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किसानो को पराली जलाने के झंझट से बचाएगा वेस्ट डी कंपोजर

Sun, 08 Nov 2020 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2020 12:03 AM IST
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Waste de Composer will save you from the trouble of burning stubble
फोटो संख्या 18 वेस्ट डी कंपोजर की सीसी - फोटो : ETAWHA
निवाड़ीकला(इटावा)। पर्यावरण के लिए घातक बनी पराली अब किसानों के लिए मुसीबत नहीं बनेगी। वेस्ट डी कंपोजर की एक शीशी से एक एकड़ की पराली खाद बन जाएगी। ऐसे में किसानों को पराली जलानी नहीं पड़ेगी। यह शीशी कृषि विभाग के माध्यम से निशुल्क वितरित की जा रही है।
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इन दिनों धान की कटाई का काम जोरदारी से चल रहा है । प्रशासन पराली न जलाने को लेकर किसानों पर कड़ाई कर रहा है। ऐसे में किसान ऊहापोह की स्थिति में है। पराली जलाने में कई किसानों पर मुकदमे हो चुके हैं। जिसके चलते अब किसान पराली को खेत से उठाकर दूसरे स्थानों पर फेंक रहा है या फिर खेत में पानी लगाकर उसे सड़ाने की कोशिश कर रहा है। जिससे किसानों की जेब ढीली हो रही है। इस प्रक्रिया से किसानों को बचने के लिए कृषि विभाग वेस्ट डी कंपोजर का निशुल्क वितरण कर रहा है। यह डी कंपोजर पुआल को निर्धारित समय में सड़ाकर खाद में परिवर्तित कर देता है। किसान पंकज त्रिपाठी और रामकृष्ण शुक्ला ने बताया कि उन्होंने एक-एक एकड़ खेत के लिए घोल बनाया है। अब इसका छिड़काव करेंगे।
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क्या है वेस्ट डी कंपोजर
वेस्ट डी कंपोजर फंगस से तैयार एक जैविक घोल है। जिसे कम मात्रा में गुड़ व पानी में मिलाकर खेत में डालने से पराली सड़ने लगती है। इस क्रिया में ज्यादा समय नहीं लगता है।
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प्रयोग करने की विधि
प्लास्टिक की एक टंकी में 200 लीटर पानी लेकर उसमें दो किलो गुड़ डालकर घोल दें, फिर उसमें डी कंपोजर को मिला दें। इसे एक लकड़ी की सहायता से दो-तीन मिनट तक हिलाएं। यह घोल 7 से 8 दिन में तैयार हो जाता है। 200 लीटर के घोल को एक एकड़ में स्प्रे मशीन से छिड़काव करने के बाद यह अपना काम शुरू कर देगी। एक शीशी से बना घोल एक एकड़ खेत की पुआल को सड़ाने का काम करता है।

बोले जिम्मेदार
इस लिक्विड की एक शीशी एक एकड़ खेत के पुआल को सड़ाने का काम करेगी। वेस्ट डी कंपोजर की शीशियां ब्लॉक में उपलब्ध हैं। किसान अपने रकबे के हिसाब इसे निशुल्क प्राप्त कर सकता है। इसके उपयोग करने की प्रक्रिया भी सरल है जिसे हर किसान आसानी से कर सकता है । - राजेश चौबे एडीओ कृषि महेवा
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