फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   A week has passed since the kits were received, yet swine flu testing hasn't even begun.

Etawah News: किट मिले हफ्ता बीता, स्वाइन फ्लू की जांच शुरू तक नहीं

Fri, 18 Sep 2026 01:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
A week has passed since the kits were received, yet swine flu testing hasn't even begun.
इटावा। जिले में स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया था। शासन की मांग पर जिले को दो हजार एंटीजन किट मिली थीं। ये किट सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर 100-100 की संख्या में उपलब्ध कराई गई थीं।
विज्ञापन

हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जिला अस्पताल सहित कई सीएचसी पर इन एंटीजन किट से जांच नहीं की गई है। इसी बीच, जिले में डेंगू का प्रकोप भी फैल गया है। अब तक डेंगू के 23 मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल 10 से 12 किट से ही जांच की जा रही है। निजी लैब में स्वाइन फ्लू और डेंगू की जांच के नाम पर 600 से 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

सीएचसी सरसईनावर में रोजाना औसतन 80 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। स्वास्थ्य केंद्र को स्वाइन फ्लू की किट मिले एक सप्ताह का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक जांच नहीं की गई है। वहीं, डेंगू की रोजाना 10 जांच हो रही है। मरीज के पॉजिटिव आने पर उसे जिला अस्पताल या आयुर्विज्ञान विवि के लिए रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएचसी राजपुर में प्रतिदिन 130 से 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां स्वाइन फ्लू किट से जांच नहीं हुई हैं। वहीं, डेंगू की किट से 10 से 12 जांचें हो रही हैं। किट की जांच में पॉजिटिव आने पर मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेश पाल ने बताया कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में हैं। लक्षण मिलने पर रोगियों की जांच करवाई जाएगी।
सीएचसी बढ़पुरा में औसतन 80 से 100 मरीज प्रतिदिन आते हैं। रोजाना 15 से 20 मरीजों की डेंगू की किट से जांच करवाई जा रही है। पॉजिटिव आने पर एलाइजा जांच के लिए जिला अस्पताल या सैफई रेफर किया जाता है। वहीं, स्वाइन फ्लू की जांच शुरू नहीं हुई हैं।
सीएचसी से किट से कराई गई जांच में डेंगू नहीं आया। लगातार प्लेट्लेट्स गिरने पर निजी लैब से जांच करवाई तो उसने डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसकी जांच करवाने करवाने पर 800 रुपये से अधिक खर्च हो गए। -हषवर्धन, राजपुरवा।
किट से होने वाली जांच में रिपोर्ट सही नहीं आती है। इसकी वजह से निजी लैब से जांच करवानी पड़ती है। इसमें 600 से 800 रुपये खर्च हो जाते हैं। एलाइजा जांच में डेंगू की रिपोर्ट सही पता चल पाती है। - संजय सिंह, पूठन

वर्जन
जिले के सभी सीएचसी पर स्वाइन फ्लू व डेंगू की किट उपलब्ध करा दी गई है। डॉक्टर लक्षण देखने के बाद उनकी जांच करते हैं। अगर स्वाइन किट से जांच नहीं हो रही है तो इसके बारे में पूछा जाएगा। -डॉ. बलराम सिंह, डिप्टी सीएमओ व जिला सर्विलांस के नोडल अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed