फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   सावन मेले में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन अलर्ट

सावन मेले में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन अलर्ट

Fri, 07 Jul 2017 11:03 PM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
सावन मेले में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन अलर्ट
सावन मेले में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन अलर्ट
विज्ञापन

अयोध्या। अयोध्या के जर्जर भवनों, मठ-मंदिरों को लेकर प्रशासन अलर्ट है। रामनगरी में अयोध्या नगर निगम ने 178 जर्जर भवनों-मंदिरों को अत्यधिक खतरनाक घोषित कर रखा है। पिछले वर्ष इन जर्जर भवनों पर प्रशासन द्वारा सूचनार्थ बोर्ड भी लगवाये गये थे, जिनमें से तमाम बोर्ड गायब हो गये हैं।
अब सावन मेला शुरू होने वाला है, लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालु आएंगे, लिहाजा उनके विभिन्न मंदिरों में आश्रय लेने से बारिश के मौसम में जर्जर भवन व मंदिर दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।
विज्ञापन

पिछले वर्ष तुलसीनगर स्थित यादव मंदिर की छत ढहने से एक श्रद्धालु की मौत भी हो चुकी है। बारिश के मौसम व सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर इस बार कोई दुर्घटना न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जर्जर भवन मालिकों को दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिर से प्रशासन द्वारा जर्जर भवनों का सर्वे कर्मचारियों से कराया जा रहा है। अयोध्या में नगर निगम ने कुल 178 जर्जर भवनों को चिह्नित कर रखा है। ये जर्जर भवन लक्ष्मणघाट, बेगमपुरा, नयाघाट, वासुदेवघाट, प्रमोदवन, जानकीघाट, शास्त्रीनगर, हरिद्वारी बाजार, हनुमानगढ़ी, रायगंज, विद्याकुंड, रामघाट, रामकोट आदि इलाकों में स्थित हैं।

न्यायालय में विचाराधीन है अधिकांश जर्जर मंदिरों का मुकदमा
रामनगरी के अधिकांश जर्जर भवनों का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण न तो भवन स्वामी उसे मरम्मत करा रहे हैं और न ही किरायेदार खाली कर रहे हैं। कई मंदिरों के महंतों ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर जर्जर मंदिरों को जनहित में ढहाने एवं किरायेदारों से खाली कराने की मांग की है।
वर्षों पूर्व निर्मित इन जर्जर मंदिरों में वर्षों से कब्जा जमाये बैठे किरायेदार मंदिरों को खाली करने का नाम नहीं ले रहे हैं, अधिकांश मंदिरों के किरायेदार तो अदालत की शरण में जा चुके हैं।
मंदिरों के महंतों व व्यवस्थापकों की चिंता यह है कि यदि ये मंदिर बारिश या प्राकृतिक आपदा में गिर गये तो कार्रवाई के जद में वे आएंगे। इसलिए कई महंतों द्वारा जर्जर मंदिरों को गिरवाने व किरायेदारों से खाली करने की मांग प्रशासन के समक्ष कर रखी है।

कोट..
अयोध्या के जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। क्षेत्रवार सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है। जर्जर भवन में ठहरने की अनुमति नहीं होगी, फिर भी श्रद्धालु ठहरते हैं तो दुर्घटना होने पर भवन स्वामी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।
- अशोक कुमार, रेजीडेंट मजिस्ट्रेट, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed