{"_id":"614f63868ebc3efcaf746ced","slug":"all-civic-amenities-will-be-available-in-every-sector-faizabad-news-lko597254855","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर सेक्टर में मिलेंगी सभी नागरिक सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर सेक्टर में मिलेंगी सभी नागरिक सुविधाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। रामनगरी के नियोजित विकास के लिए बन रहे मास्टर प्लान 2031 में सेक्टोरियल विकास को तरजीह दी गई है। इसके लिए प्राधिकरण के पुराने विकास क्षेत्र 133 वर्ग किमी को सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर में अलग-अलग कामर्शियल, ग्रीन जोन व आवासीय जोन का निर्धारण किया गया है। कोशिश यह की गई है कि हर सेक्टर में प्रत्येक व्यक्ति को संपूर्ण नागरिक सुविधाएं मिल सकें।
हर सेक्टर में हास्पिटल, पार्क, शापिंग कॉम्पलेक्स व मॉल सहित अन्य नागरिक उपभोग की वस्तुओं के मिलने का स्थान निर्धारित किया गया है। इससे हर व्यक्ति को अपने ही सेक्टर में समस्त नागरिक सुविधाएं मिल सकेंगी। सोमवार को प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान को पास कर शासकीय अनुमति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
अयोध्या में अमृत योजना के तहत मास्टर प्लान 2031 बन कर तैयार हो गया है। यह मास्टर प्लान अयोध्या के पुराने विकास क्षेत्र के 133 किमी का है। लगभग डेढ़ वर्षों से मास्टर प्लान बन रहा था। एस्टेलाइट कंपनी द्वारा मास्टर प्लान फाइनल कर टाउन प्लानिंग विभाग को सौंप दिया गया था। टाउन प्लानिंग विभाग ने इसे सेक्टरों में विभाजित कर फाइनल प्रारूप तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
सोमवार को संभावित प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान पेश किया जाएगा। बोर्ड की ओर से पास करने के बाद मास्टर प्लान को अनुमति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। प्राधिकरण शासन की अनुमति के बाद प्रचार व प्रदर्शनी के माध्यम से जनता से सुझाव व आपत्तियां लेगा।
इसमें सभी का निस्तारण करने के बाद फिर से प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पेश होगा। बैठक में पास होने के बाद लागू करने की अनुमति के लिए फिर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान 2031 लागू किया जाएगा।
पूरे कार्यक्रम के नवंबर के अंत तक पूर्ण होने की योजना है। मास्टर प्लान में इस बार वर्ष 2000 के मास्टर प्लान के इतर अलग व्यवस्था की गई है। पूरे मास्टर प्लान को सेक्टर व जोन में बांटा गया है। हर सेक्टर में अलग-अलग व्यावसायिक जोन, आवासीय जोन, ग्रीन जोन सहित अन्य जोन निर्धारित किए गए हैं।
इसके साथ ही हर सेक्टर में समूचे सेक्टर वासियों को सभी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए हर सेक्टर में पार्क, हॉस्पिटल, माल, शापिंग कॉम्पलेक्स, शौचालय, सुविधा केंद्र सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए जगहों का निर्धारण किया गया है। कोशिश की गई है कि लोगों की समस्त छोटी-बड़ी जरूरतें अपने ही सेक्टर में पूरी हो जाएं।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह ने बताया कि अयोध्या का मास्टर प्लान 2031 बनकर तैयार हो गया है। इसमें सेक्टोरियल विकास को तरजीह दी गई है। कोशिश यह की गई है कि हर सेक्टर के लोगों की ज्यादातर जरूरतें अपने ही सेक्टर में पूरी हो जाएं। सोमवार को प्राधिकरण की संभावित बैठक में मास्टर प्लान को पास कर शासकीय अनुमति के लिए भेज दिया जाएगा।
मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने शासन की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल अयोध्या के विकास कार्य की समीक्षा के लिए स्थापित डैशबोर्ड की प्रगति के लिए समीक्षा की है। उन्होंने अयोध्या के विकास में शामिल सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि डैशबोर्ड का संचालन सुनिश्चित करें। जो विभाग अब तक नहीं शामिल हो सकें हैं, वो भी शामिल हो जाएं।
अयोध्या के विकास से संबंधित समस्त विभाग यह सुनिश्चत कर लें कि प्रत्येक मंगलवार को अपने डैशबोर्ड को अपडेट कर देंगे ताकि समीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि शासन में होने वाली समीक्षा में विभाग खुद अपना प्रजेंटेशन देगा।
विज्ञापन
हर सेक्टर में हास्पिटल, पार्क, शापिंग कॉम्पलेक्स व मॉल सहित अन्य नागरिक उपभोग की वस्तुओं के मिलने का स्थान निर्धारित किया गया है। इससे हर व्यक्ति को अपने ही सेक्टर में समस्त नागरिक सुविधाएं मिल सकेंगी। सोमवार को प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान को पास कर शासकीय अनुमति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
अयोध्या में अमृत योजना के तहत मास्टर प्लान 2031 बन कर तैयार हो गया है। यह मास्टर प्लान अयोध्या के पुराने विकास क्षेत्र के 133 किमी का है। लगभग डेढ़ वर्षों से मास्टर प्लान बन रहा था। एस्टेलाइट कंपनी द्वारा मास्टर प्लान फाइनल कर टाउन प्लानिंग विभाग को सौंप दिया गया था। टाउन प्लानिंग विभाग ने इसे सेक्टरों में विभाजित कर फाइनल प्रारूप तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
सोमवार को संभावित प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान पेश किया जाएगा। बोर्ड की ओर से पास करने के बाद मास्टर प्लान को अनुमति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। प्राधिकरण शासन की अनुमति के बाद प्रचार व प्रदर्शनी के माध्यम से जनता से सुझाव व आपत्तियां लेगा।
इसमें सभी का निस्तारण करने के बाद फिर से प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पेश होगा। बैठक में पास होने के बाद लागू करने की अनुमति के लिए फिर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान 2031 लागू किया जाएगा।
पूरे कार्यक्रम के नवंबर के अंत तक पूर्ण होने की योजना है। मास्टर प्लान में इस बार वर्ष 2000 के मास्टर प्लान के इतर अलग व्यवस्था की गई है। पूरे मास्टर प्लान को सेक्टर व जोन में बांटा गया है। हर सेक्टर में अलग-अलग व्यावसायिक जोन, आवासीय जोन, ग्रीन जोन सहित अन्य जोन निर्धारित किए गए हैं।
इसके साथ ही हर सेक्टर में समूचे सेक्टर वासियों को सभी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए हर सेक्टर में पार्क, हॉस्पिटल, माल, शापिंग कॉम्पलेक्स, शौचालय, सुविधा केंद्र सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए जगहों का निर्धारण किया गया है। कोशिश की गई है कि लोगों की समस्त छोटी-बड़ी जरूरतें अपने ही सेक्टर में पूरी हो जाएं।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह ने बताया कि अयोध्या का मास्टर प्लान 2031 बनकर तैयार हो गया है। इसमें सेक्टोरियल विकास को तरजीह दी गई है। कोशिश यह की गई है कि हर सेक्टर के लोगों की ज्यादातर जरूरतें अपने ही सेक्टर में पूरी हो जाएं। सोमवार को प्राधिकरण की संभावित बैठक में मास्टर प्लान को पास कर शासकीय अनुमति के लिए भेज दिया जाएगा।
मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने शासन की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल अयोध्या के विकास कार्य की समीक्षा के लिए स्थापित डैशबोर्ड की प्रगति के लिए समीक्षा की है। उन्होंने अयोध्या के विकास में शामिल सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि डैशबोर्ड का संचालन सुनिश्चित करें। जो विभाग अब तक नहीं शामिल हो सकें हैं, वो भी शामिल हो जाएं।
अयोध्या के विकास से संबंधित समस्त विभाग यह सुनिश्चत कर लें कि प्रत्येक मंगलवार को अपने डैशबोर्ड को अपडेट कर देंगे ताकि समीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि शासन में होने वाली समीक्षा में विभाग खुद अपना प्रजेंटेशन देगा।