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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   75 thousand cubic meters of stone will Ayodhya

75 हजार घनफुट पत्थर आएगा अयोध्या

Tue, 22 Dec 2015 12:29 AM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Dec 2015 12:29 AM IST
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रामनगरी अपनी रौ में है, मगर श्रीराम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिंदू परिषद के ठिकानों पर हो रही तैयारियां हलचल पैदा करती हैं। राजस्थान से आठ साल बाद पत्थरों की खेप आना शुरू हो गई है और विहिप की मानें तो दान में मिला 75 हजार घनफुट पत्थर आने वाले दिनों में अयोध्या आएगा।
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रविवार को शिलापूजन के साथ पत्थर तराशी में तेजी व रामकथा कुंज में तैयार हो रहीं सैकड़ों मूर्तियां बहुत कुछ कहती हैं। कई सालों से राममंदिर आंदोलन सिर्फ चुनावी मुद्दा बना हुआ है। मगर हाल में हुई कई गतिविधियां कुछ और ही संकेत करती हैं।
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श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास शिलापूजन को मंदिर निर्माण की तरफ एक कदम मानते हैं। कहते हैं, आठ साल बाद दान के पत्थर आने पर शिलापूजन कर निर्बाध कार्य चलते रहने की प्रार्थना की गई है। यह नया कार्यक्रम नहीं है।
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अब मंदिर निर्माण का समय आ गया है। मोदी पक्ष में हैं, हम लोग अपनी तैयारी पूरी कर रहे हैं। जल्द प्रधानमंत्री से मिलेंगे। मंदिर-मस्जिद विवाद के पक्षकार निर्वाणी अनी अखाड़े के महंत धर्मदास के प्रतिनिधि हरदयाल शास्त्री कहते हैं कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान कि राममंदिर के लिए समाज तैयार रहे.., फिर विहिप के महामंत्री और मंदिर निर्माण कार्यशाला के प्रमुख चंपत राय का 7 से 10 दिसंबर तक यहां डेरा डालना और अब न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का शिलापूजन दरअसल प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश है।

सब जानते हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और अभी दस्तावेजों का अनुवाद भी नहीं हुआ है। सरकार भी कुछ करने नहीं जा रही है, ऐसे में माहौल गरमाने के अलावा कुछ होने नहीं जा रहा है। रामसेवकपुरम् कार्यशाला में मिले विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि दान में पत्थर लेने के ऐलान के बाद पहली खेप में 30 टन पत्थर आया है।

दान देने वालों का नाम गुप्त रखा गया है। रामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला में दो कारीगर खंभों पर कलाकृतियां बना रहे हैं। भरतपुर राजस्थान के लक्खीराम कहते हैं कि 1994 से तराशी कर रहे पर पहले के तराशे पत्थर काले पड़ने से इस पर दोबारा काम करना पड़ेगा।


संदेश आया है कि काम तेज करो, मंदिर की तैयारी है। गुजरात के सुरेंद्रनगर जिला के धांग्रदा निवासी कारीगर रजनीकांत कहते हैं कि हम मोदी के प्रदेश से हैं, मंदिर इसी सरकार में बनेगा, इसलिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
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