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एएआई का सर्वे पूरा, रामनगरी से उड़ान भरेंगे 72 सीटर विमान
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Aug 2018 10:26 PM IST
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aircraft
- फोटो : file photo
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वायुमार्ग से रामनगरी को देश-विदेश से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने फैजाबाद हवाई अड्डे को सिविल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए सर्वे का काम पूरा करा लिया है। पहले चरण में यहां से एटीआर-72 विमानों को उड़ाने की योजना है। एयरपोर्ट का विस्तार तीन चरणों में होना है।
इस बाबत भूमि अधिग्रहण को छोड़ कुल 307.75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को फैजाबाद सिविल एयरपोर्ट के प्रस्तावित विकास के मास्टर प्लान के साथ पत्र भेजा है। फैजाबाद को सिविल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एएआई ने टीम के जरिए दो प्रकार का सर्वे कराया है।
पहला तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता (टीईएफए) और दूसरा ऑब्सट्रक्शन लिमिटेशन सर्वेक्षण (ओएलएस)। दोनों सर्वेक्षणों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को लिखे पत्र में केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट को चरणवार सिविल प्रचलन के लिए विकसित करने की बात कही है। पहले चरण में मौजूदा हवाई अड्डे को एटीआर-72/क्यू 400 के लिए विकसित करने की बात कही गई है।
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अर्थात पहले चरण में फैजाबाद एयरपोर्ट से 72 से 78 सीटों वाला विमान उड़ाया जाएगा। इस पर कुल लगभग 126.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कुल 224.06 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। यातायात और मांग के मद्देनजर दूसरे चरण में इस पर ए-231 विमानों को उड़ाने के लिए योजना है। इसके लिए अतिरिक्त 62.02 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। दूसरे चरण पर कुल 201.10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यदि कोई एयरलाइंस उड़ान योजना के तहत अपनी रुचि दर्शाता है तो मौजूदा फैजाबाद हवाई पट्टी को आरसीएस उड़ान योजना के तहत विकसित किया जा सकता है। फिलहाल अभी किसी एयरलाइन ने इस हवाई अड्डे के लिए बोली नहीं लगाई है। एयरपोर्ट के लिए जमीन की उपलब्धता प्रदेश सरकार को करनी है। फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह ने एयरपोर्ट के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है।
कहा कि, उम्मीद है कि जल्दी इस बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में केंद्रीय मंत्री ने फैजाबाद हवाई अड्डे को प्रचालित करने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों की मौजूदगी के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय से समन्वय के साथ ही हवाई अड्डे के चारों ओर मौजूदा गतिरोध जैसे सेल फोन टॉवर, भवन आदि को राज्य सरकार की ओर से व्यवस्था कराए जाने की बात कही है।
क्या है आरसीएस प्लान
-एएआई ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को वायुमार्ग से यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रीय क्नेक्टिविटी योजना लागू की है। इसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों से एयरपोर्ट को जोड़ा जाता है।
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इस बाबत भूमि अधिग्रहण को छोड़ कुल 307.75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को फैजाबाद सिविल एयरपोर्ट के प्रस्तावित विकास के मास्टर प्लान के साथ पत्र भेजा है। फैजाबाद को सिविल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एएआई ने टीम के जरिए दो प्रकार का सर्वे कराया है।
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पहला तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता (टीईएफए) और दूसरा ऑब्सट्रक्शन लिमिटेशन सर्वेक्षण (ओएलएस)। दोनों सर्वेक्षणों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को लिखे पत्र में केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट को चरणवार सिविल प्रचलन के लिए विकसित करने की बात कही है। पहले चरण में मौजूदा हवाई अड्डे को एटीआर-72/क्यू 400 के लिए विकसित करने की बात कही गई है।
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अर्थात पहले चरण में फैजाबाद एयरपोर्ट से 72 से 78 सीटों वाला विमान उड़ाया जाएगा। इस पर कुल लगभग 126.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कुल 224.06 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। यातायात और मांग के मद्देनजर दूसरे चरण में इस पर ए-231 विमानों को उड़ाने के लिए योजना है। इसके लिए अतिरिक्त 62.02 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। दूसरे चरण पर कुल 201.10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यदि कोई एयरलाइंस उड़ान योजना के तहत अपनी रुचि दर्शाता है तो मौजूदा फैजाबाद हवाई पट्टी को आरसीएस उड़ान योजना के तहत विकसित किया जा सकता है। फिलहाल अभी किसी एयरलाइन ने इस हवाई अड्डे के लिए बोली नहीं लगाई है। एयरपोर्ट के लिए जमीन की उपलब्धता प्रदेश सरकार को करनी है। फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह ने एयरपोर्ट के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है।
कहा कि, उम्मीद है कि जल्दी इस बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में केंद्रीय मंत्री ने फैजाबाद हवाई अड्डे को प्रचालित करने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों की मौजूदगी के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय से समन्वय के साथ ही हवाई अड्डे के चारों ओर मौजूदा गतिरोध जैसे सेल फोन टॉवर, भवन आदि को राज्य सरकार की ओर से व्यवस्था कराए जाने की बात कही है।
क्या है आरसीएस प्लान
-एएआई ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को वायुमार्ग से यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रीय क्नेक्टिविटी योजना लागू की है। इसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों से एयरपोर्ट को जोड़ा जाता है।