फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   The distribution of Norfloxacin syrup will be stopped until the investigation report comes.

Etawah News: जांच रिपोर्ट आने तक नॉरफ्लोक्सासिन सिरप के वितरण पर रहेगी रोक

Sun, 19 Apr 2026 12:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
The distribution of Norfloxacin syrup will be stopped until the investigation report comes.
इटावा। जिला अस्पताल से मिले नॉरफ्लोक्सासिन सिरप के पीने से बच्ची की मौत के बाद औषधि विभाग ने सिरप के वितरण पर रोक लगा दी है। जिला अस्पताल और जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अब यह सिरप नहीं दिया जाएगा। ड्रग विभाग इस सिरप का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेगा और फिर रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

कुनैरा के निकट ग्राम नगला मुकुंदी निवासी विपिन कुमार की डेढ़ वर्षीय बच्ची श्रेयांशी को बुधवार को सर्दी-जुकाम के साथ बुखार आ गया था। विपिन श्रेयांशी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे लेकिन जब तक ओपीडी बंद हो चुकी थी। इसके बाद वे गुरुवार को अपनी पत्नी रिया के साथ करीब 12 बजे श्रेयांशी को लेकर जिला अस्पताल दोबारा पहुंचे थे।
विज्ञापन

सीएमएस को उन्होंने बताया कि बालरोग विशेषज्ञ डॉ. शादाब आलम ने बच्ची का परीक्षण कर तीन प्रकार के सिरप लिखे थे। शुक्रवार को जब सुबह करीब साढ़े नौ बजे बच्ची को सिरप पिलाया तो उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। मुंह से झाग आने लगा था। उसे लेकर लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो डॉ. शादाब ने रेफर कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

एंबुलेंस में ऑक्सीजन लगाकर श्रेयांशी को आयुर्विज्ञान विवि सैफई ले जाया जा रहा था इस बीच उसने दम तोड़ दिया था। अस्पताल प्रशासन ने अब सिरप की जांच कराने का फैसला लिया है।


पूरे जिले में बांटे थे 5000 सिरप
नॉरफ्लोक्सासिन एक एंटीबायोटिक सिरप है। पेट में इन्फेक्शन पर बच्चों को दिया जाता है। इसे बिना डॉक्टर की सलाह के तो बिल्कुल नहीं दिया जाता है। सिरप पिलाने के दौरान बच्चे को हाइड्रेट रहने के लिए पर्याप्त पानी पिलाने को कहा जाता है। पिछले वर्ष मई से जिला ड्रग वेयर हाउस से 5000 सिरप का वितरण हुआ था। जिला अस्पताल और सभी सीएचसी, पीएचसी में सिरप भेजा गया था। जिला अस्पताल में 470 सिरप अभी शेष थे। अब इनका वितरण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

वर्जन

नॉरफ्लोक्सासिन सिरप को लेकर 11 महीनों में कोई शिकायत नहीं आई। फिर भी दवा से जुड़ा मामला है। कोई संशय न हो इसलिए सिरप का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहां की रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।



नीलेश शर्मा, जिला ड्रग अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed