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बिना डीएल के वाहन चला रहे 61894चालक
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अयोध्या। जिले में करीब 61 हजार से ज्यादा लोग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। कोरोना काल में लगाई गई पाबंदियों के न हटने से इसका खामियाजा खत्म हो चुके लाइसेंस धारकों को भुगतना पड़ रहा है।
लाइसेंस की समय सीमा पूरी होने के बाद नवीनीकरण न होने के कारण उन्हें बिना लाइसेंस के वाहन चलाना पड़ रहा है। स्लॉट न खाली होने के कारण आवेदन करने के बाद भी लोगों को कई महीनों से इंतजार करना पड़ रहा है।
हाल यह हैै कि लाइसेंस न होने के कारण तमाम लोगों को चालान भरना पड़ रहा है। परिवहन विभाग अयोध्या द्वारा 1 अप्रैल 1966 से लेकर 8 अप्रैल 2022 तक कुल 301006 लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।
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इनमें निजी व कामर्शियल दोनों प्रकार के चालक शामिल हैं। यह लाइसेंस अधिकतम 20 वर्षों के लिए या 50 साल की उम्र तक के लिए जारी होते हैं। इस श्रेणी के कुल 61894 लोगों के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है।
विभाग द्वारा अयोध्या जनपद के लिए लर्निंग, परमानेंट और नवीनीकरण के लिए 405 स्लॉट निर्धारित किए हैं। दो वर्षों में कोरोना काल के चलते यह स्लॉट घटाकर महज 179 कर दिया गया था।
इसमें लर्निंग डीएल स्लॉट जो पहले 240 था, उसे घटाकर 107 व डीएल परमानेंट व नवीनीकरण स्लॉट जो पहले 165 था उसे घटा कर मात्र 72 कर दिया गया था।
कोरोना काल में लाइसेंस बनवाने व नवीनीकरण के लिए कम संख्या में लोग परिवहन विभाग पहुंच रहे थे, जिससे तब ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कोरोना का कहर कम होने पर ज्यादा संख्या में लोग लर्निंग, परमानेंट लाइसेंस बनाने व नवीनीकरण कराने के लिए ज्यादा संख्या में आ रहे हैं।
इससे आवेदकों के साथ परिवहन विभाग की भी परेशानी बढ़ गई है। हाल यह है कि डीएल बनवाने की वेटिंग लिस्ट तीन से चार महीने तक पहुंच रही है।
कोरोना का कहर कम हो गया, सरकार ने तकरीबन सभी पाबंदियां हटा ली हैं, लेकिन कोरोना काल में लाइसेंस बनवाने व नवीनीकरण के लिए घटाए गए स्लॉट को बढ़ाया नहीं, इसके चलते जिले में 61894 लोगों का लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।
इसमें निजी व कॉमर्शियल दोनों तरह के लाइसेंस शामिल हैं। इसमें से करीब 20 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है लेकिन स्लॉट कम होने के वजह से कुछ को चार से छह माह से इंतजार करना पड़ रहा है।
वही नए आवेदन करने वालों को तीन से चार माह की वेटिंग दी जा रही है। जानकारों के अनुसार लाइसेंस का नवीनीकरण न होने पर यदि कोई हादसा होता है तो बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिलता है।
साथ ही चालक के परिवार को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता। वहीं एक्सपायरी लाइसेंस धारक चालक द्वारा हादसा करने पर इसकी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होती है।
लाइसेंस नवीनीकरण न होने से लाइसेंस धारकों को दोहरी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन करने पर उन्हें कई माह बाद की तारीख मिल रही है, तो वहीं एक्सपायरी लाइसेंस के साथ पकड़े जाने पर उन्हें करीब पांच हजार रुपये का चालान भरना पड़ रहा है।
सरकार ने कोविड को देखते हुए एक फरवरी 2021 से 31 अक्तूबर 2021 तक लाइसेंस नवीनीकरण न होने के साथ पकड़े जाने पर जुर्माना नहीं करने का आदेश दिया था लेकिन अब यह समय सीमा खत्म हो गई है।
नियमानुसार वैध लाइसेंस न होने पर दुर्घटना आदि में क्लेम नहीं मिल पाता, इसके चलते कई कंपनियों व निजी लोगों ने अपने चालकों को नौकरी से निकाल दिया है। अब उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
चंडीगढ़ में वाहन चलाने वाले अयोध्या निवासी जय प्रकाश पांडेय बताते हैं कि वह एक कंपनी के मालिक के ड्राइवर थे। लाइसेंस का नवीनीकरण कराने तक के लिए उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। बताया कि जनवरी में आवेदन किया था, जून में डेट मिली है।
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं। सुबह 11 बजे साइट खुलने के बाद आधे घंटे के अंदर सभी स्लॉट फुल हो जाते हैं। जो आवेदन से वंचित रह जाते हैं, वह अगले दिन आते हैं। ऐसे यह प्रक्रिया कई माह से चल रही है।
कोरोना काल में डीएल स्लॉट घटाए गए थे। अब हालात सामान्य होने पर घटे स्लॉट को बढ़ाए जाने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही स्लॉट बढ़ा दिए जाएंगे। -राजेश प्रताप सिंह, एआरटीओ (प्रशासन) परिवहन विभाग
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लाइसेंस की समय सीमा पूरी होने के बाद नवीनीकरण न होने के कारण उन्हें बिना लाइसेंस के वाहन चलाना पड़ रहा है। स्लॉट न खाली होने के कारण आवेदन करने के बाद भी लोगों को कई महीनों से इंतजार करना पड़ रहा है।
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हाल यह हैै कि लाइसेंस न होने के कारण तमाम लोगों को चालान भरना पड़ रहा है। परिवहन विभाग अयोध्या द्वारा 1 अप्रैल 1966 से लेकर 8 अप्रैल 2022 तक कुल 301006 लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।
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इनमें निजी व कामर्शियल दोनों प्रकार के चालक शामिल हैं। यह लाइसेंस अधिकतम 20 वर्षों के लिए या 50 साल की उम्र तक के लिए जारी होते हैं। इस श्रेणी के कुल 61894 लोगों के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है।
विभाग द्वारा अयोध्या जनपद के लिए लर्निंग, परमानेंट और नवीनीकरण के लिए 405 स्लॉट निर्धारित किए हैं। दो वर्षों में कोरोना काल के चलते यह स्लॉट घटाकर महज 179 कर दिया गया था।
इसमें लर्निंग डीएल स्लॉट जो पहले 240 था, उसे घटाकर 107 व डीएल परमानेंट व नवीनीकरण स्लॉट जो पहले 165 था उसे घटा कर मात्र 72 कर दिया गया था।
कोरोना काल में लाइसेंस बनवाने व नवीनीकरण के लिए कम संख्या में लोग परिवहन विभाग पहुंच रहे थे, जिससे तब ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कोरोना का कहर कम होने पर ज्यादा संख्या में लोग लर्निंग, परमानेंट लाइसेंस बनाने व नवीनीकरण कराने के लिए ज्यादा संख्या में आ रहे हैं।
इससे आवेदकों के साथ परिवहन विभाग की भी परेशानी बढ़ गई है। हाल यह है कि डीएल बनवाने की वेटिंग लिस्ट तीन से चार महीने तक पहुंच रही है।
कोरोना का कहर कम हो गया, सरकार ने तकरीबन सभी पाबंदियां हटा ली हैं, लेकिन कोरोना काल में लाइसेंस बनवाने व नवीनीकरण के लिए घटाए गए स्लॉट को बढ़ाया नहीं, इसके चलते जिले में 61894 लोगों का लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।
इसमें निजी व कॉमर्शियल दोनों तरह के लाइसेंस शामिल हैं। इसमें से करीब 20 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है लेकिन स्लॉट कम होने के वजह से कुछ को चार से छह माह से इंतजार करना पड़ रहा है।
वही नए आवेदन करने वालों को तीन से चार माह की वेटिंग दी जा रही है। जानकारों के अनुसार लाइसेंस का नवीनीकरण न होने पर यदि कोई हादसा होता है तो बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिलता है।
साथ ही चालक के परिवार को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता। वहीं एक्सपायरी लाइसेंस धारक चालक द्वारा हादसा करने पर इसकी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होती है।
लाइसेंस नवीनीकरण न होने से लाइसेंस धारकों को दोहरी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन करने पर उन्हें कई माह बाद की तारीख मिल रही है, तो वहीं एक्सपायरी लाइसेंस के साथ पकड़े जाने पर उन्हें करीब पांच हजार रुपये का चालान भरना पड़ रहा है।
सरकार ने कोविड को देखते हुए एक फरवरी 2021 से 31 अक्तूबर 2021 तक लाइसेंस नवीनीकरण न होने के साथ पकड़े जाने पर जुर्माना नहीं करने का आदेश दिया था लेकिन अब यह समय सीमा खत्म हो गई है।
नियमानुसार वैध लाइसेंस न होने पर दुर्घटना आदि में क्लेम नहीं मिल पाता, इसके चलते कई कंपनियों व निजी लोगों ने अपने चालकों को नौकरी से निकाल दिया है। अब उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
चंडीगढ़ में वाहन चलाने वाले अयोध्या निवासी जय प्रकाश पांडेय बताते हैं कि वह एक कंपनी के मालिक के ड्राइवर थे। लाइसेंस का नवीनीकरण कराने तक के लिए उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। बताया कि जनवरी में आवेदन किया था, जून में डेट मिली है।
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं। सुबह 11 बजे साइट खुलने के बाद आधे घंटे के अंदर सभी स्लॉट फुल हो जाते हैं। जो आवेदन से वंचित रह जाते हैं, वह अगले दिन आते हैं। ऐसे यह प्रक्रिया कई माह से चल रही है।
कोरोना काल में डीएल स्लॉट घटाए गए थे। अब हालात सामान्य होने पर घटे स्लॉट को बढ़ाए जाने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही स्लॉट बढ़ा दिए जाएंगे। -राजेश प्रताप सिंह, एआरटीओ (प्रशासन) परिवहन विभाग