{"_id":"5bdc5661d570fb8e8aa77de54717e0e8","slug":"within-48-hours-of-police-investigation-will-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों की जांच 48 घंटे के अंदर होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिसकर्मियों की जांच 48 घंटे के अंदर होगी
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर एसएसपी मंजिल सैनी ने आंतरिक जांच प्रकोष्ठ का गठन किया है। अब पुलिसकर्मियों के कथित दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार एवं अन्य शिकायतों की जांच 24 से 48 घंटे के अंदर होगी।
विज्ञापन
आंतरिक जांच प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक अपराध महात्मा प्रसाद को बनाया गया है। आंतरिक जांच प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी निरीक्षक नागरिक पुलिस हेमंत कुमार त्यागी को बनाया गया है तथा उप निरीक्षक संजय गोस्वामी को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
इनकी सहायता के लिए एचसीपी श्रीकृष्ण चंद्र सहित पांच आरक्षियों एवं एक महिला आरक्षी को नियुक्त किया गया है। अधिकतर पुलिस कर्मियों के खिलाफ दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार एवं अन्य प्रकार की शिकायतें प्राप्त होती हैं। उनकी जांच में काफी समय लग जाता था और आवेदक या तो हार थक कर बैठ जाता था या उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता था।
विज्ञापन
अब पुलिस कर्मियों की शिकायतों की जांच 24 से 48 घंटे के अंदर की जाएगी। इसके लिए आंतरिक जांच प्रकोष्ठ को एक जीप भी मुहैया कराई गई है। प्राप्त शिकायतों को तत्काल रजिस्टर में अंकित किया जाएगा और आख्या 24 से 48 घंटे के अंदर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को देनी होगी।
इस प्रकार प्राप्त शिकायतों की जांच आख्या पर एसएसपी द्वारा तत्काल समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और एक महीने में प्राप्त शिकायतों को पुलिस उप महानिरीक्षक परिक्षेत्र के माध्यम से पुलिस महानिदेशक को भेजी जाएगी।
इससे पुलिस कर्मियों के दुर्व्यवहार एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ-साथ जनता को बड़ी राहत मिलेगी। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि अपर पुलिस अधीक्षक अपराध आंतरिक जांच प्रकोष्ठ का कार्य सुचारू रूप से कराएं तथा यदि कोई समस्या आती है तो अवगत कराएं।
शिकायतकर्ता को ही पुलिस ने धुन दिया
जसवंतनगर (इटावा)। हैंवरा में खेत में खूटा लगाने के मामले में दो पक्षों में विवाद हो गया। मामला जब पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने शिकायतकर्ता की ही पिटाई कर दी। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी मंजिल सैनी ने सीओ जसवंतनगर को घटना की जांच सौंपी है। रिपोर्ट में उन्होंने दरोगा को दोषी बताया है।
गांव निवासी श्रीकांत पुत्र सुदामा लाल के खेत में रामसहाय खूटा लगाने लगा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। मारपीट में श्रीकांत को चोट आई। गांव वालों के समझाने बुझाने के बाद मामले को रफादफा कर दिया गया । इस घटना की जानकारी मिलने पर चौकी इंचार्ज हैंवरा प्रेमबाबू सायंकाल घटनास्थल पर पहुंच गए।
आरोप है कि उन्होंने विपक्षी राम सहाय की पत्नी की चप्पल उतारकर श्रीकांत को मारना शुरू कर दिया। लात-घूंसों से मारते हुए उसे थाने ले आए। श्रीकांत ने दारोगा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने जाने और अपना मेडिकल कराने की भी मांग की है। थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता का मेडिकल भी कराया है।
क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर विनय कुमार चौहान ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर जाकर ग्रामीणों से पूछताछ की जिसमें दरोगा प्रेमबाबू को दोषी पाया है। इसकी जांच रिपोर्ट उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपी है ।