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धूप में भी पहनें पूरी बांह के कपड़े
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इटावा। खराब मौसम के बाद लगातार पांच दिन से पूरे दिन निकलने वाली धूप से लोगों को राहत जरूर मिल रही, लेकिन पूरे दिन हल्की हवाएं चलने से ठंडक बरकरार है।
हालत यह है कि लगातार दो दिन से न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पर बरकरार है, जो गलनभरी सर्दी का अहसास करा रहा है। बदलते मौसम के दौर में बच्चे ही नहीं बड़े भी सर्दी जुकाम, खांसी व अन्य परेशानियों से ग्रसित हो रहे हैं।
लिहाजा बदलते मौसम में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। बदलते मौसम से जिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बढ़कर देखने को मिल रही है।
जिला अस्पताल की पर्चा काउंटर प्रभारी मीना चतुर्वेदी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 768 मरीजों ने पर्चा बनवाया, जबकि शुक्रवार को 840 मरीजों ने पर्चा बनवाया।
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इसमें हर उम्र के मरीज शामिल थे। बच्चे, महिलाएं और उम्र दराज शामिल हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इस समय बच्चे जुकाम, खांसी, दस्त के अलावा निमोनिया के आ रहे हैं।
उनका कहना है धूप निकल जरूर रही है, लेकिन बच्चों को पूरी बांह का गर्म कपड़ा पहनाएं और सिर पर कैप लगाकर रखें। ज्यादा देर तक धूप में न रखें।
कहा कि हवाओं से बच्चों को बचा कर रखें। बच्चों को सर्दी से बचाने की जरूरत है। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। फिजिशियन डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव से जिला अस्पताल में करीब 70 फीसदी मरीज सर्दी ग्रसित बीमारियों के बढ़ गए हैं।
शुक्रवार को करीब डेढ़ सौ मरीज देखे। इनमें बुखार, खांसी, जुकाम के शामिल हैं। कहा कि बदलते मौसम की वजह से लोग सर्दी खांसी, जुकाम से ग्रसित हो रहे हैं। कहा कि वह ताजे पानी की बजाए गर्म पानी से नहाएं, किसी भी ठंडी चीज का सेवन न करें।
जरूरी बात यह कही धूप निकलने के बावजूद फुल बांह तक के कपड़े पहने। गर्मी लगने पर अभी गर्म कपड़े उतारना सेहत के लिए नुकसानदेय होगा। लिहाजा अभी सर्दी गई नहीं है। बचाव सबसे जरूरी है।
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हालत यह है कि लगातार दो दिन से न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पर बरकरार है, जो गलनभरी सर्दी का अहसास करा रहा है। बदलते मौसम के दौर में बच्चे ही नहीं बड़े भी सर्दी जुकाम, खांसी व अन्य परेशानियों से ग्रसित हो रहे हैं।
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लिहाजा बदलते मौसम में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। बदलते मौसम से जिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बढ़कर देखने को मिल रही है।
जिला अस्पताल की पर्चा काउंटर प्रभारी मीना चतुर्वेदी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 768 मरीजों ने पर्चा बनवाया, जबकि शुक्रवार को 840 मरीजों ने पर्चा बनवाया।
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इसमें हर उम्र के मरीज शामिल थे। बच्चे, महिलाएं और उम्र दराज शामिल हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इस समय बच्चे जुकाम, खांसी, दस्त के अलावा निमोनिया के आ रहे हैं।
उनका कहना है धूप निकल जरूर रही है, लेकिन बच्चों को पूरी बांह का गर्म कपड़ा पहनाएं और सिर पर कैप लगाकर रखें। ज्यादा देर तक धूप में न रखें।
कहा कि हवाओं से बच्चों को बचा कर रखें। बच्चों को सर्दी से बचाने की जरूरत है। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। फिजिशियन डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव से जिला अस्पताल में करीब 70 फीसदी मरीज सर्दी ग्रसित बीमारियों के बढ़ गए हैं।
शुक्रवार को करीब डेढ़ सौ मरीज देखे। इनमें बुखार, खांसी, जुकाम के शामिल हैं। कहा कि बदलते मौसम की वजह से लोग सर्दी खांसी, जुकाम से ग्रसित हो रहे हैं। कहा कि वह ताजे पानी की बजाए गर्म पानी से नहाएं, किसी भी ठंडी चीज का सेवन न करें।
जरूरी बात यह कही धूप निकलने के बावजूद फुल बांह तक के कपड़े पहने। गर्मी लगने पर अभी गर्म कपड़े उतारना सेहत के लिए नुकसानदेय होगा। लिहाजा अभी सर्दी गई नहीं है। बचाव सबसे जरूरी है।