित उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। सुबह से ही पुलिस बल उनके घर पर मौजूद रहा। मामले की जानकारी होने पर तमाम कार्यकर्ता भी पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंच गए। जिनकी पुलिस की तीखी नोंकझोंक भी हुई।
यहीं पर मौजूद पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि जब तक किसान विरोधी बिल वापस नहीं होगा, तब तक समाजवादी पार्टी के नेता/कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। इसके लिए हम लोग निरंतर संघर्ष जारी रखेंगे। अन्नदाता किसान के साथ कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान विरोधी बिल लाकर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का कार्य भाजपा की तानाशाही सरकार कर रही है। इस सरकार में नौजवान, किसान, दलित, मजदूर, बेरोजगार सभी वर्ग त्रस्त है।
वहीं, जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके घर पर ही रोक लिया गया हालांकि उन्होंने पुलिस को चकमा दे दिया और वहां से निकल कार्यालय पहुंच गए। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अकबर अली मेजर को सआदतगंज स्थित उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। इस दौरा जनंटों पुलिस कर्मी उनके आवास पर बैठे रहे।

अकबर अली मेजर ने कहा कि वह किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन से तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए उन्हें घर पर ही गिरफ्तार कर लिया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। इसी तरह कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मोहम्मद शरीफ को चौक स्थित उनके आवास पर स्थानीय पुलिस ने नजरबंद कर लिया। प्रदर्शन होने तक पुलिस ने उन्हें घर से नहीं निकलने दिया। मोहम्मद शरीफ ने प्रशासन की कार्यशैली पर असंतोष जताया।
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