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Etawah News: बारिश में बही किसानों की उम्मीदें
Sat, 18 Mar 2023 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sat, 18 Mar 2023 11:44 PM IST
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इटावा। बारिश ने शुक्रवार रात किसानों की नींद उड़ गई। पूरी रात जागकर काटने के बाद किसान सीधे खेतों पर गए तो फसल खेत में बिछी देखकर उनके आंसू छलक उठे। जिस फसल को कुछ दिन से लहलहाते देखते आ रहे थे, वह बर्बाद हो गई।
गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। आलू को भी नुकसान होगा। आलू की खोदाई करने के बाद किसान आलू लेकर शुक्रवार को नई मंडी लेकर आए थे, लेकिन रात की बारिश से खुले में रखे बोरे सुबह उन्हें पानी में डूबे मिले। किसानों ने बताया कि आलू अब किसी काम का नहीं है, अब यह सड़ जाएगा।
बकेवर के किसान करुणा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश की वजह से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। बारिश से निश्चित तौर पर आलू व गेहूं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। खेत गीला होने से आलू की खोदाई प्रभावित होगी। वह खेत में ही सड़ जाएगा।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मार्च तक मौसम ऐसा ही रहने की आशंका से किसान और भी ज्यादा परेशान हैं। जनता कालेज बकेवर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि हवा के साथ बारिश होने पर फसल खेत में ही गिर जाने से उत्पादन भी प्रभावित होगा। चकरनगर में जिन किसानों ने सरसों काट ली थी, वह भीग गई है। इससे दाना खराब हो जाएगा। गेहूं की फसल भी बिछ गई है। अरहर की फसल पानी से वजन बढ़ने और हवा चलने के चलते प्रभावित हुई है। दाना खराब होने की आशंका सता रही है। किसान एहसान अली, दुर्गा नंदन, लाजपत राय ने कहा कि मौसम की मार से फसलें बेकार हो गई। अब पैदावार कम होगी।
किसानों ने बताई समस्या
गांव लाखापुर के किसान सतीश यादव ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा खेत में गेहूं की फसल की बुआई की थी। रात की बारिश के बाद पूरी फसल खेत में बिछ गई है। बताया कि करीब 40 क्विंटल गेहूं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बमुश्किल 10 क्विंटल गेहूं मिल सकेगा।
चौपुला क्षेत्र के गांव नगला पंछी मौजा शेखूपुर पचार निवासी किसान राकेश बाबू ने बताया कि उन्होंने 16 बीघा खेत में गेहूं की बुआई की थी। बारिश ने फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया। अब तो फसल की लागत निकालना मुश्किल है जो थोड़ी बहुत निकलेगी, उसके दाने पतले होंंगे।
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गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। आलू को भी नुकसान होगा। आलू की खोदाई करने के बाद किसान आलू लेकर शुक्रवार को नई मंडी लेकर आए थे, लेकिन रात की बारिश से खुले में रखे बोरे सुबह उन्हें पानी में डूबे मिले। किसानों ने बताया कि आलू अब किसी काम का नहीं है, अब यह सड़ जाएगा।
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बकेवर के किसान करुणा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश की वजह से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। बारिश से निश्चित तौर पर आलू व गेहूं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। खेत गीला होने से आलू की खोदाई प्रभावित होगी। वह खेत में ही सड़ जाएगा।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मार्च तक मौसम ऐसा ही रहने की आशंका से किसान और भी ज्यादा परेशान हैं। जनता कालेज बकेवर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि हवा के साथ बारिश होने पर फसल खेत में ही गिर जाने से उत्पादन भी प्रभावित होगा। चकरनगर में जिन किसानों ने सरसों काट ली थी, वह भीग गई है। इससे दाना खराब हो जाएगा। गेहूं की फसल भी बिछ गई है। अरहर की फसल पानी से वजन बढ़ने और हवा चलने के चलते प्रभावित हुई है। दाना खराब होने की आशंका सता रही है। किसान एहसान अली, दुर्गा नंदन, लाजपत राय ने कहा कि मौसम की मार से फसलें बेकार हो गई। अब पैदावार कम होगी।
किसानों ने बताई समस्या
गांव लाखापुर के किसान सतीश यादव ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा खेत में गेहूं की फसल की बुआई की थी। रात की बारिश के बाद पूरी फसल खेत में बिछ गई है। बताया कि करीब 40 क्विंटल गेहूं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बमुश्किल 10 क्विंटल गेहूं मिल सकेगा।
चौपुला क्षेत्र के गांव नगला पंछी मौजा शेखूपुर पचार निवासी किसान राकेश बाबू ने बताया कि उन्होंने 16 बीघा खेत में गेहूं की बुआई की थी। बारिश ने फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया। अब तो फसल की लागत निकालना मुश्किल है जो थोड़ी बहुत निकलेगी, उसके दाने पतले होंंगे।