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अंग्रेजी, गणित, विज्ञान में बच्चों को बनाएंगे दक्ष
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बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक स्तर सुधारने एवं शिक्षण में नई तकनीकों का समावेश करने के उद्देश्य से एकेडमिक रिसोर्स पर्सन तैयार किए गए हैं।
रिसोर्स पर्सन विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को नवाचार के माध्यम से रुचिकर शिक्षण के तौर तरीके समझाएंगे।
जिले के हर ब्लाक में विषयवार 5-5 एआरपी चयनित किए गए हैं। विभाग ने सभी चयनित एआरपी को ऑनलाइन ट्रेनिंग का प्रोग्राम भी शुरू कर दिया है।
शासन ने इस बार एआरपी की व्यवस्था पहली बार लागू की है। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद इस पद के लिए चयन किया गया है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के शिक्षकों को एआरपी के रूप में चुना गया है।
इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों को उनके विषयों में दक्ष बनाया जा सके। चयनित एआरपी अपने अपने ब्लाक के अधीन आने वाले विद्यालयों में जाएंगे।
वहां जाकर वे बच्चों को तो सिखाएंगे ही साथ ही वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को विषयों को आसान एवं सरल तरीके से पढ़ाने के संबंध में टिप्स भी देंगे।
योजना का उद्देश्य भी यही है कि कम समय और कम संसाधनों में शिक्षण में नवाचार की तकनीक की पहुंच बढ़ाई जा सके।
जिले में नगर क्षेत्र के अलावा आठ ब्लॉक आते हैं। नौ स्थानों के लिए 45 एआरपी चयनित होने थे जिसमें से 41 एआरपी का चयन हो चुका है।
अंग्रेजी विषय के लिए अभी चार एआरपी का चयन नहीं हो सका है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि अंग्रेजी को छोड़कर हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान विषयों के लिए एआरपी चयनित हो चुके हैं।
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चयनित एआरपी को आनलाइन ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। अंग्रेजी विषय के लिए फिर से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। अंग्रेजी विषय से संबंधित शिक्षक 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।
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रिसोर्स पर्सन विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को नवाचार के माध्यम से रुचिकर शिक्षण के तौर तरीके समझाएंगे।
जिले के हर ब्लाक में विषयवार 5-5 एआरपी चयनित किए गए हैं। विभाग ने सभी चयनित एआरपी को ऑनलाइन ट्रेनिंग का प्रोग्राम भी शुरू कर दिया है।
शासन ने इस बार एआरपी की व्यवस्था पहली बार लागू की है। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद इस पद के लिए चयन किया गया है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के शिक्षकों को एआरपी के रूप में चुना गया है।
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इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों को उनके विषयों में दक्ष बनाया जा सके। चयनित एआरपी अपने अपने ब्लाक के अधीन आने वाले विद्यालयों में जाएंगे।
वहां जाकर वे बच्चों को तो सिखाएंगे ही साथ ही वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को विषयों को आसान एवं सरल तरीके से पढ़ाने के संबंध में टिप्स भी देंगे।
योजना का उद्देश्य भी यही है कि कम समय और कम संसाधनों में शिक्षण में नवाचार की तकनीक की पहुंच बढ़ाई जा सके।
जिले में नगर क्षेत्र के अलावा आठ ब्लॉक आते हैं। नौ स्थानों के लिए 45 एआरपी चयनित होने थे जिसमें से 41 एआरपी का चयन हो चुका है।
अंग्रेजी विषय के लिए अभी चार एआरपी का चयन नहीं हो सका है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि अंग्रेजी को छोड़कर हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान विषयों के लिए एआरपी चयनित हो चुके हैं।
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चयनित एआरपी को आनलाइन ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। अंग्रेजी विषय के लिए फिर से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। अंग्रेजी विषय से संबंधित शिक्षक 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।