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Etawah News: सात मई से स्व-जनगणना, घर बैठे दर्ज करें अपनी जानकारी
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फोटो 24::::कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल। स्रोत स्वयं
- पोर्टल पर लॉगिन करके जानकारी कर सकते हैं अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। केंद्र सरकार ने जनगणना की पारंपरिक पद्धति में बड़ा बदलाव किया है। अब नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जिले में सात से 21 मई तक स्व-जनगणना कराई जाएगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक मकान गणना का कार्य होगा।
इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों का सही लेखाजोखा जुटाना और नागरिकों का समय बचाना है। स्व-जनगणना के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेब पोर्टल se.censusindia.gov.in पर लॉगिन करना होगा। यहां स्व-जनगणना का विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। पंजीकरण के बाद ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।
परिवार के मुखिया का विवरण जैसे नाम, आयु, पता और सदस्यों की संख्या भरें। इसके बाद लगभग 30-31 प्रश्नों वाली डिजिटल प्रश्नावली भरनी होगी। इसमें आवास की स्थिति, पेयजल, बिजली के स्रोत, शिक्षा का स्तर और रोजगार की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी। सभी जानकारी भरने के बाद एक 15 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर मिलेगा, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
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कर्मियों का प्रशिक्षण और प्रक्रिया
इटावा में जनगणना कार्य के लिए 20 अप्रैल से 29 अप्रैल तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। करीब चार हजार कर्मियों को 10 केंद्रों पर यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्व-जनगणना करने का यह मतलब नहीं है कि अधिकारी आपके घर नहीं आएंगे। प्रगणक सत्यापन के लिए आपके घर आएंगे। आपको उन्हें अपना 15 अंकों का रेफरेंस नंबर दिखाना होगा। यदि परिवार में कोई नया सदस्य जुड़ा है या कोई बदलाव हुआ है, तो अधिकारी उसे उसी समय अपडेट कर देंगे।
स्व-जनगणना के मुख्य लाभ
स्व-जनगणना से नागरिकों के समय की बचत होगी। यह प्रक्रिया नागरिकों को अपनी जानकारी निजी तौर पर भरने की सुविधा देती है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है। जानकारी स्वयं भरने के कारण त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। नागरिक अपनी सुविधानुसार किसी भी समय, नियत अवधि के भीतर, फॉर्म भर सकते हैं।
डिजिटल लिंक और सटीकता
जनगणना के लिए आने वाले कर्मी जब आपका रेफरेंस नंबर अपने डिवाइस में डालेंगे, तो आपकी भरी हुई जानकारी उनके डेटाबेस से लिंक हो जाएगी। इससे आपको दोबारा लंबी पूछताछ से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह प्रणाली डेटा की सटीकता सुनिश्चित करती है। सरकार का लक्ष्य है कि इस नई पद्धति से जनगणना का कार्य अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित हो। यह नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सात मई से स्व-जनगणना शुरू की जा रही है। जनगणना के लिए कर्मचारियों को 20 अप्रैल से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सभी का आना जरूरी है।- शुभ्रांत कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी
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इटावा। केंद्र सरकार ने जनगणना की पारंपरिक पद्धति में बड़ा बदलाव किया है। अब नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जिले में सात से 21 मई तक स्व-जनगणना कराई जाएगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक मकान गणना का कार्य होगा।
इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों का सही लेखाजोखा जुटाना और नागरिकों का समय बचाना है। स्व-जनगणना के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेब पोर्टल se.censusindia.gov.in पर लॉगिन करना होगा। यहां स्व-जनगणना का विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। पंजीकरण के बाद ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।
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परिवार के मुखिया का विवरण जैसे नाम, आयु, पता और सदस्यों की संख्या भरें। इसके बाद लगभग 30-31 प्रश्नों वाली डिजिटल प्रश्नावली भरनी होगी। इसमें आवास की स्थिति, पेयजल, बिजली के स्रोत, शिक्षा का स्तर और रोजगार की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी। सभी जानकारी भरने के बाद एक 15 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर मिलेगा, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
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कर्मियों का प्रशिक्षण और प्रक्रिया
इटावा में जनगणना कार्य के लिए 20 अप्रैल से 29 अप्रैल तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। करीब चार हजार कर्मियों को 10 केंद्रों पर यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्व-जनगणना करने का यह मतलब नहीं है कि अधिकारी आपके घर नहीं आएंगे। प्रगणक सत्यापन के लिए आपके घर आएंगे। आपको उन्हें अपना 15 अंकों का रेफरेंस नंबर दिखाना होगा। यदि परिवार में कोई नया सदस्य जुड़ा है या कोई बदलाव हुआ है, तो अधिकारी उसे उसी समय अपडेट कर देंगे।
स्व-जनगणना के मुख्य लाभ
स्व-जनगणना से नागरिकों के समय की बचत होगी। यह प्रक्रिया नागरिकों को अपनी जानकारी निजी तौर पर भरने की सुविधा देती है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है। जानकारी स्वयं भरने के कारण त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। नागरिक अपनी सुविधानुसार किसी भी समय, नियत अवधि के भीतर, फॉर्म भर सकते हैं।
डिजिटल लिंक और सटीकता
जनगणना के लिए आने वाले कर्मी जब आपका रेफरेंस नंबर अपने डिवाइस में डालेंगे, तो आपकी भरी हुई जानकारी उनके डेटाबेस से लिंक हो जाएगी। इससे आपको दोबारा लंबी पूछताछ से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह प्रणाली डेटा की सटीकता सुनिश्चित करती है। सरकार का लक्ष्य है कि इस नई पद्धति से जनगणना का कार्य अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित हो। यह नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सात मई से स्व-जनगणना शुरू की जा रही है। जनगणना के लिए कर्मचारियों को 20 अप्रैल से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सभी का आना जरूरी है।- शुभ्रांत कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी