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किसानों की बदहाली को केंद्र सरकार दोषी : शिवपाल
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 15 Feb 2017 10:56 PM IST
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जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अपूरपुर में जनता को संबोधित करते शिवपाल सिंह यादव।
- फोटो : amarujala
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जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इसे किसान विरोधी सरकार बताया। कहा कि किसानों को लाभकारी मूल्य न मिलने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। क्षेत्र के आलू और धान उत्पादक किसानों को फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है। मोदी जी ने नोटबंदी के बाद ये भी नहीं बताया कि इससे देश और देशवासियों को क्या लाभ हुआ।
विधानसभा क्षेत्र के अपूरपुर, बेर, बिरसिंहपुर, लखनपुर, पाठकपुरा और खेड़ा बुजुर्ग आदि गांवों में जनसंपर्क के दौरान शिवपाल ने कहा कि क्षेत्र का आलू किसान बहुत बदहाल है। उसे एक पैकेट का मात्र सौ रुपये ही मिल पा रहा है। जबकि उसकी लागत कम से कम चार से पांच गुनी आती है। सपा सरकार ने तो केंद्र को लिखा था लेकिन केंद्र सरकार ने आलू व धान किसानों का लाभकारी मूल्य तय नहीं किया।
जिस कारण किसान को अपनी उपज को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है। शिवपाल सिंह यादव ने किसानों और ग्रामीणों से कहा कि यदि उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य चाहिए तो नेताजी मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में दिल्ली की गद्दी पर भी कब्जा करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि विदेशों से काला धन लाकर सबके खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराएंगे लेकिन हुआ क्या। सरकार बनने के कुछ ही माह बाद वादे को जुमला करार दे दिया।
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विधानसभा क्षेत्र के अपूरपुर, बेर, बिरसिंहपुर, लखनपुर, पाठकपुरा और खेड़ा बुजुर्ग आदि गांवों में जनसंपर्क के दौरान शिवपाल ने कहा कि क्षेत्र का आलू किसान बहुत बदहाल है। उसे एक पैकेट का मात्र सौ रुपये ही मिल पा रहा है। जबकि उसकी लागत कम से कम चार से पांच गुनी आती है। सपा सरकार ने तो केंद्र को लिखा था लेकिन केंद्र सरकार ने आलू व धान किसानों का लाभकारी मूल्य तय नहीं किया।
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जिस कारण किसान को अपनी उपज को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है। शिवपाल सिंह यादव ने किसानों और ग्रामीणों से कहा कि यदि उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य चाहिए तो नेताजी मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में दिल्ली की गद्दी पर भी कब्जा करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि विदेशों से काला धन लाकर सबके खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराएंगे लेकिन हुआ क्या। सरकार बनने के कुछ ही माह बाद वादे को जुमला करार दे दिया।
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