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उपेक्षा के शिकार ठेकेदारों ने बनाया संगठन
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:51 PM IST
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इटावा। उत्तर प्रदेश ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि ठेकेदारों की बात कहने वाला कोई नहीं है। इसीलिए संगठन की आवश्यकता महसूस की गई। इसीलिए एसोसिएशन का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि एक महीने के अंदर संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी गठित कर दी जाएगी। आठ दिन में जिलास्तर पर कमेटियां गठित कर दी जाएंगी। वह रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरों की लापरवाही का भी खामियाजा ठेकेदारों को उठाना पड़ता है क्योंकि स्टीमेट पहले बनता है और जब काम होता है तो लागत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग के कार्यालय में ठेकेदारों के बैठने के लिए कोई स्थान नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि कार्यालयों में ठेकेदारों के बैठने की व्यवस्था हो। इसलिए सभी विभागों से मांग है कि अपने कार्यालयों में ठेकेदारों के बैठने के लिए एक कक्ष की व्यवस्था करें। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा जयंती पर एसोसिएशन का अधिवेशन होगा।
वार्ता के दौरान अजीत प्रताप सिंह तोमर, रामप्रताप राजावत, मोहम्मद रिजवान, सुधीर वर्मा, आदित्य यादव, राकेश यादव आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इंजीनियरों की लापरवाही का भी खामियाजा ठेकेदारों को उठाना पड़ता है क्योंकि स्टीमेट पहले बनता है और जब काम होता है तो लागत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग के कार्यालय में ठेकेदारों के बैठने के लिए कोई स्थान नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि कार्यालयों में ठेकेदारों के बैठने की व्यवस्था हो। इसलिए सभी विभागों से मांग है कि अपने कार्यालयों में ठेकेदारों के बैठने के लिए एक कक्ष की व्यवस्था करें। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा जयंती पर एसोसिएशन का अधिवेशन होगा।
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वार्ता के दौरान अजीत प्रताप सिंह तोमर, रामप्रताप राजावत, मोहम्मद रिजवान, सुधीर वर्मा, आदित्य यादव, राकेश यादव आदि मौजूद रहे।