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Etawah News: एक माह बाद बच्चों को मिला दूध तो हुए खुश
Mon, 27 Nov 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:39 AM IST
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ताखा। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में दूध आपूर्ति करने वाले दुकानदार का भुगतान नहीं होने से बच्चों को एक माह से दूध नहीं मिल पा रहा था। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी समस्याओं की वजह से भुगतान नहीं हो सका था। शनिवार को पूरा भुगतान कर दिया गया है। रविवार को बच्चों को दूध दिया गया।
ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा ऊसराहार स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पिछले 21 अक्तूबर से आपूर्ति बंद हो गई थी। इससे बच्चों को एक माह से दूध नहीं मिल पा रहा था। इस बारे में जानकारी करने पर पता चला कि दुकानदार ने 44,982 रुपये बकाया होने की वजह से आपूर्ति बंद कर दी थी। क्योंकि त्योहारों की छुट्टियों की वजह से उसका भुगतान नहीं हो सका था।
इसकी सूचना वार्डन अरुणा दीक्षित ने उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन बैंक बंद होने के चलते आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को दुकानदार के खाते में रुपये पहुंचने के बाद रविवार से विद्यालय में दूध पहुंचा।
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वहीं, वार्डन अरुणा दीक्षित ने बताया कि माह पूरा होने के बाद ही बिल भेजा जाता है जो जिले से सत्यापन के बाद ही चेक बनाकर बैंक में लगाई जाती है। दिवाली के त्योहार की वजह से भुगतान लेट हो गया। भुगतान होने के बाद रविवार से सप्लाई शुरू हो गई है बच्चों को दूध दिया गया।
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ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा ऊसराहार स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पिछले 21 अक्तूबर से आपूर्ति बंद हो गई थी। इससे बच्चों को एक माह से दूध नहीं मिल पा रहा था। इस बारे में जानकारी करने पर पता चला कि दुकानदार ने 44,982 रुपये बकाया होने की वजह से आपूर्ति बंद कर दी थी। क्योंकि त्योहारों की छुट्टियों की वजह से उसका भुगतान नहीं हो सका था।
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इसकी सूचना वार्डन अरुणा दीक्षित ने उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन बैंक बंद होने के चलते आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को दुकानदार के खाते में रुपये पहुंचने के बाद रविवार से विद्यालय में दूध पहुंचा।
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वहीं, वार्डन अरुणा दीक्षित ने बताया कि माह पूरा होने के बाद ही बिल भेजा जाता है जो जिले से सत्यापन के बाद ही चेक बनाकर बैंक में लगाई जाती है। दिवाली के त्योहार की वजह से भुगतान लेट हो गया। भुगतान होने के बाद रविवार से सप्लाई शुरू हो गई है बच्चों को दूध दिया गया।