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पुरातात्विक सामानों का हुआ परीक्षण
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:35 PM IST
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रामलला के तिरपाल की कसी गईं रस्सियां
अयोध्या। एएसआई की टीम व जजों ने रविवार को पक्षकारों की उपस्थिति में अधिग्रहीत परिसर के उत्खनित क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त पर्यवेक्षकों जस्टिस अमरजीत त्रिपाठी व जस्टिस इरफान अहमद के साथ पक्षकारों की मौजूदगी में हुए निरीक्षण के दौरान मेक शिफ्ट स्ट्रक्टचर में विराजमान रामलला के तिरपाल के साथ उत्खनित क्षेत्र में लगे तिरपाल को भी व्यवस्थित किया गया।
मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला के तिरपाल की रस्सियां कसी गईं। उत्खनित क्षेत्र में सफाई भी की गई। अधिग्रहीत क्षेत्र में स्थित मानस भवन के कमरा नंबर 61 व टिन शेड में सुरक्षित रखे गए पुरातात्विक महत्व के सामानों की जांच की गई तथा आद्रर्ता से बचाने के लिए उन पर रासायनिक लेप भी लगाए गए।
अधिग्रहीत क्षेत्र में हुए उत्खनन के दौरान पुरातात्विक महत्व के निकले सामान की जांच प्रत्येक तीन महीने में की जाती है। इन सामान को संरक्षित करने के लिए इन पर रासायनिक लेपन किया जाता है। निरीक्षण में रिसीवर/मंडलाुयक्त मनोज मिश्र, पुराविद एनके सिन्हा, पक्षकार इकबाल अंसारी, रणजीत लाल वर्मा, बादशाह खान आदि मौजूद रहे।
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अयोध्या। एएसआई की टीम व जजों ने रविवार को पक्षकारों की उपस्थिति में अधिग्रहीत परिसर के उत्खनित क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त पर्यवेक्षकों जस्टिस अमरजीत त्रिपाठी व जस्टिस इरफान अहमद के साथ पक्षकारों की मौजूदगी में हुए निरीक्षण के दौरान मेक शिफ्ट स्ट्रक्टचर में विराजमान रामलला के तिरपाल के साथ उत्खनित क्षेत्र में लगे तिरपाल को भी व्यवस्थित किया गया।
मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला के तिरपाल की रस्सियां कसी गईं। उत्खनित क्षेत्र में सफाई भी की गई। अधिग्रहीत क्षेत्र में स्थित मानस भवन के कमरा नंबर 61 व टिन शेड में सुरक्षित रखे गए पुरातात्विक महत्व के सामानों की जांच की गई तथा आद्रर्ता से बचाने के लिए उन पर रासायनिक लेप भी लगाए गए।
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अधिग्रहीत क्षेत्र में हुए उत्खनन के दौरान पुरातात्विक महत्व के निकले सामान की जांच प्रत्येक तीन महीने में की जाती है। इन सामान को संरक्षित करने के लिए इन पर रासायनिक लेपन किया जाता है। निरीक्षण में रिसीवर/मंडलाुयक्त मनोज मिश्र, पुराविद एनके सिन्हा, पक्षकार इकबाल अंसारी, रणजीत लाल वर्मा, बादशाह खान आदि मौजूद रहे।
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