{"_id":"697f9c57d2ce98a4840defa0","slug":"smart-meter-current-bill-not-received-for-three-months-etawah-news-c-216-1-etw1004-137146-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: स्मार्ट मीटर का करंट, तीन महीने से बिल का पता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: स्मार्ट मीटर का करंट, तीन महीने से बिल का पता नहीं
विज्ञापन
फोटो 07::अशोक कुमार।
फोटो 08:: नीलम देवी।
फोटो 09::शिवपाल सिंह।
फोटो 10::आशा देवी।
- 2.5 लाख उपभोक्ताओं वाले जिले में लगभग 21 हजार घरों के मीटर हो चुके है स्मार्ट मीटर
- एकमुश्त बिल आने से लोग परेशान, अधिकारी जल्द ही समाधान का दे रहे आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बिजली निगम द्वारा जिले में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इस प्रक्रिया में लापरवाही के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। अब तक करीब 21 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हैरत की बात ये है कि मीटर लगने के तीन माह बाद भी पोर्टल पर बिल अपलोड नहीं हुए हैं।
जिले में बिजली निगम के तीन खंडों के तहत कुल 56 बिजली घरों से ढाई लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें 63 हजार शहरी और शेष ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता शामिल हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऑनलाइन बिल नियमित रूप से नहीं आ रहा है, जिससे कई उपभोक्ता दो से तीन महीने से बिल का इंतजार कर रहे हैं। पहले जहां पुराने मीटरों में हर माह आसानी से बिल निकल जाता था, वहीं अब नई तकनीक उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रही है।
स्मार्ट मीटर लगाने के समय विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया था कि इससे गलत बिल और बिल संबंधी अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे एकमुश्त भारी बिल आने के डर से चिंतित हैं। शहर में सबसे अधिक लगभग 12 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
बिजली निगम के अधिकारी उपभोक्ताओं को जल्द ही इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दे रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही बिलिंग प्रक्रिया सुचारू कर दी जाएगी। हालांकि, उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि अधिकारी अपने वादे को पूरा करेंगे और उन्हें बिल संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे। इस समस्या के समाधान से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे स्मार्ट मीटर के वास्तविक लाभों का अनुभव कर पाएंगे।
इन कारणों से जनरेट नहीं हो रहे बिल
- मीटर का स्थानीय नेटवर्क से न जुड़ना, जो अक्सर कमजोर सिग्नल या रिमोट कनेक्टिविटी के कारण होता है।
- नई स्थापना के बाद मीटर डेटा को सिस्टम के साथ सिंक करने में 6-8 सप्ताह तक लग सकता हैं।
- मीटर के इंटरनल सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी होने पर भी जानकारी नहीं दिखती।
- मीटर ठीक से काम कर रहा हो, लेकिन उसका इन-होम डिस्प्ले कनेक्ट न होने से भी बैलेंस या रीडिंग नहीं दिखती।
- यदि मीटर के रीडिंग कंसेंट को सही सेट नहीं किया गया है, तो बिजली आपूर्तिकर्ता को डेटा नहीं मिल पाता।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
स्मार्ट मीटर के बिल चेक करने के प्रमुख तरीके
- यूपीपीसीएल एप पर जाकर नो योर बिल सेक्शन में अपने अकाउंट नंबर का उपयोग करें।
- उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके अपना बिल स्टेटस जान सकते हैं।
- इसके साथ ही आप ऑनलाइन पेमेंट कंपनियों के माध्यम से भी बिल की जानकारी कर सकते है।
उपभोक्ताओं की बात
फोटो 07::अशोक कुमार।
1- शहर के नवीन मंडी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि अक्तूबर महींने का बिल आया था। तब से कोई बिल नहीं आया। एप डाउनलोड करने के बाद भी नहीं आया है। एक साथ बड़ी धनराशि जमा करने में समस्या आएगी।
फोटो 08:: नीलम देवी।
2- विवेक विहार निवासी नीलम देवी ने बताया कि दिसंबर माह के पहले सप्ताह में स्मार्ट मीटर लगा था। तब से अब तक बिल का कोई मैसेज नहीं आया है। मोबाइल एप के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कर्मचारियों से पूछते है तो कोई सही जानकारी ही नहीं देता।
फोटो 09::शिवपाल सिंह।
3- उपभोक्ता शिवपाल सिंह का कहना है कि नवंबर में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। कहा गया था कि अब प्रति महीने बिल मोबाइल पर मैसेज के जरिए आ जायेगा। अभी तक बिल का कोई मैसेज नहीं आया है। निगम में जानकारी तो कहा गया कि सिस्टम अपडेट हो रहा है, जल्द ही बिल का मैसेज आएगा।
फोटो 10::ऊषा देवी।
4- शिवानगर निवासी ऊषा देवी ने बताया कि नए मीटर को लेकर शुरू से ही संशय था। दो महींने से बिल का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों पर ऑनलाइन बिल चेक करवाने का प्रयास किया लेकिन वह भी नहीं हुआ। इस संबंध में कोई सही जानकारी नहीं दे पा रहा है।
वर्जन
सभी पुराने मीटरों को समय पर जमा कराकर उन्हें ऑनलाइन दर्ज कराए जाने व उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं समस्या हो रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा। नया स्मार्ट मीटर लगने को विधिवत रूप से काम शुरू करने में लगभग एक महीने का समय लगता है। जहां भी समस्या आ रही है, उसका तात्कालिक रूप से समाधान करवाया जाएगा। -ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
फोटो 08:: नीलम देवी।
फोटो 09::शिवपाल सिंह।
फोटो 10::आशा देवी।
- 2.5 लाख उपभोक्ताओं वाले जिले में लगभग 21 हजार घरों के मीटर हो चुके है स्मार्ट मीटर
- एकमुश्त बिल आने से लोग परेशान, अधिकारी जल्द ही समाधान का दे रहे आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बिजली निगम द्वारा जिले में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इस प्रक्रिया में लापरवाही के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। अब तक करीब 21 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हैरत की बात ये है कि मीटर लगने के तीन माह बाद भी पोर्टल पर बिल अपलोड नहीं हुए हैं।
जिले में बिजली निगम के तीन खंडों के तहत कुल 56 बिजली घरों से ढाई लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें 63 हजार शहरी और शेष ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता शामिल हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऑनलाइन बिल नियमित रूप से नहीं आ रहा है, जिससे कई उपभोक्ता दो से तीन महीने से बिल का इंतजार कर रहे हैं। पहले जहां पुराने मीटरों में हर माह आसानी से बिल निकल जाता था, वहीं अब नई तकनीक उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रही है।
विज्ञापन
स्मार्ट मीटर लगाने के समय विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया था कि इससे गलत बिल और बिल संबंधी अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे एकमुश्त भारी बिल आने के डर से चिंतित हैं। शहर में सबसे अधिक लगभग 12 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
बिजली निगम के अधिकारी उपभोक्ताओं को जल्द ही इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दे रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही बिलिंग प्रक्रिया सुचारू कर दी जाएगी। हालांकि, उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि अधिकारी अपने वादे को पूरा करेंगे और उन्हें बिल संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे। इस समस्या के समाधान से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे स्मार्ट मीटर के वास्तविक लाभों का अनुभव कर पाएंगे।
इन कारणों से जनरेट नहीं हो रहे बिल
- मीटर का स्थानीय नेटवर्क से न जुड़ना, जो अक्सर कमजोर सिग्नल या रिमोट कनेक्टिविटी के कारण होता है।
- नई स्थापना के बाद मीटर डेटा को सिस्टम के साथ सिंक करने में 6-8 सप्ताह तक लग सकता हैं।
- मीटर के इंटरनल सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी होने पर भी जानकारी नहीं दिखती।
- मीटर ठीक से काम कर रहा हो, लेकिन उसका इन-होम डिस्प्ले कनेक्ट न होने से भी बैलेंस या रीडिंग नहीं दिखती।
- यदि मीटर के रीडिंग कंसेंट को सही सेट नहीं किया गया है, तो बिजली आपूर्तिकर्ता को डेटा नहीं मिल पाता।
स्मार्ट मीटर के बिल चेक करने के प्रमुख तरीके
- यूपीपीसीएल एप पर जाकर नो योर बिल सेक्शन में अपने अकाउंट नंबर का उपयोग करें।
- उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके अपना बिल स्टेटस जान सकते हैं।
- इसके साथ ही आप ऑनलाइन पेमेंट कंपनियों के माध्यम से भी बिल की जानकारी कर सकते है।
उपभोक्ताओं की बात
फोटो 07::अशोक कुमार।
1- शहर के नवीन मंडी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि अक्तूबर महींने का बिल आया था। तब से कोई बिल नहीं आया। एप डाउनलोड करने के बाद भी नहीं आया है। एक साथ बड़ी धनराशि जमा करने में समस्या आएगी।
फोटो 08:: नीलम देवी।
2- विवेक विहार निवासी नीलम देवी ने बताया कि दिसंबर माह के पहले सप्ताह में स्मार्ट मीटर लगा था। तब से अब तक बिल का कोई मैसेज नहीं आया है। मोबाइल एप के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कर्मचारियों से पूछते है तो कोई सही जानकारी ही नहीं देता।
फोटो 09::शिवपाल सिंह।
3- उपभोक्ता शिवपाल सिंह का कहना है कि नवंबर में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। कहा गया था कि अब प्रति महीने बिल मोबाइल पर मैसेज के जरिए आ जायेगा। अभी तक बिल का कोई मैसेज नहीं आया है। निगम में जानकारी तो कहा गया कि सिस्टम अपडेट हो रहा है, जल्द ही बिल का मैसेज आएगा।
फोटो 10::ऊषा देवी।
4- शिवानगर निवासी ऊषा देवी ने बताया कि नए मीटर को लेकर शुरू से ही संशय था। दो महींने से बिल का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों पर ऑनलाइन बिल चेक करवाने का प्रयास किया लेकिन वह भी नहीं हुआ। इस संबंध में कोई सही जानकारी नहीं दे पा रहा है।
वर्जन
सभी पुराने मीटरों को समय पर जमा कराकर उन्हें ऑनलाइन दर्ज कराए जाने व उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं समस्या हो रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा। नया स्मार्ट मीटर लगने को विधिवत रूप से काम शुरू करने में लगभग एक महीने का समय लगता है। जहां भी समस्या आ रही है, उसका तात्कालिक रूप से समाधान करवाया जाएगा। -ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता