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Etawah News: अपहरण के मामले में तीन को पांच-पांच साल की सजा
Thu, 01 Feb 2024 01:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 01 Feb 2024 01:56 AM IST
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अपहरण के मामले में तीन को पांच-पांच साल की सजाक्रासर
कोर्ट ने दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट नंबर दस यज्ञेश चंद्र पांडे ने सात साल पुराने अपहरण के एक मामले की सुनवाई करते हुए तीन लोगों को दोषी पाते हुए उन्हें पांच-पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि जसवंतनगर क्षेत्र के गांव नगला अनिया निवासी सरमन सिंह ने पांच जुलाई 2016 को दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि जब उसका पुत्र पैदल गांव आ रहा था तभी रंजिश के चलते उसके पुत्र योगेंद्र उर्फ बंगाली की हत्या की नियत से कार में सवार लोगों ने अपहरण कर लिया। इस संबंध में गांव के ही नृपेंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। नौ जुलाई 2016 को अपहृत बालक किसी तरह से बदमाशों के चंगुल से भाग निकला था। बाद में लोगों की सूचना पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। छानबीन के बाद इस मामले में गौरव निवासी काशीपुर थाना सैफई, राजवीर सिंह निवासी एरवा कटरा व सतीश निवासी नगला अनियां के नाम प्रकाश में आए थे। छानबीन के बाद ने इन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किए थे। सुनवाई के दौरान नृपेंद्र की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने गौरव, राजवीर व सतीश को दोषी पाया और उन्हें पांच-पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया।
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कोर्ट ने दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट नंबर दस यज्ञेश चंद्र पांडे ने सात साल पुराने अपहरण के एक मामले की सुनवाई करते हुए तीन लोगों को दोषी पाते हुए उन्हें पांच-पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि जसवंतनगर क्षेत्र के गांव नगला अनिया निवासी सरमन सिंह ने पांच जुलाई 2016 को दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि जब उसका पुत्र पैदल गांव आ रहा था तभी रंजिश के चलते उसके पुत्र योगेंद्र उर्फ बंगाली की हत्या की नियत से कार में सवार लोगों ने अपहरण कर लिया। इस संबंध में गांव के ही नृपेंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। नौ जुलाई 2016 को अपहृत बालक किसी तरह से बदमाशों के चंगुल से भाग निकला था। बाद में लोगों की सूचना पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। छानबीन के बाद इस मामले में गौरव निवासी काशीपुर थाना सैफई, राजवीर सिंह निवासी एरवा कटरा व सतीश निवासी नगला अनियां के नाम प्रकाश में आए थे। छानबीन के बाद ने इन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किए थे। सुनवाई के दौरान नृपेंद्र की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने गौरव, राजवीर व सतीश को दोषी पाया और उन्हें पांच-पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर दो-दो हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया।
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