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सैफई रिम्स में मिलेंगी एम्स जैसी सुविधाएं

Tue, 15 Dec 2015 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
अमर उजाला ब्यूरो इटावा। Updated Tue, 15 Dec 2015 11:04 PM IST
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Saifai rims disposal facilities like AIIMS
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि रिम्स में जल्द ही एम्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी।  सरकार और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का लक्ष्य है कि रिम्स को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त सुपर स्पेशिएलिटी संस्थान बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रयास शुरू कर दिया है। वह मंगलवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के 10वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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संस्थान के आडिटोरियम में आयोजित समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दीप प्रज्वलन व केक काटकर किया। संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य अतिथियों को शाल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिंह देकर किया। 
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करीब दस मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी की यह सोच है कि जरूरी स्वास्थ्य सुविधायें गरीबों तथा जरूरतमंद मरीजों तक बिना किसी अवरोध व कठिनाई के पहुंचे। प्रदेश सरकार गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना  चाहती है।
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इसके लिए नए मेडिकल कालेज भी खोले जा रहे हैं साथ ही सैफई जैसी जगह पर रिम्स जैसा संस्थान खुलना देश के अन्य भागों के लिए उदाहरण है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने तथा संस्थान के लिए जरूरी सुविधाओं के लिए समय-समय पर बजट उपलब्ध कराती रहती है।ताकि इलाज से कोई भी जरूरतमंद व गरीब वंचित न रहे।
 
इस दौरान चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, विशिष्ट अतिथि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति वीके पाठक, डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी प्रभाकर, संकाय अध्यक्ष प्रो. केएम शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ.(ब्रिगे) एसके गुप्ता, डॉ. वीएन त्रिपाठी, डॉ. सौदान सिंह पूर्व निदेशक रिम्स, दर्शन सिंह यादव ग्राम प्रधान, सैफई आदि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संस्थान की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया गया। अतिथियों ने विगत वर्षों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छा़त्र-छात्राओं को पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया। एमबीबीएस 2010 बैच से संस्तृति चौहान ने सर्वाधिक मेडल प्राप्त किए।

जिसमें डायरेक्टरस गोल्ड मेडल के अतिरिक्त रिम्सआर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। गरिमा सिंह ने शारदा गुुप्ता गोल्ड मेडल, रिम्सआर सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विषयों में अच्छा प्रदर्शन करने पर स्मृति जैन, आकांक्षा शर्मा, सुष्मिता गुप्ता तथा चारु यादव को रिम्सआर सिल्वर मेडल दिया गया।

संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगे) टी. प्रभाकर ने अपने संबोधन में कहा कि हर साल संस्थान में लगभग 6 लाख मरीजों का इलाज किया जाता है। इसके अतिरिक्त आने वाले 3 वर्षों में सुपर स्पेशिएलिटी के बन जाने के बाद इसके ब्रांचों में भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।


प्रारंभ में एमबीबीएस पाठ्यक्रम 100 छात्रों के साथ शुरू हुआ। इसकी संख्या अब 150 हो गयी है। पोस्ट ग्रेजुएट हेतु भी 50 सीटें एमसीआई से स्वीकृति की गई हैं। हमारा प्रयास अगले एक-दो वर्षों में यहॉ पर पीजी में छात्रों की संख्या बढ़ाकर 100 करने की है। इसके अतिरिक्त पैरामेडिकल, नर्सिंग तथा फार्मेसी के कोर्स भी चलाये जा रहे हैं।
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