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संरक्षा आयुक्त साढ़े दस घंटे बाद इटावा लौटे
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इटावा। जनपद से वाया मैनपुरी होते हुए फर्रुखाबाद तक नवनिर्मित विद्युत रेलखंड का निरीक्षण करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त मो. लतीफ खान बृहस्पतिवार की रात इटावा पहुंचे। स्पेशल ट्रेन से इन्हें इस कार्य में साढ़े दस घंटे लगे। स्पेशल ट्रेन इटावा से बृृहस्पतिवार दोपहर 12:07 बजे रवाना हुई थी। इटावा से फर्रुखाबाद तक स्पेशल ट्रेन को डीजल इंजन लेकर गया था।
संरक्षा आयुक्त की स्पेशल ट्रेन को फर्रुखाबाद से विद्युत इंजन बृहस्पतिवार रात 8:20 बजे मैनपुरी के लिए 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ले गया। जबकि मैनपुरी से इटावा लौटने में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इटावा जंक्शन स्टेशन पर रात 10:32 बजे पहुंचा।
इसके बाद स्पेशल ट्रेन रवाना हो गई। सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद अब इन तीनों जिलों के लोगों को विद्युत इंजन से ट्रेन चलाने के लिए सीआरएस की अनुमति वाली रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
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ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सवारी गाड़ी से पहले मालगाड़ी चलाई जाएगी। इस नवनिर्मित विद्युत रेलवे ट्रैक पर पहली सवारी गाड़ी चलाने की सभी को उम्मीद हैं। एक्सप्रेस ट्रेन चलने से यह तीनों जिले और नजदीक आ जाएंगे।
इटावा के लोगों को अभी मैनपुरी और फर्रुखाबाद जाने के लिए अलग-अलग सड़क मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है। मैनपुरी के लिए 55 किलोमीटर की दूरी और फर्रुखाबाद के लिए 100 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है।
एक्सप्रेस ट्रेन से चलने से दोनों जिलों तक जाना और ज्यादा सुविधाजनक होगा। आर्थिक बचत भी होगी और समय भी बचेगा।
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संरक्षा आयुक्त की स्पेशल ट्रेन को फर्रुखाबाद से विद्युत इंजन बृहस्पतिवार रात 8:20 बजे मैनपुरी के लिए 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ले गया। जबकि मैनपुरी से इटावा लौटने में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इटावा जंक्शन स्टेशन पर रात 10:32 बजे पहुंचा।
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इसके बाद स्पेशल ट्रेन रवाना हो गई। सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद अब इन तीनों जिलों के लोगों को विद्युत इंजन से ट्रेन चलाने के लिए सीआरएस की अनुमति वाली रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
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ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सवारी गाड़ी से पहले मालगाड़ी चलाई जाएगी। इस नवनिर्मित विद्युत रेलवे ट्रैक पर पहली सवारी गाड़ी चलाने की सभी को उम्मीद हैं। एक्सप्रेस ट्रेन चलने से यह तीनों जिले और नजदीक आ जाएंगे।
इटावा के लोगों को अभी मैनपुरी और फर्रुखाबाद जाने के लिए अलग-अलग सड़क मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है। मैनपुरी के लिए 55 किलोमीटर की दूरी और फर्रुखाबाद के लिए 100 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है।
एक्सप्रेस ट्रेन से चलने से दोनों जिलों तक जाना और ज्यादा सुविधाजनक होगा। आर्थिक बचत भी होगी और समय भी बचेगा।