{"_id":"5a00a0844f1c1bee688b99ec","slug":"91509990532-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौरीशंकर दास की जमानत अर्जी खारिज, भेजे गए जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौरीशंकर दास की जमानत अर्जी खारिज, भेजे गए जेल
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद। फर्जी वसीयत के जरिये दूसरे की जमीन हड़पने के मामले में हनुमानगढ़ी अयोध्या के साधु गौरीशंकर दास की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज करके उन्हें जेल भेज दिया।
यह आदेश जिला जज चंद्र हास राम की कोर्ट से हुआ। डीजीसी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि घटना 16 मई 2007 की है।
वादी युगल बिहारीदास निवासी अयोध्या ने रिपोर्ट लिखाई थी कि गौरी शंकर दास ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी साढ़े चार बीघा जमीन हड़पने के लिए कई बार जानलेवा हमला करवाया।
इससे डर कर जब वह बाहर चला गया तो उसे राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शाकर उसकी कई जमीन पर अपना नाम दर्ज करवा लिया। इसके बाद जमीन को दूसरे को बेच दिया।
राजस्व कर्मियों की जांच में युगल बिहारीदास जीवित पाए गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
यह आदेश जिला जज चंद्र हास राम की कोर्ट से हुआ। डीजीसी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि घटना 16 मई 2007 की है।
वादी युगल बिहारीदास निवासी अयोध्या ने रिपोर्ट लिखाई थी कि गौरी शंकर दास ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी साढ़े चार बीघा जमीन हड़पने के लिए कई बार जानलेवा हमला करवाया।
विज्ञापन
इससे डर कर जब वह बाहर चला गया तो उसे राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शाकर उसकी कई जमीन पर अपना नाम दर्ज करवा लिया। इसके बाद जमीन को दूसरे को बेच दिया।
राजस्व कर्मियों की जांच में युगल बिहारीदास जीवित पाए गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।