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यूपी: इटावा पालिका चुनाव के दौरान बमबारी और खूनी संघर्ष में हुई थी दो मौतें,14 साल बाद सुनाई गई सजा

Sun, 31 Jan 2021 12:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 31 Jan 2021 12:38 AM IST
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UP: Two deaths in bombing and bloody clashes during Etawah municipality elections, sentenced after 14 years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
इटावा में 2006 को नगर पालिका चुनाव में हुए खूनी संघर्ष के दौरान दोहरे हत्याकांड के छह दोषियों को 14 साल बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश काशी प्रसाद सिंह यादव ने सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना लगाया है। एक पक्ष के मुख्य आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी, इसके चलते उसका नाम केस से हटा दिया गया है। 
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शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि 29 अक्टूबर 2006 को मोहल्ला कटरा फतेह महमूद खां में मतदान के दौरान सभासद प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने को लेकर दो पक्षों में हुए संघर्ष में फायरिंग, देसी बमों के धमाके के साथ पथराव किया गया था। इसमें एक पक्ष के मुख्य आरोपी शोभाराम उर्फ जुगनू के साले रामदास के 20 वर्षीय पुत्र नितिन जबकि दूसरे पक्ष के प्रमुख आरोपी बालकृष्ण के 18 वर्षीय पुत्र राजवीर उर्फ बलराम की मौके पर मौत हो गई थी।
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दोनों पक्षों के 20 लोग जख्मी हुए थे। इससे शहर के हालात काफी बिगड़ गए थे। इस मामले में एक पक्ष की ओर से शोभाराम जुगनू, राधेलाल, सुरेश, राजू, नीरज, पंकज, बबलू तथा लीलाधर को जबकि दूसरे पक्ष से बालकृष्ण राजपूत, रामदीन, धर्मेंद्र आदि के खिलाफ बलवा, हत्या, जानलेवा हमला समेत अन्य संगीन धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कराए गए थे। ट्रायल के दौरान शोभाराम जुगनू तथा राधेलाल की मृत्यु हो गई।
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अपर सत्र न्यायाधीश काशी प्रसाद सिंह यादव ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद एक पक्ष के सुरेश को एक साल की कैद तथा एक हजार रुपये अर्थदंड, राजू को सात साल का सश्रम कारावास तथा सात हजार रुपये अर्थदंड, गजेंद्र उर्फ राजेंद्र को दो साल सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये अर्थदंड जबकि दूसरे पक्ष के बालकृष्ण को 10 साल की कैद तथा 15 हजार रुपये अर्थदंड, रामदीन राजपूत को दो साल सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये का अर्थदंड तथा शिवराम उर्फ राजू को पांच साल सश्रम कारावास तथा छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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