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तूफान ने फिर मचाई तबाही, चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
Updated Wed, 09 May 2018 11:43 PM IST
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माल रोड पर बारिश से थमा यातायात।
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा। तूफान ने जनपद में तबाही मचा दी। जहां एक ओर बिजली का खंभा गिरने से चार की मौत हो गई। वहीं, दूसरी तरफ कई लोग घायल हो गए। आंधी की तेज रफ्तार के आगे दोपहिया वाहनों का टिकना मुश्किल रहा। तूफान ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में तूफान का काफी असर रहा। जिले भर में सैकड़ों की संख्या में पेड़ धराशायी हो गए। घरों से टीन-टप्पर उड़ गए। खेतों में रखी गेहूं की फसल उड़ गई। भरथना और मनियामऊं में ओलों ने कहर बरपाया।
मौसम विभाग की चेतावनी से सहमे लोगों को बुधवार की शाम ने डरा दिया। शाम 6.55 पर अचानक बेहद तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी की शुरुआत हुई। आननफानन में लोग खुद बचाने में जुट गए जिसको जहां जगह मिली, वहीं रुक गया। शहर के मुख्य बाजार में आंधी के कहर से दुकानों के सामान बिखर गए। छाया के लिए लगाए गए तिरपाल फट कर जमीन पर आ गए। लोग खुद को संभालते तब तक हवा के साथ तेज बारिश की शुरुआत हो गई। शहर में करीब आधा घंटे तक प्रकृति का यह तांडव चला। कुछ देर पहले तक बाजार में जो रौनक थी, वह उजड़ सी गई। सड़कों से भीड़भाड़ गायब हो गई। उधर आंधी की शुरुआत होते ही बिजली गुल हो गई।
वैदपुरा थाना क्षेत्र के बिजपुरी खेड़ा निवासी किसान अकील अहमद (45) पुत्र भूरे अपने खेत पर काम कर रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार आंधी आने से पास में मौजूद बिजली पोल टूट कर उनके ऊपर गिर गया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के आनंदनगर मोहल्ला निवासी जनक श्री (60) पत्नी विशंभर अपने घर के बाहर बैठी थी। आंधी आने से पास में मौजूद पेड़ की डाली टूटकर उनके पैरों पर गिरी जिसमें वह घायल हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंधी-पानी में नावली गांव के दोे अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
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महज 30 मिनट के तेज तूफान ने जनपद के अलग-अलग हिस्सों में तबाही मचा दी। तेज हवा के साथ धूल के गुबार से शाम को अंधेरा छा गया। जसवंतनगर, चकरनगर, सैफई, भरथना, बकेवर, ताखा में सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए। दर्जनों पेड़ धराशाही हो गए। दो कच्चे घरों की दीवार गिरने से हाहाकार मच गया। वहीं, कइयों की टिन उड़ गई। आंधी थमते ही पानी के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। एक घंटे तक लोग अपने घरों में दुबके रहे। मौसम विभाग ने पहले से सचेत कर रखा था कि पांच और आठ के बीच तेज तूफान आएगा। इसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट भी जारी कर दिया था। बुधवार शाम छह बजकर 55 मिनट पर तेज आंधी-पानी और ओलावृष्टि हुई। बिजली विभाग ने जनपद के सभी कस्बों की सप्लाई बंद कर दी, जिससे की कोई हताहत न हो सके। ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई।
ओले पड़ने से कस्बों में भारी नुकसान
जसवंतनगर। तूफान व बरसाती ओले पड़ने से लोगों के टीन टप्पर, झोपड़ियां व पेड़ उखड़ गए। इससे फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। लोग सहमे-सहमे घरों के अंदर रहकर कुदरत का कहर देखते रहे। कस्बा व आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान की हुआ है। भीषण चक्रवाती तूफान के साथ तेजी से ओलो की बौछार ने जन जीवन-अस्त व्यस्त कर दिया। इस दौरान लोगों की दुकानों व मकानों के आगे पड़ी टीनें उड़ गईं। कई पेड़ टूटकर गिर पडे़। इस भीषण तूफान ने गेहूं की फसल जो कटने को तैयार है उस पर भी खासा प्रभाव डाला है। लोगों के खेतों में पडे़ भूसा उड़ गए। भरथना में तेज आंधी और ओलावृष्टि से खेतों में लहरा रही फसल बिछ गई। गेहूं टूटकर गिरने से किसान बर्बाद हो गया। अचानक ओलावृष्टि से घंटों किसान घरों में दुबके रहे। हालांकि कुछ जानवरों भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर घायल हो गए।
पेड़ गिरने से यातायात बाधित
चकरनगर में आंधी-पानी से दर्जनों पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। मुख्य मार्ग में पेड़ गिरने से राहगीर फंस गए। स्थानीय पुलिस ने जेसीबी के माध्यम से पेड़ों को हटावाया। तब जाकर रास्ता खुल सका।
डीएम-एसएसपी ने ली नुकसान की जानकारी
तूफान से जनपद में नुकसान और हताहत की जानकारी डीएम-एसएसपी ने ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही पेड़ों के गिरने से मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस भी रास्तों में घूमती नजर आई। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होेंने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
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मौसम विभाग की चेतावनी से सहमे लोगों को बुधवार की शाम ने डरा दिया। शाम 6.55 पर अचानक बेहद तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी की शुरुआत हुई। आननफानन में लोग खुद बचाने में जुट गए जिसको जहां जगह मिली, वहीं रुक गया। शहर के मुख्य बाजार में आंधी के कहर से दुकानों के सामान बिखर गए। छाया के लिए लगाए गए तिरपाल फट कर जमीन पर आ गए। लोग खुद को संभालते तब तक हवा के साथ तेज बारिश की शुरुआत हो गई। शहर में करीब आधा घंटे तक प्रकृति का यह तांडव चला। कुछ देर पहले तक बाजार में जो रौनक थी, वह उजड़ सी गई। सड़कों से भीड़भाड़ गायब हो गई। उधर आंधी की शुरुआत होते ही बिजली गुल हो गई।
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वैदपुरा थाना क्षेत्र के बिजपुरी खेड़ा निवासी किसान अकील अहमद (45) पुत्र भूरे अपने खेत पर काम कर रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार आंधी आने से पास में मौजूद बिजली पोल टूट कर उनके ऊपर गिर गया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के आनंदनगर मोहल्ला निवासी जनक श्री (60) पत्नी विशंभर अपने घर के बाहर बैठी थी। आंधी आने से पास में मौजूद पेड़ की डाली टूटकर उनके पैरों पर गिरी जिसमें वह घायल हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंधी-पानी में नावली गांव के दोे अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
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महज 30 मिनट के तेज तूफान ने जनपद के अलग-अलग हिस्सों में तबाही मचा दी। तेज हवा के साथ धूल के गुबार से शाम को अंधेरा छा गया। जसवंतनगर, चकरनगर, सैफई, भरथना, बकेवर, ताखा में सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए। दर्जनों पेड़ धराशाही हो गए। दो कच्चे घरों की दीवार गिरने से हाहाकार मच गया। वहीं, कइयों की टिन उड़ गई। आंधी थमते ही पानी के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। एक घंटे तक लोग अपने घरों में दुबके रहे। मौसम विभाग ने पहले से सचेत कर रखा था कि पांच और आठ के बीच तेज तूफान आएगा। इसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट भी जारी कर दिया था। बुधवार शाम छह बजकर 55 मिनट पर तेज आंधी-पानी और ओलावृष्टि हुई। बिजली विभाग ने जनपद के सभी कस्बों की सप्लाई बंद कर दी, जिससे की कोई हताहत न हो सके। ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई।
ओले पड़ने से कस्बों में भारी नुकसान
जसवंतनगर। तूफान व बरसाती ओले पड़ने से लोगों के टीन टप्पर, झोपड़ियां व पेड़ उखड़ गए। इससे फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। लोग सहमे-सहमे घरों के अंदर रहकर कुदरत का कहर देखते रहे। कस्बा व आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान की हुआ है। भीषण चक्रवाती तूफान के साथ तेजी से ओलो की बौछार ने जन जीवन-अस्त व्यस्त कर दिया। इस दौरान लोगों की दुकानों व मकानों के आगे पड़ी टीनें उड़ गईं। कई पेड़ टूटकर गिर पडे़। इस भीषण तूफान ने गेहूं की फसल जो कटने को तैयार है उस पर भी खासा प्रभाव डाला है। लोगों के खेतों में पडे़ भूसा उड़ गए। भरथना में तेज आंधी और ओलावृष्टि से खेतों में लहरा रही फसल बिछ गई। गेहूं टूटकर गिरने से किसान बर्बाद हो गया। अचानक ओलावृष्टि से घंटों किसान घरों में दुबके रहे। हालांकि कुछ जानवरों भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर घायल हो गए।
पेड़ गिरने से यातायात बाधित
चकरनगर में आंधी-पानी से दर्जनों पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। मुख्य मार्ग में पेड़ गिरने से राहगीर फंस गए। स्थानीय पुलिस ने जेसीबी के माध्यम से पेड़ों को हटावाया। तब जाकर रास्ता खुल सका।
डीएम-एसएसपी ने ली नुकसान की जानकारी
तूफान से जनपद में नुकसान और हताहत की जानकारी डीएम-एसएसपी ने ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही पेड़ों के गिरने से मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस भी रास्तों में घूमती नजर आई। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होेंने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।