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नोटबंदी से बिगड़े सहकारी बैंकों के हालात
इटावा
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:36 PM IST
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शिवपाल सिंह यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को सहकारी बैंक का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे समय से बैंक आएं। लेट होने पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर देखे। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंकें नोटबंदी से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
वह बुधवार सुबह पौने 11 बजे जिला सहकारी बैंक पहुंचे और करीब पौन घंटे तक निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार ने गंभीरतापूर्वक सहकारी बैंकों के उत्थान के बारे में काम नहीं किया है। जिला सहकारी बैंकों के हाल नोटबंदी के कारण खराब हैं। गलत निर्णय की वजह से ऐसा हुआ है। बैंकों के उत्थान के लिए जो भी धन आता है, वह राष्ट्रीयकृत बैंकों को दे दिया जाता है। सहकारी बैंकों की उपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों के आर्थिक उत्थान के लिए सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। बगैर सहकारिता को मजबूत किए हम गांव, गरीब और किसान के विकास की परिकल्पना को साकार नहीं कर सकते।
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वह बुधवार सुबह पौने 11 बजे जिला सहकारी बैंक पहुंचे और करीब पौन घंटे तक निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार ने गंभीरतापूर्वक सहकारी बैंकों के उत्थान के बारे में काम नहीं किया है। जिला सहकारी बैंकों के हाल नोटबंदी के कारण खराब हैं। गलत निर्णय की वजह से ऐसा हुआ है। बैंकों के उत्थान के लिए जो भी धन आता है, वह राष्ट्रीयकृत बैंकों को दे दिया जाता है। सहकारी बैंकों की उपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों के आर्थिक उत्थान के लिए सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। बगैर सहकारिता को मजबूत किए हम गांव, गरीब और किसान के विकास की परिकल्पना को साकार नहीं कर सकते।
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