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कसी गईं रामलला के टेंट की डोरियां
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अयोध्या। निरीक्षण दिवस पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पर्यवेक्षकों एवं पक्षकारों की मौजूदगी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने अधिग्रहीत परिसर में उत्खनित क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया।
इस दौरान उत्खनित क्षेत्र की साफ-सफाई करने के साथ-साथ रामलला के तिरपाल की डोरियां भी कसीं गईं। मालूम हो कि मासिक निरीक्षण प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है।
रविवार को हुए निरीक्षण दिवस में परिसर के रिसीवर के रूप में अधिकृत व्यक्ति/आयुक्त मनोज मिश्र के निर्देशन में एएसआई टीम के पुराविदों एवं केमिस्ट ने सबसे पहले परिसर के टिन शेड एवं मानस भवन के कमरा नंबर 61 में रखे पुरावशेषों की गहन जांच की।
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बताया गया कि सभी पुरावशेष यथावत सुरक्षित हैं। इसके अलावा मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर पर लगाए गए तिरपाल की डोरियों को कसवाया।
अधिग्रहीत परिसर में संरक्षित सभी पुरावशेष सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर के इर्द-गिर्द खोदाई के दौरान निकले थे।
यह सभी पुरावशेष सुप्रीम कोर्ट में लंबित रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में साक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। निरीक्षण में परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त मनोज मिश्र, पुराविद डॉ. इंदु प्रकाश, डॉ. नीरज सिन्हा, जस्टिस अमरजीत त्रिपाठी, जस्टिस इरफान अहमद, निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, पक्षकार इकबाल अंसारी, पक्षकार हाजी महबूब, मो. उमर, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य शामिल रहे।
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इस दौरान उत्खनित क्षेत्र की साफ-सफाई करने के साथ-साथ रामलला के तिरपाल की डोरियां भी कसीं गईं। मालूम हो कि मासिक निरीक्षण प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है।
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रविवार को हुए निरीक्षण दिवस में परिसर के रिसीवर के रूप में अधिकृत व्यक्ति/आयुक्त मनोज मिश्र के निर्देशन में एएसआई टीम के पुराविदों एवं केमिस्ट ने सबसे पहले परिसर के टिन शेड एवं मानस भवन के कमरा नंबर 61 में रखे पुरावशेषों की गहन जांच की।
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बताया गया कि सभी पुरावशेष यथावत सुरक्षित हैं। इसके अलावा मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर पर लगाए गए तिरपाल की डोरियों को कसवाया।
अधिग्रहीत परिसर में संरक्षित सभी पुरावशेष सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर के इर्द-गिर्द खोदाई के दौरान निकले थे।
यह सभी पुरावशेष सुप्रीम कोर्ट में लंबित रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में साक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। निरीक्षण में परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त मनोज मिश्र, पुराविद डॉ. इंदु प्रकाश, डॉ. नीरज सिन्हा, जस्टिस अमरजीत त्रिपाठी, जस्टिस इरफान अहमद, निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, पक्षकार इकबाल अंसारी, पक्षकार हाजी महबूब, मो. उमर, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य शामिल रहे।